कहने को तो उज्जैन शहर में रविदास समाज के लाखों लोग हैं, लेकिन बड़ी तादाद में इन लोगों के होने के बावजूद भी प्रशासन ने शंकरपुर स्थित लगभग 20 वर्ष पुराना रविदास महाराज का मंदिर तोड़ दिया है। जिसे लेकर समाजजन गुस्से में हैं। जिन्होंने इस कार्रवाई को गलत बताते हुए एक ज्ञापन सौंपा है और इसके साथ ही यह चेतावनी भी दी है कि यदि जल्द ही इस स्थान पर पुनः मंदिर का निर्माण नहीं किया जाता तो फिर हम देश भर में आंदोलन करेंगे।

पूरा मामला कुछ इस प्रकार है कि वार्ड क्रमांक 40 में स्थित रविदास मंदिर को प्रशासन द्वारा गलत तरीके से तोड़ दिया गया है। घटना पर रविदास समाज के लोगों ने अपनी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि यह मंदिर पिछले 15 वर्षों से बना हुआ था और इसे पटवारी की गलत रिपोर्ट के बाद तोड़ दिया गया है। इस मामले में रविदास समाज के लोगों ने पटवारी के खिलाफ कार्रवाई करने और मंदिर को पुनः उसी जगह पर स्थापित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इसी भूमि के एक हिस्से में अवैध फैक्टरी का हिस्सा भी आता है, जिसे नहीं तोड़ा गया है।
रविदास जयंती पर होना था भव्य आयोजन
रविदास समाज के लोगों ने बताया कि यहां पर संत रविदास की जयंती पर आयोजन किया जाना था, लेकिन पटवारी द्वारा भू माफियाओं के दबाव में मंदिर को तोड़ दिया गया है। उन्होंने इस घटना की निंदा की है और न्याय की मांग की है। इस मामले में रविदास समाज के लोगों ने सरकार से मांग की है कि मंदिर को पुनः उसी जगह पर स्थापित किया जाए और पटवारी को इस हलके से हटाया जाए।
भव्य मंदिर का हो निर्माण – कसुमारिया
रविदास समाज के संभागीय अध्यक्ष मनोहर सुरेश कसुमारिया ने बताया कि लगभग 15 से 20 वर्षों से यह मंदिर शंकरपुर में स्थित था जिस पर कभी कोई आपत्ति नहीं आई, लेकिन पटवारी राजेश सिंह ने कुछ दिनों पहले कुछ ऐसी रिपोर्टें बनाई कि इस मंदिर को अवैध बता दिया। जिसके कारण प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर रविदास महाराज के मंदिर को तोड़ा है। पटवारी द्वारा बनाई गई रिपोर्ट की फिर से जांच होना चाहिए और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को इस जगह को रविदास समाज के लिए आरक्षित कर यहां भव्य मंदिर का निर्माण करवाना चाहिए। आपने बताया कि पटवारी राजेश सिंह को हटाने के लिए हम जल्द ही टावर चौक अंबेडकर प्रतिमा के सामने धरना देंगे और विरोध जताएंगे।
एसडीएम से करवाई जाए जांच
शंकरपुर के वार्ड क्रमांक 40 में पटवारी की गलत रिपोर्ट के कारण शासन ने संत रविदास के मंदिर को हटाने की कार्रवाई की है। अतिक्रमण के नाम पर की गई कार्रवाई काफी गलत है, जिसको लेकर हमने ज्ञापन दिया है। हमारी मांगें है कि इस पर मामले में एसडीएम से जांच करवाई जानी चाहिए और पटवारी को हटाया जाना चाहिए। यह बात समाज के कैलाशचन्द्र राठौड़ ने कही और यह भी कहा कि अगर रविदास के मंदिर का निर्माण नहीं हुआ तो देश प्रदेश में आंदोलन किया जाएगा।