राहुल गांधी और खरगे ने PM मोदी को लिखा पत्र, तुरंत संसद का विशेष सत्र बुलाने का किया अनुरोध
नई दिल्ली:कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष व राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखा है। अपने पत्र में दोनों नेताओं ने पीएम मोदी से संसद का विशेष सत्र तुरंत बुलाने का अनुरोध किया है। कांग्रेस पार्टी की तरफ से ये मांग पहलगाम आतंकी हमले और भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद से ही की जा रही है। वहीं एक दिन पहले भारत और पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष विराम के बाद से कांग्रेस पार्टी ने अपनी मांग फिर से दोहराई है। भारत और पाकिस्तान के बीच बीते दिन हुए सीजफायर पर राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने खुशी जाहिर की है. इसके साथ ही सरकार से संसद का सत्र बुलाने की मांग भी की है. उन्होंने सरकार से मांग की कि जल्द ही ऑल पार्टी मीटिंग बुलानी चाहिए और पीएम को सारे सवालों का जवाब देना चाहिए.
राहुल गांधी ने अपने पत्र में लिखा- मैं संसद का विशेष सत्र तत्काल बुलाने के विपक्ष के सर्वसम्मत अनुरोध को दोहराता हूं। लोगों और उनके प्रतिनिधियों के लिए पहलगाम आतंकी हमले, ऑपरेशन सिंदूर और युद्ध विराम पर चर्चा करना महत्वपूर्ण है, जिसकी घोषणा सबसे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने की थी। यह आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए हमारे सामूहिक संकल्प को प्रदर्शित करने का भी अवसर होगा। मुझे विश्वास है कि आप इस मांग पर गंभीरतापूर्वक एवं शीघ्रता से विचार करेंगे।
कपिल सिब्बल ने कहा कि सेना को सलाम है जो पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया. सारा देश एक आवाज में कहता रहा कि अब जवाब देना चाहिए. सेना ने उनकी टेरर कैम्प पर हमला किया, उनके डिफेंस सिस्टम पर हमला किया ,लाहौर पर हमला किया, सारा देश उनके साथ है, सलूट करता है
कपिल सिब्बल ने सीजफायर पर सवाल उठाते हुए कहा कि दूसरी बात युद्ध विराम कैसे हुआ, क्यों हुआ उस पर कई सवाल उठ रहे हैं. हम जल्द से जल्द संसद के विशेष सत्र की मांग दोहराते हैं. हम विंटर सेशन का इंतजार नहीं करेंगे, अगर अभी सत्र नहीं बुलाते है तो विंटर सेशन तक वातावरण वैसा नहीं रहेगा जैसा अभी है.
कपिल सिब्बल ने कहा कि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ कि 26 लोगों की निर्मम हत्या के बाद पीएम ऑल पार्टी मीटिंग में नहीं गए, बिहार गए, केरल गए. ऐसी भी जानकारी है कि पहलगाम हमले से पहले पीएम को वहां जाना था लेकिन वो गए नहीं. इस पर भी सवाल उठते हैं.
सिब्बल ने कहा कि ट्रंप रोज मीडिया के सवालों का जवाब देते हैं, वहां के वाईस प्रेसिडेंट और बड़े अधिकारी के बयानों से ऐसा लग रहा है कि बातचीत 48 घण्टों से चल रही थी. चीन ने भी भारत से बात की. अमेरिका से क्या बातचीत हुई, क्या नहीं हुई, यह हमें नहीं बताया गया. आगे दोनों देशों के डीजीएमओ (DGMO) कहां मिलेंगे?
उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों परमाणु संपन्न देश हैं और कोई युद्ध नहीं चाहता ये सब सवाल खड़े हो रहे हैं. आज हम आलोचना नहीं करेंगे, सिर्फ विशेष सत्र और सर्वदलीय बैठक की मांग कर रहे हैं. सभी विपक्षी पार्टियों से अपील करूंगा की जब तक आल पार्टी मीट में पीएम शामिल नहीं होते है तो उस बैठक में हमे शामिल नहीं होना चाहिए..
मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने पत्र में लिखा- आपको याद होगा कि मैंने, राज्य सभा में विपक्ष के नेता के रूप में तथा लोक सभा में विपक्ष के नेता के रूप में, आपसे पहलगाम में हुए अमानवीय आतंकवादी हमले के मद्देनजर संसद के दोनों सदनों का एक विशेष सत्र बुलाने के लिए अपने दिनांक 28 अप्रैल 2025 के पत्रों के माध्यम से अनुरोध किया था। नवीनतम घटनाक्रम के मद्देनजर, लोकसभा में विपक्ष के नेता ने आपको एक बार फिर पत्र लिखकर बताया है कि पहलगाम आतंकवाद, ऑपरेशन सिंदूर तथा पहले वाशिंगटन डीसी और बाद में भारत और पाकिस्तान की सरकारों की तरफ से की गई युद्ध विराम की घोषणाओं पर चर्चा करने के लिए संसद का एक विशेष सत्र बुलाने के लिए सभी विपक्षी दलों का सर्वसम्मति से अनुरोध है। राज्य सभा में विपक्ष के नेता के रूप में मैं इस अनुरोध के समर्थन में लिख रहा हूं। मुझे विश्वास है आप सहमत होंगे।
वहीं इससे पहले कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि अमेरिका की ओर से किए गए एलान के मद्देनजर अब पहले से कहीं अधिक जरूरत है कि प्रधानमंत्री एक सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता करें और राजनीतिक दलों को विश्वास में लें। कांग्रेस नेता सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में दो बिंदुओं में सरकार के सामने मांग रखी है।

