इंदौर रबी सीजन के लिए किसानों खाद की आवश्यकता है लेकिन प्रशासनिक अव्यवस्थाओं के चलते पूरे जिले के किसान खाद के लिए भटकने को मजबूर हैं । पूर्व में पूरे जिले की केवल 25-30 सोसाइटी पर नगद खाद बिक्री की व्यवस्था इंदौर कलेक्टर के आदेश के तहत हुई थी । जिस पर किसान संगठनों ने सभी सोसाइटी पर खाद विक्रय की मांग की थी । मुख्यमंत्री ने किसानों के विरोध को देखते हुए कलेक्टर को निर्देशित किया था कि वह खाद्य वितरण और विक्रय के लिए समुचित व्यवस्था करें । जिस पर इंदौर कलेक्टर ने अपना पूर्व का आदेश निरस्त करते हुए दीपावली पूर्व कहा था कि खाद वितरण की नई व्यवस्था की जाएगी ।लेकिन अभी तक कोई नया आदेश नहीं आने से जिले की सभी 130 से ज्यादा सोसाइटी पर खाद विक्रय बंद है, केवल लक्ष्मीबाई अनाज मंडी स्थित सहकारी विपणन संघ के गोदाम से ही खाद वितरण किया जा रहा है और वहां भी पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं है।*
*संयुक्त स्थान मोर्चे के संयोजक रामस्वरूप मंत्री एवं बबलू जाधव ने बताया कि आज भी करीब डेढ़ सौ किसान सुबह 6 बजे से लक्ष्मी बाई नगर मंडी स्थित विपणन संघ के कार्यालय पर कतार लगा कर खड़े हो गए थे। विपणन संघ का कार्यालय खुला तो बताया गया कि केवल 25 किसानों को ही खाद दी जाएगी । इस पर किसानों ने भारी हंगामा किया । हंगामे के बाद टोकन वितरित किए गए और 50 किसानों को आज तथा शैष किसानों को सोमवार को खाद वितरण किए जाने के टोकन बांटे गए।*
*संयुक्त किसान मोर्चा के रामस्वरूप मंत्री और बबलू जाधव ने बताया कि पूरे जिले के किसान खाद के लिए परेशान हैं ,लेकिन प्रशासनिक अमला सुचारू खाद्य वितरण की व्यवस्था करने में नाकामयाब है।*
*संयुक्त किसान मोर्चा और अन्य किसान संगठनों का कहना है कि जिले की सभी ग्रामीण सोसाइटी पर गैर सदस्य और डिफाल्टर किसानों के लिए नगद खाद बिक्री की व्यवस्था कर दी जाए तो ना तो कोई हंगामा होगा और ना ही किसानों को हाथ के लिए भटकना पड़ेगा यदि प्रशासन और शासन ने किसानों की खाद की समस्या को हल नहीं किया तो जिले में आक्रोशित किसान बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।*

