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आखिर अपने ही देश के प्रधानमंत्री को नीचा दिखाने की होड़ क्यों मची है?

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एस  पी मित्तल, अजमेर

5 जनवरी को मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब के फिरोजपुर के फ्लाईओवर पर 20 मिनट तक फंसे रहने का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ है कि 7 जनवरी को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा लाइव वीडियो कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री को अपमानित करने का मामला सामने आया है। तय कार्यक्रम के अनुसार 7 जनवरी को  पीएम नरेंद्र मोदी ने कोलकाता स्थित चितरंजन राष्ट्रीय कैंसर संस्थान के दूसरे परिसर का लोकार्पण किया। यह लोकार्पण वर्चुअल तकनीक से हुआ। कोलकाता से पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी भी जुड़ी। जब इस प्रोग्राम का लाइव प्रसारण हो रहा था, तभी सीएम ममता ने कहा, प्रधानमंत्री जी संस्थान के नए निर्मित परिसर का उद्घाटन तो हम पहले ही कर चुके हैं।

ममता ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर में हमने इसी परिसर में कोविड सेंटर बनाया था। ममता का कथन प्रधानमंत्री को अपमानित करने वाला था। सवाल उठता है कि केंद्र सरकार के अधीन आने वाले किसी संस्थान का उद्घाटन राज्य का मुख्यमंत्री कैसे कर सकता है? हो सकता है कि चितरंजन राष्ट्रीय कैंसर संस्थान के दूसरे नवनिर्मित परिसर का उपयोग कोरोना की दूसरी लहर में कोलकाता के लोगों के लिए कर लिया गया हो, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि नए परिसर का उद्घाटन हो गया। जाहिर है कि केंद्र सरकार के प्रोग्राम में ममता बनर्जी ने अपने राजनीतिक स्वार्थों के खातिर देश के प्रधानमंत्री का अपमान किया। पहले तो कैंसर संस्थान के नए परिसर का इस्तेमाल राज्य सरकार ने केंद्र की अनुमति के बगैर किया और फिर लोकार्पण के समय प्रधानमंत्री को नीचा दिखाने का काम किया। ऐसा प्रतीत होता है कि विपक्षी दलों के मुख्यमंत्रियों में देश के प्रधानमंत्री को नीचा दिखाने की होड़ मची हुई है। 5 जनवरी को ही पंजाब में कांग्रेस सरकार के असहयोग के कारण ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फिरोजपुर के फ्लाईओवर पर 20 मिनट तक फंसे रहना पड़ा। खुद सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि फिरोजपुर की घटना अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद से जुड़ी हो सकती है। इस घटना के पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के जिस तरह बयान आ रहे है उससे प्रतीत होता है कि राज्य सरकार और कांग्रेस पार्टी बहुत खुश है। क्या देश के प्रधानमंत्री को नीचा दिखाकर जश्न मनाया जा सकता है? सब जानते हैं कि ममता बनर्जी और चरणजीत सिंह चन्नी किस राजनीतिक सोच के साथ मुख्यमंत्री का दायित्व निभा रहे हैं। जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को एकजुट रखने के लिए जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने जैसे बोल्ड निर्णय ले रहे हैं। लोकसभा में 545 में से 303 सांसद भाजपा के होने से नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है। जो मुख्यमंत्री अभी नरेंद्र मोदी को अपमानित करने पर खुश है उन्हें समझना चाहिए कि मोदी पूरे देश के प्रधानमंत्री है। और प्रधानमंत्री भी ऐसा जो भारतीय सनातन संस्कृति में विश्वास रखता है और देश को सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास और सबका प्रयास के सिद्धांत पर चलता है।

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