डायरेक्टर आदित्य धर ने एक बार फिर अपनी काबिलियत साबित की है.आदित्य धर की ‘धुरंधर: द रिवेंज’ आज पेड प्रिव्यू के साथ रिलीज हो गई है। रणवीर सिंह और संजय दत्त जैसे सितारों से सजी इस फिल्म ने प्रीव्यू डे पर ही धूम मचा दी है। सिनेमाघरों के बाहर दर्शकों की भीड़ इकट्ठा है और अब फिल्म पर दर्शकों के रिव्यू आने भी शुरू हो गए हैं। 2025 की सबसे बड़ी हिट ‘धुरंधर’ के बाद ‘धुरंधर: द रिवेंज’ थिएटर में तूफान की तरह लौट आई है. रणवीर सिंह, संजय दत्त और अक्षय खन्ना स्टारर यह फिल्म न सिर्फ पहले पार्ट के अनसुलझे सवालों के जवाब देती है, बल्कि ‘हमजा’ के अतीत की डरावनी कहानी भी दिखाती है. 18 मार्च को पेड प्रीव्यू के साथ रिलीज हुई इस फिल्म के टिकट ज्यादा होने के बावजूद पहले ही हाउसफुल हो चुके थे. यह फिल्म देशभक्ति और पर्सनल स्ट्रगल का एक ऐसा मिक्स है जो दर्शकों के दिलों और दिमाग पर जरूर छा जाएगी
जब आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर’ 2025 में रिलीज हुई थी, तो किसी ने सोचा भी नहीं था कि यह बॉक्स ऑफिस का माहौल बदल देगी. यह उस साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली बॉलीवुड फिल्म बन गई. अब 3 महीने बाद डायरेक्टर आदित्य धर ‘धुरंधर 2’ के साथ वापस आ गए हैं. 18 मार्च को पेड प्रीव्यू के साथ रिलीज हुई इस फिल्म को लेकर जो क्रेज है, उसने साबित कर दिया है कि दर्शक अच्छी कहानियों के कितने भूखे हैं.
कहानी
‘धुरंधर 2’ की सबसे बड़ी ताकत इसकी कंटिन्यूटी है. आदित्य धर ने पहले पार्ट की कहानी को दूसरे पार्ट से इतने शानदार ढंग से जोड़ा है कि आपको पता भी नहीं चलेगा कि दोनों फिल्मों के बीच तीन महीने का गैप था. फिल्म ठीक वहीं से शुरू होती है जहां पहला पार्ट खत्म हुआ था, लेकिन इस बार कैनवस बहुत बड़ा और ज्यादा इमोशनल है. पूरी कहानी हमजा अली (रणवीर सिंह) के इर्द-गिर्द घूमती है. इस बार दर्शक हमजा के अतीत की परतें खुलते हुए देखेंगे. फिल्म फ्लैशबैक में जाती है और दिखाती है कि कैसे जसकीरत सिंह रंगी नाम का एक सीधा-सादा भारतीय नौजवान हालात से जूझते हुए ‘हमजा’ बनकर पाकिस्तान पहुंच जाता है. फिल्म का स्क्रीनप्ले डीमॉनेटाइजेशन से लेकर सर्जिकल स्ट्राइक तक असली घटनाओं से इतनी बारीकी से बुना गया है कि यह सिर्फ एक एक्शन फिल्म नहीं, बल्कि एक हिस्टोरिकल और पॉलिटिकल थ्रिलर बन जाती है.
एक्टिंग
‘हमजा’ के तौर पर रणवीर सिंह एक बार फिर गिरगिट की तरह किरदारों में ढलने की अपनी काबिलियत साबित करते हैं. जसकीरत सिंह की मासूमियत और हमजा की भयानक क्रूरता के बीच का बदलाव जो उनकी आंखों और बॉडी लैंग्वेज से दिखाया गया है, वो तारीफ के काबिल है. संजय दत्त और अर्जुन रामपाल ने फिल्म में वो ग्रे शेड्स डाले हैं जिनकी कहानी को जरूरत थी. संजय दत्त की स्क्रीन प्रेजेंस उतनी ही दमदार है, जबकि अर्जुन रामपाल का शांत लेकिन खतरनाक अंदाज डरावना है. राकेश बेदी और सारा अर्जुन ने फिल्म के इमोशनल पहलू को अच्छे से संभाला है. सारा अर्जुन अपनी कम उम्र के बावजूद बहुत मैच्योर परफॉर्मेंस देती हैं.
डायरेक्शन
आदित्य धर अब बॉलीवुड के उन डायरेक्टर्स में शामिल हो गए हैं जिनकी फिल्में उनके नाम पर बिकती हैं. ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ के बाद उन्होंने ‘धुरंधर’ सीरीज से अपनी एक अलग पहचान बनाई है. उनका डायरेक्शन इतना टाइट है कि फिल्म का एक भी सीन फालतू नहीं लगता. दूसरे पार्ट में उन्होंने तेज पेस बनाए रखा है और फ्लैशबैक को मौजूदा कहानी के साथ मिलाने में अपनी स्किल दिखाई है.
सिनेमैटोग्राफी
फिल्म की विजुअल अपील इंटरनेशनल है. चाहे वह पाकिस्तान की तंग गलियों का चित्रण हो या हाई-ऑक्टेन एक्शन, कैमरावर्क आपको अपनी सीट से बांधे रखता है. फिल्म में रोशनी और अंधेरे का खेल सस्पेंस को कई गुना बढ़ा देता है.
म्यूजिक
फिल्म का म्यूजिक ही इसकी जान है. इस बार गानों से ज्यादा बैकग्राउंड स्कोर पर ध्यान दिया गया है, जो हर जरूरी मोड़ पर आपके रोंगटे खड़े कर देता है. जब फिल्म का थीम म्यूजिक बजता है, तो थिएटर तालियों से गूंज उठता है.
अंतिम फैसला
‘धुरंधर 2’ सिर्फ एक सीक्वल नहीं है, बल्कि एक ऐसा सिनेमैटिक एक्सपीरियंस है जो लंबे समय तक आपके साथ रहता है. आदित्य धर ने साबित कर दिया है कि एक अच्छी कहानी और मजबूत विजन के साथ आप बॉक्स ऑफिस पर राज कर सकते हैं. फिल्म के टिकट महंगे होने के बावजूद, दर्शकों की भीड़ यह दिखाने के लिए काफी है कि फिल्म ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर होने की राह पर है. मेरी ओर से फिल्म को 5 में से 4 स्टार.

