मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और खरगोन जिले के प्रभारी विश्वास सारंग पहली बार जिले के दौर पर आए। उनके साथ वाहनों का काफिला देखकर लोगों के मुंह से भी निकल गया ‘जलवा है मंत्री जी का’। दरअसल, उनके दौरे में काफिले के साथ लगभग 50 से अधिक गाड़ियां चल रही थीं। ये काफिला जहां भी गया, वहां सड़कों पर लंबा जाम लग गया।भोपाल के नरेला से विधायक 53 वर्षीय विश्वास सारंग का यूं भी दबदबा है। इंजीनियर विश्वास सारंग के पिता कैलाश सारंग आरएसएस के पितृ पुरुषों में गिने जाते रहे हैं। तीक्ष्ण बुद्धि और बढिया याददाश्त के धनी विश्वास सारंग की शासकीय योजनाओं और अधिकारियों पर भी जोरदार पकड़ है। संतुलित भाषा शैली और स्पष्टवादिता के चलते उनकी अपनी बड़ी फैन फॉलोइंग है।
इसलिए आए थे खरगोन
उनकी खरगोन जिले के प्रभारी मंत्री के रूप में नियुक्ति काफी पहले हो गई थी। लेकिन उनके आने का मुहूर्त बार-बार टलता जा रहा था। विभिन्न दबावों के चलते उन्होंने खरगोन जिले का दौरा कार्यक्रम बनाया। एक मई से ट्रांसफरों पर भी बैन खुल गया है, और इसमें प्रभारी मंत्री की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसके पूर्व उन्होंने अपने पर्सनल असिस्टेंट के माध्यम से मीडिया के साथ एक व्हाट्सएप ग्रुप भी फॉर्म करवाया।
टी-20 अंदाज में किया दौरा
आखिरकार वे खरगोन जिले में आए और छा गए। कल सुबह से देर रात तक उन्होंने ताबड़तोड़ कार्यक्रमों में शिरकत की। साथ ही 88 करोड़ के भूमि पूजन/ लोकार्पण, जिले की समीक्षा बैठक, निजी कार्यक्रम , संघ कार्यालय ,कार्यकर्ताओं की बैठक और पत्रकार वार्ता भी T20 के अंदाज में निपटाए। उनके इंस्टाग्राम अकाउंट और फेसबुक अकॉउंट पर शेयर किए गए कई वीडियो वायरल हो रहे हैं। लेकिन इसमें सैकड़ों वाहनों के काफिले वाली पोस्ट की चर्चा काफी हो रही है
काफिले की गाड़ियों से लगा जाम
इस दौरान जाम गेट, मंडलेश्वर, कसरावद और खरगोन में रास्ते भर सड़कों पर स्वागत के कार्यक्रम में जेसीबी से पुष्प वर्षा और जगह-जगह माल्यार्पण से उनके रुतबे का पता चल रहा है। इस पर कमेंट भी काफी आ रहे हैं। एक यूजर ने लिखा ‘भैया की झलक सबसे अलग’। एक ने लिखा ‘जलवा मंत्री जी का’ एक अन्य फॉलोअर ने लिखा हम सब का विश्वास ,सिर्फ विश्वास भैया। एक ने टिप्पणी की ‘बहुत भारी’ तो एक अन्य ने लिखा ‘भाई देखने वाले हैरान हो गए।

