इंदौर : घर बनाने की बदलती तकनीकों के बाद अब एडवांस स्ट्रक्चरल टेक्नोलॉजी का ट्रेंड है, जिसे आर्किटेक्ट, स्ट्रक्चर इंजीनियर और मटेरियल सप्लायर से लेकर ठेकेदार तक फॉलो कर रहे हैं. कंक्रीट से बनी इमारतों में क्वालिटी कंस्ट्रक्शन के लिए एडवांस स्ट्रक्चरल तकनीक पर फोकस क्या जा रहा है. इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट ने इंदौर में बताया कि कैसे बिल्डिंग या भवन निर्माण में एडवांस स्ट्रक्चरल टेक्नोलॉजी समय की जरूरत सा बनता जा रहा है.
सुरक्षित व टिकाऊ कंस्ट्रक्शन के लिए जरूरी है ये तकनीक
स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग किसी भी निर्माण की स्ट्रक्चर हेल्थ के लिए जरूरी है, इसे इसलिए भी अपनाया जा रहा है क्योंकि कंस्ट्रक्शन सेक्टर में भवन निर्माण की नई-नई तकनीक जिनमें बीमलेस स्ट्रक्चर, बड़े स्पान वाले स्ट्रक्चर और टिकाऊ भवन निर्माण सामग्री को महत्वता दी जा रही है. इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ आर्किटेक्ट इंदौर सेंटर की मानक सचिव स्नेहल सोनटक्के बताती हैं, ” भारत एक फास्टेस्ट डेवलपिंग कंट्री है जहां बनने वाली इमारतें और निर्माण गुणवत्ता पूर्ण रखे के लिए एडवांस्ड स्ट्रक्चरल टेक्नोलॉजी को अपनाया जा रहा है. इसके लिए इस सेक्टर से जुड़े सभी स्टेकहोल्डर्स से भी चर्चा की जा रही है.”
इंदौर में लागू की गई एडवांस स्ट्रक्चर तकनीक
आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रहेंगे निर्माण
इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट की ओर से बताया गया कि भवन निर्माण करते समय उचित प्लानिंग, प्रमाणित टीएमटी सरिया, सही गुणवत्ता का कंक्रीट और नियमित सुपरविजन जैसे बिंदुओं को अनिवार्य किया जा रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ियों तक संबंधित निर्माण सुरक्षित रहे. इस अभियान में संबंधित पक्षों को जोड़ने के लिए समय-समय पर पैनल चर्चाओं का आयोजन भी हो रहा है, जिसमें संबंधित पक्ष के सभी लोग आधुनिक निर्माण इनोवेशन और बिल्डिंग सेफ्टी पर अनुभव भी साझा कर रहे हैं.
इंदौर के आर्किटेक्ट मनोज श्रीमाल ने कहा, ” निर्माण से जुड़े लोगों का उद्देश्य अब सिर्फ इमारतें खड़ी करना नहीं बल्कि वंडर आर्किटेक्चर का निर्माण करना हो गया है. इसके अलावा भवन निर्माण में आधुनिक तकनीक और सही मटेरियल आदि को लेकर भी एक गाइडलाइन तय की जा रही है, जिससे कि संबंधित सेक्टर का कोई भी व्यक्ति ऐसा निर्माण करे जो भविष्य के लिए एक सुरक्षित छत साबित हो सके.”
आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रहेंगे निर्माण
आखिर क्या है एडवांस स्ट्रक्चर?
एडवांस स्ट्रक्चर टेक्नोलॉजी में भवन निर्माण करने वाले सभी पक्षों के लिए गुणवत्तापूर्ण सामग्री, सुरक्षित वास्तुकला और उचित प्लानिंग के साथ नियमित सुपरविजन जरूरी किया गया है. इस मुहिम में इंदौर शहर के तमाम कंस्ट्रक्शन से जुड़े स्टेकहोल्डर और प्रोफेशनल शामिल हैं. आमतौर पर मकान बनाने वाले ठेकेदार इन बिंदुओं पर ध्यान नहीं रखते लेकिन अब इंदौर में इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट द्वारा इसे निर्माण में लागू किया जा रहा है. इसके अलावा वर्तमान दौर में 5:50 डी कहे जाने वाले सरिया और क्वालिटी पदार्थ का उपयोग जरूरी किया गया है.

