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*देश-विदेश की बड़ी खबरें 23 जून: तनाव बढ़ाने के खिलाफ अफगानिस्तान भी मुखर,संकटग्रस्त ईरान से महफूज भारत आने की खुशी,फिर ईरान तक कैसे पहुंचे B-2 बमवर्षक?दिल्ली 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए पूरी तैयार*

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आज के बड़े इवेंट 

गुजरात में ग्राम पंचायत चुनाव के लिए वोटिंग आज, वोटों की गिनती 25 जून को
आज अमित शाह छत्तीसगढ़ राज्य के दौरे पर रहेंगे
आरएसएस का मदुरै में आज भव्य कार्यक्रम होगा
दिल्ली में भारी बारिश के साथ आज या कल आ सकता है मॉनसून
इजरायल से भारतीय लोग वापस लाए जाएंगे, रेस्क्यू के लिए भारत चलाएगा ऑपरेशन

गुजरात में ग्राम पंचायत चुनाव के लिए आज वोटिंग होगी। आज अमित शाह छत्तीसगढ़ राज्य के दौरे पर रहेंगे। आरएसएस का मदुरै में आज भव्य कार्यक्रम होगा। दिल्ली में भारी बारिश के साथ आज या कल आ सकता है मॉनसून। इजरायल से भारतीय लोग वापस लाए जाएंगे, रेस्क्यू के लिए भारत चलाएगा ऑपरेशन।

विशाखापत्नम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि विश्व में योग के विस्तार के लिए भारत आधुनिक शोध के माध्यम से योग विज्ञान को सशक्त बना रहा है। हम योग के क्षेत्र में साक्ष्य आधारित चिकित्सा को भी प्रोत्साहित कर रहे हैं। दिल्ली एम्स ने इस संबंध में अच्छा काम किया है। इसके शोध से पता चला है कि हृदय और तंत्रिका संबंधी विकारों के उपचार में योग की महत्वपूर्ण भूमिका है, साथ ही यह महिलाओं के स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

फिर ईरान तक कैसे पहुंचे B-2 बमवर्षक?

अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर मिसाइल हमला कर दुनिया को हैरान कर दिया है। इसी के साथ अमेरिका ने ईरान के खिलाफ इजरायल के युद्ध में शामिल होने का भी ऐलान कर दिया है। अमेरिका ने बताया है कि उसने ईरान के फोर्डो परमाणु संवर्धन संयंत्र को तबाह करने के लिए अपने बहुचर्चित ‘बंकर-बस्टर’ बम का इस्तेमाल किया। अमेरिका दुनिया का एकमात्र देश है जो सैन्य रूप से घातक इस बम को अत्याधुनिक स्टील्थ बी2 बमवर्षक से गिराने में समक्ष है। ऐसे में सवाल उठता है कि इस बम को गिराने के लिए अमेरिकी बी-2 बमवर्षक किस रास्ते से ईरान तक पहुंचे। अब अमेरिका ने खुद इन बमवर्षकों के ईरान तक पहुंचने के रास्ते का खुलासा किया है।

अमेरिका ने ईरान पर गिराए 14 बम

ईरान पर हमले के बाद रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के साथ एक प्रेस कान्फ्रेंस में अमेरिका के ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष और वायु सेना के जनरल डैन केन ने कहा कि रविवार को फोर्डो और दूसरे लक्ष्य पर हमले में 14 बमों का इस्तेमाल किया गया। इस दौरान उन्होंने एक नक्शा भी दिखाया, जिसमें अमेरिकी बी-2 बमवर्षक विमानों के अमेरिका से ईरान तक पहुंचने के रास्ते को दर्शाया गया था। उन्होंने बताया कि इस योजना का पता अमेरिका और टैम्पा में बहुत कम अमेरिकी नेताओं और अधिकारियों को था। उन्होंने यह भी बताया कि उड़ान के दौरान बी-2 बमवर्षकों में हवा में ही कई बार ईंधन भी भरा गया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाए गए नक्शे के अनुसार, अमेरिकी बी-2 बमवर्षक विमान अमेरिका से उड़ने के बाद उत्तरी अटलांटिक महासागर पार करते हुए जिब्राल्टर जलडमरूमध्य से होते हुए ईरान की ओर बढ़े। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान अमेरिकी बमवर्षक विमान अधिकतर समय अंतरराष्ट्रीय वायु क्षेत्र में बने रहे। इसके बाद उन्होंने स्पेन और उत्तरी अफ्रीका के बीच से होते हुए भूमध्य सागर के ऊपर से उड़ान भरी। इसके बाद विमान इजरायली हवाई क्षेत्र से उड़ते हुए पहले जॉर्डन पहुंचे और फिर ईराक को पार किया। इसके बाद उन्होंने ईरान के परमाणु ठिकानों पर बमबारी की और वापस लौट गए।

7 B-2 स्पिरिट बमवर्षकों ने ईरान पर किया हमला

जनरल डैन केन ने बताया कि मुख्य स्ट्राइक पैकेज में सात B2 स्पिरिट बमवर्षक शामिल थे। इनमें से प्रत्येक को 2 क्रू मेंबर उड़ा रहे थे। इस पूरे अभियान के दौरान पायलटों ने कम से कम कम्युनिकेशन का इस्तेमाल किया, जिससे उनके इंटरसेप्ट होने का खतरा न हो। इन विमानों ने लक्ष्य क्षेत्र में 18 बार उड़ान भरकर बमबारी की और वापस लौट आए। अमेरिका ने ईरान के खिलाफ हमले का नाम ऑपरेशन मिडनाइट हैमर दिया है।

जजों के लिए आचार संहिता, रिटायरमेंट के बाद उनकी नियुक्ति पर संसदीय समिति करेगी मंथन

संसद की एक समिति उच्च न्यायपालिका में जजों के लिए आचार संहिता पर चर्चा करने के लिए तैयार है। इसके साथ ही सरकार दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व जज यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी में है। जस्टिस वर्मा राष्ट्रीय राजधानी स्थित अपने आवास से बेहिसाबी नकदी की बरामदगी के कारण जांच के घेरे में हैं।

मंगलवार की बैठक में होगा विचार-विमर्श

संसद की कार्मिक, लोक शिकायत, विधि एवं न्याय संबंधी स्थायी समिति मंगलवार को होने वाली बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा करेगी। साथ ही जजों की सेवानिवृत्ति के बाद की नियुक्तियों पर भी विचार-विमर्श करेगी। समिति सचिवालय द्वारा भेजे गए एक नोटिस में समिति के सदस्यों को अवगत कराया गया कि समिति उच्च न्यायपालिका के जजों के लिए आचार संहिता और सेवानिवृत्ति के बाद जजों के पद ग्रहण करने के मुद्दों से संबंधित ‘न्यायिक प्रक्रियाएं और उनके सुधार’ विषय पर न्याय विभाग के सचिव से बात करेगी।

 स्थायी समिति में कौन कौन है सदस्य

राज्यसभा की इस समिति के अध्यक्ष बीजेपी सांसद बृजलाल हैं और इसमें भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई (जो एक मनोनीत सांसद हैं), पूर्व कानून राज्य मंत्री पी पी चौधरी, तृणमूल कांग्रेस सांसद सुखेंदु शेखर राय और कल्याण बनर्जी, कांग्रेस के विवेक तन्खा और द्रमुक के पी विल्सन तथा ए राजा इसके प्रमुख सदस्य हैं। जहां जस्टि वर्मा पर महाभियोग चलाए जाने की संभावना है, वहीं विपक्ष इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज जस्टिस शेखर यादव के खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई के लिए पहले ही नोटिस दे चुका है।

जज के घर नकदी बरामद होने से उठने लगे सवाल

नकदी बरामद होने के बाद जस्टिस वर्मा को उनकी मूल अदालत इलाहाबाद उच्च न्यायालय में वापस भेज दिया गया। उन्होंने अपने खिलाफ लगे आरोपों से इनकार किया है। राज्यसभा सचिवालय उन सांसदों के हस्ताक्षरों का भी सत्यापन कर रहा है, जिन्होंने जस्टिस यादव के खिलाफ कथित नफरती भाषण को लेकर महाभियोग नोटिस पर हस्ताक्षर किए थे। सचिवालय पहले ही सांसदों को उनके हस्ताक्षरों की पुष्टि के लिए पत्र लिख चुका है।

ईरान पर अमेरिकी हमलों की हिजबुल्ला ने निंदा की; तनाव बढ़ाने के खिलाफ अफगानिस्तान भी मुखर

पश्चिम एशिया में ईरान और इस्राइल के टकराव के बीच अमेरिकी सेना का ऑपरेशन मिडनाइट हैमर पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा रहा है। अमेरिकी सेना ने ईरान के परमाणु ठिकानों को तबाह करने का दावा किया है। अब पूरी दुनिया की नजरें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की आपात बैठक पर हैं। ईरान पर ताबड़तोड़ हवाई हमलों को इस्राइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अभूतपूर्व कार्रवाई बताया। ईरान की संसद में होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने संबंधी प्रस्ताव पारित होने की खबर है। अब UNSC की बैठक में पश्चिम एशिया के तनाव पर बैठक हो रही है। पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव, वैश्विक ताकतों के अप्रत्याशित टकराव से जुड़ी हर अपडेट्स इस लाइव ब्लॉग में पढ़िए

ईरान के परमाणु स्थलों के पास विकिरण रिसाव की सूचना नहीं: स्वास्थ्य मंत्रालय
अमेरिकी सेना की कार्रवाई के बाद ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि अमेरिकी हमलों के बाद देश के परमाणु केंद्रों के पास कोई रेडियोधर्मी रिसाव नहीं पाया गया है। सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के हवाले से जारी रिपोर्ट के मुताबिक स्वास्थ्य मंत्रालय ने ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के आकलन और अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की निगरानी का हवाला देते हुए विकिरण रिसाव न होने का आश्वासन दिया।

UNSC की बैठक में ईरान की दो टूक, इस्राइल-अमेरिका के हमले ‘राजनीति से प्रेरित कार्रवाई’
यूएन में ईरान के राजदूत अली बहरीनी ने सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा, ईरान पर इस्राइल और अमेरिका के हमले “अचानक” नहीं हुए। हमले अमेरिका और उसके यूरोपीय भागीदारों की “राजनीति से प्रेरित कार्रवाइयों” का परिणाम हैं। बहरीनी ने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच होने वाली परमाणु वार्ता से दो दिन पहले ईरान पर हमला कर इस्राइल ने ‘कूटनीति’ का रास्ता छोड़ दिया। उन्होंने कहा, पश्चिम को उम्मीद है कि ईरान वार्ता की मेज पर वापस आएगा। सवाल यह है कि ईरान ने ‘कभी वार्ता छोड़ी ही नहीं। ईरानी राजदूत ने कहा कि परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) को ‘राजनीतिक हथियार में बदल दिया गया है … आक्रामक और गैरकानूनी कार्रवाई के बहाने के रूप में इसका इस्तेमाल किया गया है।

यूएन में पाकिस्तानी राजदूत ने अमेरिका की निंदा की
पाकिस्तान ने ईरानी परमाणु केंद्रों पर अमेरिकी हमले की निंदा की है। यूएन में पाकिस्तानी राजदूत असीम इफ्तिखार अहमद ने यूएनएससी की आपात बैठक के दौरान कहा, इस्राइल की आक्रामकता और गैरकानूनी कार्रवाइयों के परिणामस्वरूप तनाव और हिंसा में बढ़ना बेहद परेशान करने वाली है। टकराव बढ़ने के विनाशकारी परिणाम होंगे। पाकिस्तान इस चुनौतीपूर्ण समय के दौरान ईरान की सरकार और नागरिकों के साथ एकजुट होकर खड़ा है।

यूएन के मंच से अमेरिकी राजदूत ने चेतावनी दी
अपने नागरिकों, अमेरिकी ठिकानों पर ईरान के किसी भी संभावित हमले का ‘विनाशकारी प्रतिशोध’ लिया जाएगा। ये चेतावनी ईरान को दी गई है। यूएन में अमेरिकी राजदूत डोरोथी शीया ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की बैठक के दौरान कहा, अमेरिकी सैन्य हमले ईरानी परमाणु केंद्रों पर किए गए। इसका मकसद ईरान की परमाणु संवर्धन क्षमता को नष्ट करना था। ईरान ने लंबे समय तक अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम को छिपाया और हाल की वार्ताओं में भी सद्भावना भरे प्रयासों को बाधित किया। अपने सहयोगी और अपने नागरिकों और हितों की रक्षा के लिए अमेरिका ने निर्णायक कार्रवाई का फैसला लिया। उन्होंने आगाह किया कि ईरान को अब आगे नहीं बढ़ना चाहिए… अगर उसने अमेरिकियों या अमेरिकी ठिकानों के खिलाफ़ किसी भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष हमले किए तो इसके नतीजे विनाशकारी होंगे। ईरान को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।

रूस ने कहा- अमेरिकी हमले ‘पेंडोरा बॉक्स’ खोलने की तरह
संयुक्त राष्ट्र में पश्चिम एशिया के तनाव पर चर्चा के दौरान रूस के राजदूत वसीली नेबेन्ज़्या ने यूएन सुरक्षा परिषद की आपात बैठक के दौरान कहा, ईरान के परमाणु केंद्रों पर हमले करना ऐसा है जैसे अमेरिका ने पेंडोरा बॉक्स खोल दिया हो। अमेरिका ने ‘एक बार फिर, अंतरराष्ट्रीय समुदाय के प्रति अवमानना प्रदर्शित की है। रूसी राजदूत के मुताबिक न केवल हजारों फलस्तीनी महिलाओं, बच्चों और बूढ़ों की हत्याओं की अनदेखी की जा रही है, बल्कि पूरी मानवता की सुरक्षा और भलाई के साथ भी समझौता हो रहा है। अमेरिका के हमले के बाद ‘कोई नहीं जानता कि क्या नई तबाही और त्रासदी आने वाली है।

चीन तनाव बढ़ने से ‘गहरी चिंता’ में है: चीन के यूएन दूत
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर चीन के राजदूत फू कांग ने भी चिंता जताई। यूएनएससी की आपात बैठक में चर्चा के दौरान चीन ने कहा, ईरान पर अमेरिकी हमलों और परमाणु केंद्रों पर बमबारी की चीन कड़ी निंदा करता है। उन्होंने कहा, हम तत्काल युद्ध विराम की मांग करते हैं। उन्होंने कहा ‘चीन स्थिति के नियंत्रण से बाहर होने के जोखिम को लेकर बहुत चिंतित है। फू कांग ने कहा, संघर्ष में शामिल पक्षों, खास तौर पर इस्राइल को तत्काल युद्ध विराम पर करना चाहिए ताकि ‘युद्ध बढ़ने’ से बचा जा सके।

यूएन में ब्रिटिश राजदूत ने कहा- हम ‘ईरान से संयम बरतने का आग्रह करते हैं’
संयुक्त राष्ट्र में यूनाइटेड किंगडम- UK के राजदूत बारबरा वुडवर्ड ने सुरक्षा परिषद के आपातकालीन विशेष सत्र में देश का पक्ष रखा। उन्होंने यूएनएससी से कहा, संघर्ष क्षेत्रीय और अंतराष्ट्रीय शांति और स्थिरता के लिए गंभीर जोखिम पैदा करता है। अब हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता तनाव कम करने का समर्थन करना होनी चाहिए। यूके ने अमेरिका या इस्राइल के हमलों में भाग नहीं लिया। केवल सैन्य कार्रवाई ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में चिंताओं का स्थायी समाधान नहीं कर सकती। हम ईरान से संयम बरतने का आग्रह करते हैं और हम सभी पक्षों से बातचीत की मेज पर लौटने और कूटनीतिक समाधान खोजने का आग्रह करते हैं।

खामनेई के सलाहकार ने कहा- अमेरिकी हमलों के बावजूद ईरान का समृद्ध यूरेनियम महफूज
ईरान के सर्वोच्च नेता खामनेई के एक सलाहकार ने कहा कि प्रमुख परमाणु स्थलों पर अमेरिका द्वारा हमलों के बावजूद देश के पास अभी भी समृद्ध यूरेनियम का भंडार है। एक्स पर एक पोस्ट में अली शमखानी ने कहा, “भले ही परमाणु स्थल नष्ट हो जाएं, लेकिन खेल खत्म नहीं हुआ है, समृद्ध सामग्री, स्वदेशी ज्ञान, राजनीतिक इच्छाशक्ति बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक और परिचालन से जुड़ी पहल अब उस पक्ष के पास होती है जो चतुराई से खेलता है, अंधाधुंध हमलों से बचता है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में आश्चर्य जारी रहेगा!

न्यूयॉर्क में युद्ध-विरोधी प्रदर्शन, हाई अलर्ट पर कई शहर
अमेरिका के न्यूयॉर्क समेत कई प्रमुख शहर हाई अलर्ट पर हैं। ईरान पर अमेरिकी हमलों के बाद न्यूयॉर्क में युद्ध-विरोधी प्रदर्शन भी हुए। 

ईरान में सत्ता परिवर्तन पर ट्रंप का बड़ा बयान, कहा- MIGA

तीन परमाणु ठिकानों पर हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ईरान में सत्ता परिवर्तन का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि अगर वर्तमान ईरानी शासन ईरान को फिर से महान बनाने में असमर्थ है, तो सत्ता परिवर्तन क्यों नहीं होगा। इस दौरान उन्होंने अमेरिका की सेना की भी जमकर तारीफ की। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा, ‘सत्ता परिवर्तन शब्द का उपयोग करना राजनीतिक रूप से सही नहीं है, लेकिन अगर वर्तमान ईरानी शासन ईरान को फिर से महान बनाने में असमर्थ है, तो सत्ता परिवर्तन क्यों नहीं होगा?? MIGA (Make Iran Great Again)!

ट्रंप ने अमेरिकी सेना की जमकर तारीफ की
ट्रुथ सोशल पर एक अलग पोस्ट में, ट्रंप ने अमेरिकी सेना के प्रदर्शन की जमकर तारीफ की। उन्होंने लिखा, ‘ईरान में परमाणु ठिकानों को काफी नुकसान पहुंचा है। हमले कठोर और सटीक थे। हमारी सेना ने शानदार कौशल दिखाया। एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा, ‘हमारे महान बी-2 बमवर्षक विमान के पायलट अब सुरक्षित मिसौरी में लौट आए हैं। उन्हें बेहतरीन काम के लिए धन्यवाद।’

ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के एक दिन बाद की ट्रंप ने टिप्पणी
राष्ट्रपति ट्रंप की यह टिप्पणी अमेरिका के ऑपरेशन मिडनाइट हैमर शुरू करने के एक दिन बाद आई है। इस ऑपरेशन के तहत अमेरिका ने ईरान के तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया, जिसमें फोर्डो, नतांज और इस्फहान शामिल हैं। अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने रविवार (स्थानीय समयानुसार) को ईरान में शुरू किए गए ऑपरेशन की सफलता की पुष्टि की। 

हेगसेथ ने कहा- राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश पर किए गए हमले
ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ एयर फोर्स के अध्यक्ष जनरल डैन कैन के साथ रक्षा मंत्री हेगसेथ ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान के फोर्डो, इस्फहान और नतांज में सफलतापूर्वक सटीक हमले किए हैं। उन्होंने कहा कि ये हमले राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश पर किए गए। उन्होंने बताया कि हमलों का मकसद ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म या बहुत कमजोर करना था। 

संकटग्रस्त ईरान से महफूज भारत आने की खुशी, परिजनों से मिलकर खिले चेहरे; अब तक 1700+ की वापसी

भारत सरकार ने ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए ऑपरेशन सिंधु शुरू किया है। इस ऑपरेशन के तहत रविवार को 285 भारतीय नागरिक विशेष विमान से दिल्ली पहुंचे। इसके साथ ही ईरान से निकाले गए भारतीयों की संख्या 1,713 हो गई है।

राज्य मंत्री पाबित्रा मार्गेरिटा ने कहा कि ईरान से 285 भारतीय नागरिकों को लेकर विशेष निकासी विमान नई दिल्ली पहुंच चुका है। विमान में मुख्य रूप से 10 राज्यों- बिहार, जम्मू कश्मीर, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र सहित अन्य से भारतीय नागरिक सवार थे। उन्होंने बताया कि ईरान से निकाले गए भारतीय नागरिकों की कुल संख्या अब 1713 हो गई है। हमने अगले 2 दिनों के लिए ईरान से 2-3 और उड़ानें निर्धारित की हैं। उन्होंने कहा कि हम ईरान और इस्राइल में रहने वाले सभी भारतीय नागरिकों के लगातार संपर्क में हैं। 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि ऑपरेशन सिंधु के तहत भारत अपने लोगों को वापस लाने की लगातार कोशिशें कर रहा है। उन्होंने बताया कि 22 जून की रात 11:30 बजे ईरान के मशहद शहर से एक विशेष विमान 285 भारतीयों को लेकर नई दिल्ली पहुंचा। विदेश राज्य मंत्री पाबित्रा मार्गेरिटा ने एयरपोर्ट पर भारतीय नागरिकों का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि अब तक कुल 1,713 भारतीयों को ईरान से वापस लाया जा चुका है।

ट्रंप ने चंद मिनट पहले लिया ईरानी ठिकानों पर बम गिराने का फैसला

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने परमाणु ठिकानों पर हमला करने का अंतिम निर्णय बम गिराए जाने से कुछ मिनट पहले लिया। उन्होंने कहा कि ट्रंप के पास आखिरी समय तक हमला रोकने का विकल्प था, लेकिन उन्होंने आगे बढ़ने का निर्णय लिया। 

उपराष्ट्रपति वेंस ने एक इंटरव्यू में कहा कि ट्रंप के पास आखिरी समय तक हमला रोकने का विकल्प था, लेकिन उन्होंने आगे बढ़ने का निर्णय लिया। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने शनिवार शाम 6:40 बजे (स्थानीय समयानुसार) ईरान के तीन परमाणु ठिकानों- फोर्डो, नतांज और इस्फहान पर शक्तिशाली ‘बंकर बस्टर’ बम गिराए। यह हमला ईरान में रविवार तड़के करीब 2:10 बजे हुआ।

इस्राइल-ईरान संघर्ष में शामिल होने पर बहुत दिनों से विचार कर रहे थे ट्रंप
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप पिछले कुछ दिनों से इस बात पर विचार-विमर्श कर रहे थे कि अमेरिका को ईरान और इस्राइल के संघर्ष में शामिल होना चाहिए या नहीं। उन्होंने अपने प्रेस सचिव को हाल के दिनों में ब्रीफिंग रूम से दो सप्ताह की समयसीमा पेश करने का निर्देश दिया था। हालांकि, वह इस्राइल के सैन्य अभियान में शामिल होने के पक्ष में दिखाई दिए थे, जबकि उनके दूत स्टीव विटकॉफ अभी भी कूटनीतिक प्रयास कर रहे थे। एक वरिष्ठ व्हाइट हाउस अधिकारी ने बताया कि ट्रंप ने शनिवार को हमला करने का अंतिम आदेश दिया और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को आगे बढ़ने का निर्देश दिया। 

अमेरिका अब ईरान के जवाबी हमले की प्रतीक्षा कर रहा: वेंस
रिपोर्ट के मुताबिक, उपराष्ट्रपति वेंस ने कहा कि अमेरिका अब यह देख रहा है कि क्या ईरान अमेरिकी सैनिकों पर जवाबी हमला करता है या अपना परमाणु हथियार कार्यक्रम जारी रखता है। उन्होंने मौजूदा स्थिति को बहुत नाजुक बताया और कहा कि अगले 24 घंटों में ईरान की मंशा साफ हो जाएगी। वेंस ने यह भी कहा कि अमेरिका को अभी तक ईरान से कुछ अप्रत्यक्ष संदेश मिले हैं। इससे पहले रविवार को रक्षा मंत्री हेगसेथ ने बताया था कि अमेरिका ने कई रास्तों से ईरान को सीधे संदेश भेजे हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही रोकना ईरान को पड़ेगा भारी: वेंस
जब उपराष्ट्रपति वेंस से पूछा गया कि अगर ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही रोकने की कोशिश करता है तो क्या होगा। इस पर उन्होंने कहा कि यह कदम ईरान के लिए आत्मघाती साबित होगा और उनकी खुद की अर्थव्यवस्था को तबाह कर देगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि अमेरिका को ईरान में जमीन पर सैनिक भेजने की कोई योजना नहीं है, और उन्होंने इस बात को खारिज कर दिया कि अमेरिका इस युद्ध में गहराई से उलझेगा।

आठ मिनट से ज्यादा रोका वाहन तो लगेगा 50 रुपये का झटका

इसके तहत यात्रियों को लेकर आने वाले वाहनों को पिक एंड ड्रॉप क्षेत्र में मात्र आठ मिनट ही रुकने दिया जाएगा। आठ मिनट से ज्यादा होने पर 50 रुपये लिए जाएंगे। यदि वाहन 15 से 30 मिनट तक रुकता तो 200 रुपये देना होगा।

आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर यह व्यवस्था पहले से चल रही है। पहले कमर्शियल वाहनों से पिक एंड ड्राॅप पर भी शुल्क लिया जाता था। सिर्फ निजी वाहनों को पहले 8 मिनट की छूट थी, लेकिन अब हर वाहन के लिए पहले 8 मिनट तक छूट रहेगी। इससे ज्यादा समय तक रुकने पर शुल्क लागेगा। अधिकारियों का मानना है कि यह नई प्रणाली ट्रैफिक को सुचारू बनाएगी। साथ ही ड्रॉप लेन में गैर जरूरी रुकावटों को कम करेगी।

आठ मिनट में निकलना संभव नहीं
इस व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि यह व्यवस्था छोटे बैग वाले या बिना सामान वाले यात्रियों के लिए तो सही हो सकती है, लेकिन भारी सामान या बुजुर्ग यात्रियों के साथ आए लोग आठ मिनट के भीतर स्टेशन से बाहर नहीं निकल पाएंगे। ऐसे में उनसे 50 और 200 रुपये लिए जाएंगे। एक कार में कई यात्री होते हैं। यात्री कार से उतरेंगे और फिर अपना सामान भी निकालेंगे। ऐसे में आठ मिनट के भीतर स्टेशन से निकलना संभव नहीं है।

‘हम ईरान में अपने लक्ष्य हासिल करने के करीब’, इस्राइली सेना की कार्रवाई पर PM नेतन्याहू

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को ऑपरेशन राइजिंग लाइन को लेकर पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा कि इस्राइल ईरान में बैलिस्टिक मिसाइलों और परमाणु कार्यक्रम के खतरों को दूर करने के अपने लक्ष्यों के बहुत करीब है। नेतन्याहू ने कहा कि ईरान हमें मिटाना चाहता है। इसलिए हमने अपने अस्तित्व को बचाने…

नेतन्याहू ने रविवार को तेल अवीव में इस्राइली पत्रकारों से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि हम जरूरी कामों को करते रहेंगे, लेकिन जल्बाजी में कुछ खत्म नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि जब हमारे मकसद पूरे हो जाएंगे, तब ऑपरेशन राइजिंग लायन बंद कर दिया जाएगा और लड़ाई भी खत्म हो जाएगी। 

हमें मिटाना चाहता है ईरान
नेतन्याहू ने आगे कहा कि मुझे इसमें कोई शक नहीं है कि ईरान की सरकार हमें मिटा देना चाहती है। इसलिए हमने अपने अस्तित्व के लिए दो ठोस खतरों को खत्म करने के लिए ऑपरेशन राइजिंग लायन की शुरुआत की, इन खतरों में परमाणु खतरा और बैलिस्टिक मिसाइल शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हम धीरे-धीरे इन खतरों को खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। हम उन्हें पूरा करने के बहुत करीब हैं। 

अमेरिका ने चीन से ईरान को समझाने की अपील की
इस बीच, अमेरिका ने चीन से अपील की है कि वह ईरान को समझाए कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद न करे। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने रविवार को बयान देते हुए कहा कि अगर ईरान यह जलमार्ग बंद करता है, तो इससे पूरी दुनिया की तेल आपूर्ति और व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। मार्को रुबियो ने कहा कि, ‘चीन की ईरान के साथ करीबी बातचीत है, और हम उम्मीद करते हैं कि वह इस स्थिति को शांत करने में मदद करेगा।’ अमेरिका की यह अपील ऐसे समय आई है जब क्षेत्र में टकराव का खतरा लगातार बढ़ रहा है।

क्या है होर्मुज जलडमरूमध्य?
यह जलमार्ग फारस की खाड़ी और अरब सागर के बीच मौजूद है। दुनिया का लगभग 30% तेल यहीं से होकर गुजरता है। अगर यह बंद होता है, तो वैश्विक तेल कीमतों और सप्लाई पर बड़ा असर पड़ सकता है। वहीं इस्राइल से तनाव और अमेरिकी हमले के बीच ईरान की तरफ से लगातार इसे बंद करने की धमकी से वैश्विक ऊर्जा संकट का खतरा गहराया है।

रूस ने अमेरिकी हमले की कड़ी निंदा की
रूस ने ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर अमेरिका की तरफ से किए गए हमलों की कड़ी निंदा की है। इन हमलों को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों का गंभीर उल्लंघन है। रूसी विदेश मंत्रालय ने आगे बयान में कहा कि किसी भी तर्क के आधार पर एक संप्रभु देश की जमीन पर मिसाइल और बमबारी करना पूरी तरह अस्वीकार्य है। खासकर तब, जब ये हमला उस देश ने किया हो जो खुद यूएन सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य है। 

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घाटी में आठ दिन पहले मानसून की दस्तक, 27 जून तक ऑरेंज अलर्ट

इस बार मानसून सामान्य तारीख 30 जून से आठ दिन पहले पहुंचा है। बीते दो दिन से जम्मू संभाग के कई हिस्सों में बारिश हो रही है। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर ने 25 से 27 जून के बीच प्रदेश के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

खराब मौसम में संभावित क्षेत्रों में भूस्खलन, पहाड़ों से पत्थर गिरने और बाढ़ का खतरा रहेगा। जम्मू संभाग के जम्मू, रामबन, रियासी, उधमपुर, सांबा, कठुआ, डोडा, किश्तवाड़ और कश्मीर के अनंतनाग जिले में ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए आपात प्रबंधन मजबूत करने के लिए कहा गया है। विभाग के निदेशक डाॅ. मुख्तियार अहमद ने प्रदेश में सामान्य समय से पहले मानसून के पहुंचने की पुष्टि की है।

जम्मू समेत कई हिस्सों में रविवार को लगातार दूसरे दिन बारिश हुई। श्रीनगर का तापमान भी लगभग जम्मू जैसा चल रहा है। यहां तीखी धूप में पसीने छूट रहे हैं।

कहां-कितना अधिकतम पारा (डिग्री सेल्सियस में)

जम्मू कश्मीर में कब-कब पहुंचा मानसून

दिल्ली 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए पूरी तैयार

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी और पूरा देश 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है। गुप्ता ने आशा जताई की कि विश्व समुदाय यह सम्मान भारत को प्रदान करेगा जो ओलंपिक का पूर्ण समर्पण के साथ आयोजन करेगा।

रेखा गुप्ता यहां जेएलएन स्टेडियम से ‘ओलंपिक डे रन’ को केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया के साथ हरी झंडी दिखाने के बाद पत्रकारों से बात कर रही थीं। इस मौके पर भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पी टी उषा भी मौजूद थीं। गुप्ता ने पत्रकारों को बताया कि दिल्ली में ‘ओलंपिक डे रन’ से अपार खुशी मिली, क्योंकि हजारों निवासियों ने इसमें उत्साहपूर्वक भाग लिया।

मुख्यमंत्री ने कहा, ”प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश लगातार बेहतर खेल बुनियादी ढांचे और खिलाड़ियों के लिए सुविधाओं की दिशा में आगे बढ़ रहा है। दिल्ली और पूरा देश 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है।” जनवरी 2025 में, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि उनकी सरकार 2036 ओलंपिक की मेजबानी के अधिकार हासिल करने लिए अपनी पूरी ताकत लगा रही है।

प्रधानमंत्री ने 2023 में मुंबई में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के सत्र के दौरान 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी करने की भारत की मंशा जतायी थी भारतीय ओलंपिक संघ ने आईओसी को आधिकारिक आशय पत्र सौंप दिया है। कतर और सऊदी अरब जैसे देश भी 2036 की मेजबानी हासिल करने की दौड़ में हैं।

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