तीनों घटनाओं की न्यायिक जांच हो, नुकसानी की शासन भरपाई करें और आगे से पूरे प्रदेश में ऐसी कोई घटना ना हो इसकी व्यवस्था करें
इंदौर।
मध्यप्रदेश के मंदसौर तथा उज्जैन में हिंदू और मुस्लिम समाज के बीच विवाद ही नहीं, हिंसा प्रकट होने पर विचलित हुए हम, विविध जनसंगठनों से जुड़े साथी यह सोच रहे थे कि वहां के विवाद को नजदीकी और बारीकी के साथ समझकर हम शांति स्थापित करने में अपना कदम उठाये। इतने में इंदौर संभाग के गौतमपुरा के चांदनखेड़ी गांव में 29 दिसंबर के रोज हुई घटना की खबर पहुंची और फैलते या फैलाती सांप्रदायिकता का एहसास खबरों से मिलने पर हम अहिंसा और सर्वधर्म समभाव के प्रति कटिबध्द साथियों ने समूह बनाकर वहां पहुंचना निश्चित किया और 6 जनवरी के रोज हम उस क्षेत्र में पहुंचे। जन संगठनों के जांच दल में मेधा पाटकर, रामबाबू अग्रवाल, रामस्वरूप मंत्री, कैलाश लिम्बोदिया, एसके दुबे, सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट एहतेशाम हाशमी, सीएल सरावत, अरविंद पोरवालभागीरथ कछवाय सहित करीब 16 लोग शामिल थे ।जिन्होंने गांव में मौजूद एसडीओपी, थाना प्रभारी, सरपंच, पूर्व सरपंच तथा गांव के सैकड़ों लोगों से मुलाकात की। पीड़ित लोगों का पक्ष जाना तथा हुई नुकसानी को देखा और आंकलन किया ।
चंदन खेड़ी गांव में कुल 500 परिवार रहते हैं जिसमें से 99 फ़ीसदी मुस्लिम है केवल से परिवार ही हिंदू हैं उनमें से भी 5 परिवार दलित और एक हिन्दू । इस गांव में पिछले 100 साल में कोई सांप्रदायिक वैमनस्य की घटना नहीं हुई है । जिस रैली की अनुमति के बारे में हमने पुलिस अधिकारियों से जानना चाहा तो वह इस बारे में कुछ भी नहीं बता पाए, ना तो संगठन का नाम और ना ही किसने अनुमति दी यह भी नहीं बता पाए।
धर्माट गांव से निकली, अयोध्या में बनने जा रहे राम मंदिर के मुद्दे पर तथा उसके लिए आगे चलकर चंदा इकट्ठा करने के इरादे से निकली यात्रा के दौरान हिंदू और मुस्लिम समाज में विवाद और हिंसक घटना बनने की खबर पर हमें यह देखना था कि उसकी पूर्वपीठिका, कारण ,मीमांसा एवं उस पर की गई प्रशासकीय कार्यवाही क्या है तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृति ना हो, इसलिए शासन, प्रशासन एवं समाज की और हमारी भूमिका क्या होना जरूरी और संभव है। हम सभी जन संगठनों से जुडे सामाजिक कार्यकर्ता सामूहिक जांच व संवाद के आधार पर यह रिपोर्ट प्रस्तुत कर रहे हैं।
चांदनी खेड़ी से लौटने के बाद गुरुवार को इंदौर में पत्रकारों को अपनी रिपोर्ट सोते हुए दल के सदस्य मेधा पाटकर, रामबाबू अग्रवाल, रामस्वरूप मंत्री, एडवोकेट एहतेशाम हाशमी, कैलाश लिंबोदिया, एसके दुबे और अरविंद पोरवाल ने बताया कि रैली निकाले जाने की सूचना भले ही अधिकृत रूप से नहीं होकर लेकिन अनधिकार रूप से पूरे इलाके और गांव के सारे लोगों को थी । इसी के चलते गांव के लोगों ने सुरक्षा की दृष्टि से अपने घर में ही रहना मुनासिब समझा । गांव के लोगों का कहना था कि रैली में शामिल लोगों के हाथों में धारदार हथियार और उसके हाथों में बंदूक भी थी उन्होंने यह भी कहा कि मीनार पर चढ़कर वहां झंडा लगाने की कोशिश की और मीनार पर तलवारों से वार किए । इसकी पुष्टि पुलिस अधिकारी ने भी की तथा बताया कि मीनार से पुलिस अधिकारियों ने ही 3 लोगों को उतारा जिसमें एक मुंह पर कपड़ा लपेटे हुए था 2 लोगों को गिरफ्तार किया और एक भाग गया ।
इसी के साथ गांव के अंतिम छोर पर स्थित कादर पिता अकबर के मकान पर सुनियोजित तरीके से हमला किया गया । आगजनी की ट्रैक्टर और जीप और मोटरसाइकिल को जलाया गया और 3 माह की मासूम बच्ची जो पलने में सो रही थी उसको भी जलाने की कोशिश की गई और जब वह परिवार के सदस्य उसे बचाने गए तो उनके साथ भी मारपीट की गई ।कादर भाई के पांचों बेटे घायल अवस्था में अस्पतालों में भर्ती हैं । जिनमें से चार एम बाय में थे जिन्हे जब रिया छुट्टी दिए जाने की बात सामने आई है और एक सीएचएल अपोलो में इलाज रत है । गांव के लोगों का कहना था कि उन्होंने आगजनी के बाद कंट्रोल रूम और फायर ब्रिगेड को सूचना दी गांव में फायर ब्रिगेड पहुंचा भी सही लेकिन उसे आग बुझाने स्थल तक नहीं जाने दिया गया । इस बात का भी वीडियो है कि रैली के बाद पूर्व विधायक मनोज पटेल गांव में आए और वहां उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि इस गांव के मकानों को यदि प्रशासन कलेक्टर कमिश्नर ने नहीं तोड़ा तो वे इसे रोद देंगे और उसी के बाद 12 से 15 मकानों को तोड़ा गया और बगैर पंचायत की जानकारी के वहां पर सड़क निर्माण की गई जिनके मकान टूटे हैं उन्हें ना तो कोई नोटिस दिया गया नाही सरपंच को बताया गया ।
दल के सदस्यों ने बताया कि हम यह मानते है कि पुलिस और प्रशासन ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई और वह सारी घटना की मूकदर्शक बनी रही । जिसके चलते यह सांप्रदायिक विद्वेष फैला है । इस बात की भी दल ताकीद करता है कि देशभर में चल रहे किसान आंदोलन से ध्यान भटकाने के लिए ही शायद मध्यप्रदेश में मंदसौर, उज्जैन और गौतमपुरा के चंदन खेड़ी में इस तरह की घटनाएं की गई है । हमारी सामूहिक जांच और विश्लेषण से यह बात सामने आती है कि यह घटना पूर्व नियोजित है। रैली जिनमें कई गांव के लोग शामिल थे और अगर रास्ता चंदन खेड़ी से ना लेने का विकल्प ढूंढा जा सकता था । लेकिन मुस्लिम गांव के निकालना नामंजूर करने का आग्रह कुछ मुस्लिम समाज के नुमाइंदों ने इंदौर कलेक्टर से किया है जिसे हम मंजूर नहीं करते हैं और हम लोकतांत्रिक अधिकारों पर कुठाराघात के किसी भी समाज या दल के मांग से सहमत नहीं हैं।
हमारा मांग है कि अस्पताल में भर्ती हुए जख्मी जनो के स्पष्ट बयान और दोषियों की पहचान होना जरूरी है । हम चाहते हैं कि इस घटना की तथा उज्जैन मंदसौर की भी संपूर्ण निष्पक्ष जांच समय बद्ध तरीके से भूतपूर्व न्यायाधीश के नेतृत्व में की जाए ।
चांदनखेड़ी के गांव वासियों से संपूर्ण नुकसान की पंचनामा आधारित भरपाई उन्हें भुगतान की जाए ।
रेली का मार्ग, प्रयोजन तथा प्रक्रिया और नेताओं के बयान आवेदन जांच का हिस्सा होकर स्पष्ट जांच हो।
सांम्पदायिक जहर नहीं फैले और सद्भाव बड़े इसकी कोशिश समाज सभी राजनीतिक दलों और प्रशासन तथा पुलिस को करना चाहिए ।
हिंसा के दोषियों पर निष्पक्ष जांच के बाद ही कार्यवाही हो रासुका का उपयोग गैर जरूरी मानकर भेदभाव मिटाने की दिशा में कदम उठाए जाएं ।
मध्य प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री इंदौर में रहते हुए सांप्रदायिकता का शिकार हुए गांव के लोगों से मिलने नहीं गए तथा उनकी पीड़ा को नहीं सुना इसकी हम निंदा करते हैं
तथा पथराव के अलावा भी जो कानून बना रहे हैं उसमें सांप्रदायिकता को भी एक जघन्य अपराध मानना चाहिए ऐसी हमारी मांग है ।
जांच दल की पूरी रिपोर्ट
इंदौर संभागके चांदनखेडीमें घटी हकीकत पर जाँच रिपोर्ट !
- अयोध्या-राममंदिर पर फैसलेके बाद क्यों फैला रहे तणाव,जागरण,क्यों हो चंदा?
- सांप्रदायिक सद्भाव की जिम्मेदारी म.प्र.शासनकी ! पुलिस प्रशासनकी कमजोरी क्यों?
- निष्पक्ष न्यायिक जाँचसे करे दोषीयोंको करार ! निरपराधोंको करे रिहा !
प्रस्ताविकपृष्ठभूमी:मध्यप्रदेशकेमंदसौरतथाउज्जैनमेंहिंदूऔरमुस्लिमसमाजकेबीचविवादहीनहीं, हिंसाप्रकटहोनेपरविचलितहुएहम, विविधजनसंगठनोंसेजुड़ेसाथीयहसोचरहेथेकिवहांकेविवादकोनजदीकीऔरबारीकीकेसाथसमझकरहमशांतिस्थापितकरनेमेंअपनाकदमउठाये |इतनेमेंइंदौरसंभागकेगौतमपुरातहसीलकेचंदनखेड़ीगांवमें 29 दिसंबरकेरोजहुईघटनाकीखबरपहुंचीऔरफैलतेयाफैलातीसांप्रदायिकताकाएहसासखबरोंसेमिलनेपरहमअहिंसाऔरसर्वधर्मसमभावकेप्रतिकटिबध्दसाथियोंनेसमूहबनाकरवहांपहुंचनानिश्चितकियाऔर 6 जनवरीकेरोजहमउसक्षेत्रमेंपहुंचे |
धर्माटगांवसेनिकली, अयोध्यामेंबननेजारहेराममंदिरकेमुद्देपरतथाउसकेलिएआगेचलकरचंदाइकट्ठाकरनेकेइरादेसेनिकलीयात्राकेदौरानहिंदूऔरमुस्लिमसमाजमेंविवादऔरहिंसकघटनाबननेकीखबरपरहमेंयहदेखनाथाकिउसकीपूर्वपीठिका, कारणमीमांसाएवंउसपरकीगईप्रशासकीयकार्यवाहीक्याहैतथाभविष्यमेंऐसीघटनाओंकीपुनरावृतिनाहो, इसलिएशासन, प्रशासनएवंसमाजकीऔरहमारीभूमिकाक्याहोनाजरूरीऔरसंभवहै |हमनिम्नलिखितसामाजिककार्यकर्तासामूहिकजांचवसंवादकेआधारपरयहरिपोर्टप्रस्तुतकररहेहैं |
शोधप्रक्रिया :
हमारेसमूहनेचंदनखेड़ीगांवपहुंचनेपरवहांकेभूतपूर्वतथाआजकेसरपंचोंकेसाथगांवकेकिसानोंसेसंवादकिया |इसगांवमेंकरीबन 490 परिवारमुस्लिमसमाजकेतथा 4 परिवारदलितसमाजकेऔरएकहीपरिवारचौधरीयानेअन्यहिंदूसमाजकाहोनापाया |बातचीतकेवक्तपुलिसअधिकारी SDOP, देपालपुरइंदौरसेगोपालपुराक्षेत्रमेंघटनाकेबादनियुक्त TI इंद्रेशत्रिपाठीभीकुछसमयतकचलीबैठककेस्थानपरअन्यपुलिसकर्मचारियोंकेसाथउपस्थितथे |उनसेभीकुछसवालजवाबहोकरयहजाननेमिलाकि SDOP देपालपुरघटनाकेदिनसांवेरमेंड्यूटीपरभेजेगएथेतथाचंदनखेड़ीक्षेत्रके TI आर.सी. (रमेशचंद्र) भास्करेकोनिलंबितकियागयाहै |
बैठककेबादहमगांवमेंपूरीस्थितिदेखने, जाननेकेलिएवहांउपस्थितदसोंपरिवारोंकेबुजुर्ग, महिलाएं, युवाओंकोमिलकरउनकेबयानलेतेगयेतथाउनमेंकुछहीव्यक्तियोंकेपासरहेवीडियोभीहमनेदेखें |गांवकेमुख्यरास्तेपरचलतेएक-एकमकान, जोतोड़ेगएथे, वहांसंपूर्णतलाशकेदौरानहमनेपरिवारोंकेमुखिया, रिश्तेदारतथामहिलाओंसेहकीकतजानी, हमारेसवालोंकेजवाबलेतेस्थलनिरीक्षणफोटोऔररिकॉर्डिंगकाआधारलिया |
चंदनखेड़ीगांवसेनिकलकर, जहांकहींपत्रकारऔरइंदौर, देपालपुरवअन्यजगहसे, घटनासेप्रभावितोंकीदखललेनेकेलिएपधारेसामाजिककार्यकर्तावधार्मिकसंस्थाओंके (विशेषतःमुस्लिम) पदाधिकारियोंसेभीहमारीमुलाकातहुई |पत्रकारोंसेदेपालपुरमेंसंवादवार्ताहुईजिसमेंपत्रकारोंनेभीउनकीजानकारीतथाअनेकसवालपेशकिये |इनमेंसेकुछहीघटनाकेगवाहरहे, अन्यनहीं |हमारामुख्यआधारगांवकेहीलोगोंसेहकीकतजाननेपररखागया |मुलाकातेरिकॉर्डकीगई |
देपालपुरकेबादबेटमामें 29 दिसंबरकीयात्रातथाक्षेत्रमेंराममंदिरपरजनजागरणकेकार्यमेंशामिलहुएकरीबन 20/25 प्रमुखनागरिकोंसेहमारासंवादहुआजहांसवाल-जवाबसेअधिकजानकारीऔरगांवमेंपाईहकीकतपरभिन्नविचारप्रकटकिएगए |
इंदौरलौटनेपरएमवायअस्पतालमेंभर्तीरहेघायलोंसेमिलनेकेलिएहमदौड़ेलेकिनवहांजाननेमिलाकिहमपहुंचनेकेमात्रआधाघंटापहलेवहांकेसभीघायलोंकोडिस्चार्जदियागयाथा, जोकिकईदिनोंसेवहांभर्तीरहे, पुलिसकीनिगरानीमेंलेकिनशाम …. बजेउन्हें, स्वयंकेहीवाहनबुलाकरघरभेजागया |
देपालपुरमेंशासकीयविश्रामगृहपरकुछस्थानीयनागरिकवपत्रकारोंसेसंवादकरनाचाहनेपरदेपालपुरएसडीएमनेस्वयंवहांआकरहमारेपहुंचनेकेपहलेमुख्यगेटकोखासखरीदीचेनवतालालगादियाऔरहमेंरोकागया |प्रशासकोंकायहरूखसोचनेलायक, अनोखाथा |
चंदनखेड़ीगांववासियोंकेबयानकेनिष्कर्ष:
चंदनखेड़ीमुस्लिमबाहुल्यकागांवहोकर, गांवकेभीतरतथाइर्द-गिर्दकेसभीगांवोंसेजिसमेंधर्माट, कनवासा, सेरुखदयातकशामिलहै, उनकेसंबंधतथाव्यापारऔरव्यवहारपीढ़ियोंसेसौहार्दपूर्णरहाहै |पिछलेसालोंकेक्या, दशकोंतककभीकोईविवाद, धार्मिकदंगायाहिंसाकीघटनानहींहुईहै |पहलेमुस्लिमऔरअबआरक्षितस्थानपरदलितसरपंचहोकरगांवमेंउनकेसाथयाउनकेबीचकिसीकार्यमेंकोईविवादपैदानहींहुआहै |
29 दिसंबरकोधर्माटसेनिकलीरैलीराममंदिरकेमुद्देपरजनजागरणकेलिएथी, जिसमेंधर्माटकेअलावाबड़ोदिया, कनोदिया, कनवासाएवंएवंरुद्रारव्याकेहिंदूसमाजकेनागरिक, विविधव्यावसायिकऔरकिसानरहे |चंदनखेड़ीमें 2 से 5 बिघाभूमिकेहकदारकिसानअधिकांशहै, जिनमेंसेकईपशुपालकअपनादूधबेचकरभीकमाईकरतेहैं |चंदनखेड़ीसेकरीबन 5000 लीटरदूधरोजक्षेत्रकेसभीगांवोंमेंपहुंचनापहुंचतारहाहैजिससेकिव्यापारकालेनदेनकिसंबंधस्पष्टहै|
इसयात्राकीपूर्वघोषणाऔरजानकारीकेबारेमेंदोरायपाईगई|गांवकेकईलोगोंने, महिलाओंनेकोईसूचनानाहोनेकीबातकही |
हमारेअनुसाररैलीकीपूर्वसूचनाक्षेत्रमेंअधिकृतनहींकिंतुअनाधिकृतरूपसेफैलगईथीलेकिनउसपरकोईसवालयाविवादकिसीभीसमाजकेनुमाइंदोंनेखड़ानहींकियाथारैलीमेंलोगशामिलहोतेहुएइसेप्रशासकीयमंजूरीकासवालहीनहींमानागयापुलिसप्रशासनरैलीकेसाथरहाजिसमेंटीआईबातकरेंभासकरएथेलेकिनएसडीओपीदेपालपुरसांवेरमेंमेलेमेंगएथेरैलीमेंजयश्रीरामकेनारेलगातेहुएशामिललोगचाननखेड़ीसेनिकलतेकुछटिप्पणीयोऔरकुछगालियोंदेनेकीबातगांववासियोंनेसुनीरैलीकेभूटानलोगगांवपारकरनेतकग्रामवासीघरोंमेंहीबंदरहेऔरसामनेनहींआएरैलीमेंशामिललोगोंकाकहनाहैकीदिहाड़ीमजदूरीपरजानेवालेयुवाइसदिनकामपरजानेवहीवहींरुकेरहेहमारीचर्चाविचारसेलगताहैकिइसरैलीकाआयोजनसंवेदनशीलअयोध्याकेमुद्देपरहोनेसेगांवमेंकुछडरकाफैलावहोकरअपनेपरिवारकीसुरक्षाकीचिंतासेशायदघरपररुकेथेरैलीकरीबनगांवपारचुकीथीजिसदौरानकोईविवादयाहल्लागुल्लानहींहुआलेकिनरैलीकेअंतकेहिस्सेकेलोगोंमेंसेकुछईदगाहकेमीनारोंपरचढ़करतलवारसेउसेतोड़नेकाप्रयासकरनेलगेतोधीरे-धीरेगांवकेकुछयुवाबुजुर्गबाहरगायआईआएपुलिसइकट्ठाउपलब्धथीहीलेकिनएसडीओपीसांवेरसेलौटनेकेबादहीउन्हींकेकहनेअनुसारउन्होंनेऊपरचढ़चुकेतीनव्यक्तियोंकोनीचेउताराजिनमेंसेएकभागगयाऔर 2 कोगिरफ्तारकियाएकमुंहलपेटेथा….| रैलीमेंशामिललोगोंकेहाथमेंसभीकाकहनाथाकीलोहेकीछलियादांडियातथाकुछतलवारेतोथीहीजलानेकीघटनामेंउन्होंनेसाथलाएकेरोसीनयाडीजलभीथाइसपरउपलब्धवीडियोथेयहबातेंस्पष्टकरतेहैं |
हमेंबेटमामेंमिलेनगरअध्यक्षभाजपाकेबब्बीदरबारऔरउनकेसाथउपस्थितभाइयोंनेयहमाननीयसेइनकारकियाकिरैलीमेंआएलोगोंकेहाथमेंकोईभीहथियारथेलेकिनउपलब्धवीडियोजिसकीजिनकीसच्चाईपरकोईशंकानहींआतीलेकिनशंकाहोतोजांचसंभवहैमीनारपरतलवारयाकिसीधारदारचीजकराराप्रहारओकेनिशानहमनेस्वयंदेखेंऔरपुलिसनेइसकासमर्थनकियाहै 2 लोगोंपरइसकार्यकेसंबंधमेंअपराधिकप्रकरणदाखिलहुआहैऔर 2 दिनमेंउन्हेंजमानतदीगई|
इस बीच भागके गये गाववासी खेतोंमें घूसकर नालेतक पहुंचे | वहां गाववालोंके अनुसार नालेके उस पारसे कुछ पत्थराव हुआ तो गावकेभी कुछ युवाओंसे शायद प्रतिरोध किया गया | इसकी तथा गोलीचालनकी जांच जारी होना और पूरी नही हो पाना पुलिस अधिकारियोंने हमारे समक्ष मंजूर किया | लेकिन गावके 23 व्यक्तियोंके खिलाफ अपराध प्रकरण दर्ज करवाकर धारा 147,148,294 और 323 की तहत गुनाह दाखिल और गिरफ्तारी की गई | इनमेंसे करीबन 6 आजतक जमानत न होनेपर जेलबंदही है | किसी प्रकरणमें धारा 151 केही तहत गिरफ्तारी हुई है |
बंदूक चलायी तो किसने,इसपर दो राय सामने आयी | कादरभाईके बेटे हातिमपर तो गाववासी गोली नहीं चला सकते….अन्य 2 बार firing किसने की,इसके जवाब दोनों पक्षोंसे भिन्न दिए गये हैं | गावमें एकही परिवारके पास रही लाइसेन्सवाली बंदूक 1½साल पहले जमा करनेकी खबर है | साथही रैलीवालोंके पास बंदूके थी,यह आरोप भी लगाया गया है | जाँच जरुरी है |
जरुरी यह भी है कि इस घटनाके बाद शासन इकतर्फी भूमिका अदा न करे और रास्तेके नामपर मकानतोड़ की कारवाईपर भी ध्यान देकर प्रशासकोंकी निर्णयप्रक्रिया की जाँच एवम् पूरी नुकसानभरपाई दिला दे !
मीनारपरचढ़नेबादपुलिसचौकीभरपूरउपस्थितिमेंआक्रोशकाहल्लाहोनेगांवकीमहिलाएंहारकेअंदरहीछिपेरहेऔरकुछघरछोड़करखेतोंसेगांवकिनारेकेनालेकीतरफभागपड़ेइसदौरानकोदरभाईअकबरभाईकेघरपर जो कि गावका अंतिम घर है,जबरदस्त हमला हुआ | उनके छतपर पत्थर तो गिरे हुए,video और फोटोजमें हैही लेकिन हमने प्रत्यक्ष घरघरकी हकीकत लेते,देखा और जाना कि उनके तीन ट्रैक्टर्स,दो गाड़ियां (एक जीप),2 मोटरसायकल्स,कुछ पंखे, टी.व्ही, पंप,कपाट,दरवाजे आदिपर हथियारोंसे तोड़फोड़ हुई है | उनकी भैंसों,बकरीयोंपरभी लाठियाँ चलायी गयी,किसीकी पैरोंपरभी हड्डी तोडनेतक हमला हुआ है | कपाटकी सेल्फ तोडकर अंदरके जेवर,नगद राशि आदि लेकर हमलाखोर भाग गये हैं | इसी दौरान पाचों भाईयोंसे बेरहम मारपीट की गई तो हतमभाईको घटके पिछवाडेमें हमलाखोरोंने गोली मारी | यह अर्थात रैलीमें लाई रोती हुई बूढी बंदूक माँ और सलमाबहनने मारपीटसे लूटतक की हकीकत बतायी जब कि बढे कादरभाई सदमेमें खाटलेपर बैठे रहे और उनके बेटे अस्पतालमें भर्ती होते,सभी घरवालों,गाववालोंका कहना था कि उन्हें एक या दो सालतक काम करना भी शायद नामुमकीन होगा | उन्हें देखने जानेके लिए न वाहन था,न हि पुलिसोंकी सहमति ! खेत और पशुपालन की आजीविका पर,इस परिवारकी बरबादी की सारी निशानियाँ देखते हुए इसमें कोई शंका नहीं कि पुलिसोंने दूर रहकर देखते हुए ये सभी कृत्य होने दिये,कोई हस्तक्षेप नहीं किया ! इतनाही नहीं हिंदु संगठन और भाजपासे जुड़े नागरिकोंने जो बेटमामें कहाँ ..कि कादरभाई के परिवारजनोंने खुदही अपने घर-सामानका नुकसान किया,यह तो बिल्कुलही विश्वासजनक नहीं लगता,जब पूरी जानकारी एवम् साबिती-पुरावे देखे जा सकते हैं | पटवारी मुकेश चौहानने माना कि इस घटना और बरबादीका पंचनामा करवाया गया है जब कि बहनोंका कहना था कि उसमें पूरी नुकसानीकी नोंध न होते हुए,कुछ छूटी हुई है | आगजनी शुरू होते पुलिसोंने घरवालोंको बाहर बुलाया लेकिन परिवारके एक भाईने fire brigade बुलाया तो उसे रैलीवालोंने घरतक पहुँचने नहीं दिया | 100 नंबरपर फोन करके बुलाया तो कंट्रोल रुमसे उल्टा जवाबही पाया | पुलिस गाडियोंके साथ मात्र खड़े रहे |
कादरभाई घरकी 3 महिनेकी बच्ची जब कि रजईयाँ,कपडे,सीटे,मोटरसाईकिले जलानेपर धूमसती आगसे खतरेमें आयी,जिसका झूलाभी जलाकर ख़ाक किया गया,तब उसे उठाकर भागते हुए सद्दामभाई परही मार पडी और उन्हें हॉस्पिटल भेजा गया | सद्दामभाईका बयान लिया और किसीका नहीं ! हतमभाई आज भी CHL-Apollo में भर्ती है,जिनके खूनमें गोलीसे infection फैलनेकी जानकारी परिवारको प्राप्त हुई है |
कादरभाई के अलावा गावके कुछ अन्य घरोंके कही पाइप तोड़े तो कही बकरीकी आँख निकाल दी | प्याज,लहसून,अनाज तक जलाकर खाकपर दिया गया | फ़र्निचर के लिए इकठ्ठी रखी बड़ी लकडिया भी जलायी गयी | किसीका भुसा जलाया गया | बेटमामें मिले रैलीमें शामिल लोगोंका कहना था कि हिन्दू समाजके लोग तो कभीभी भैंसोपर हमला करही नहीं सकते ! क्या कहे?
रास्ताचौडाकरणऔर ‘अतिक्रमण‘ हटानेकीमकानतोड़कारवाई: कितनीसच?
सबसेगंभीरबातयहभीहैकिघटनाकेदूसरेदिनहीशासन-प्रशासननेग्रामपंचायतकेसाथपूरेगावकोअनभिज्ञरखतेहुएएकअवैधऔरअभूतकारवाईकरडाली |प्रधानमंत्रीआवासयोजनाकेतहतनिर्मितगांवकाकुछ 10″ चौड़ारास्ताऔरचौड़ाकरनेकानिर्णयकिसीस्तरपरलियाजाकरजेसीबीसहितसारेउपकरणलेकरपधारेप्रशासकोनेरास्तेपरमौजूद , गांवकेपीनेकेपानीकेआधाररहेट्यूबवेल, बोरवेलभीतुडवाकर,दबाकर 3 फिटऊँचारास्तेकानिर्माणशुरूकिया |ऊपरसेडालीगयीमात्रचुरीऔरबुलडोझरचलाया |आजभीबोअरवेलकीजगहधंसतारास्तागवाहहै |
इसीरास्तेकेदोदिनचलेकार्यकेदौरानएकेकघरपरजेसीबीचलाकरदोसेचारतककमरेध्वस्तकियेगए |घरकेछतकीतथाकमरोंकिदीवारेतोड़ी, औरऐसेकरीबन 15 घरोंमेंसेपरिवारोंकोबेघरकरतेहुएगांवसेस्थलांतरकरनेतकमजबूरकियागया |लाखोंकानुकसानहोतादेखतेरहीमहिलाओंनेतथाभाई,बच्चोंनेबतायाकिनउन्हेंनोटिसदीगयीथी,नकोईपूर्वसूचना! मन्सूरपटेलजीकाघरचौड़ेरास्तेसेबाहरहोतेहुएभीकीतोड़फोड़! औररईसपटेलकीदुकानतकपूर्णरूपसेबरबादकीगई |
सादिनभाईकेघरपरतबतोड़फोड़हुईजबकिवेमस्जिदमेंनमाजपढ़नेगएथेऔरउनकेएकगूंगेबेटेइमरानघरमेथे |दूसरेबेटेअझरुद्दीनबीमारहोकरसलाइनकाइलाजलेरहेथे |महिलाओंनेहातपांवजोड़ेतोभीमकानकोनकेवलतोड़ागयाबल्किउन्हेंचप्पलतकपहननेनदेतेहुएगिरफ्तारकरकेलेगएपुलिस!
एकविशेषखबर,video केसाथपत्रकारोंसेपेशकीगईहैकिभूतपूर्वविधायकभाजपाकेमनोजपटेलजीनेयहबयानदियाथाकिघरहीनहीगांवकोभीरौधनेकीउनकीतैयारीहै |उनकेअनुसारघटनाकेमुद्दोंपरकलेक्टरनेजवाबदियाकिवेगावकेरास्तेमेंआयेअतिक्रमितमकानोंकोतोड़देंगे |पूर्वमेंअगरयहतयथातोघटनाकेतत्कालबादआश्वासनऔरकारवाईवैधप्रक्रियाकेबिनाहीक्योंकिगई? सरपंचतकखबरक्योंनही?
विश्लेषण, निष्कर्षएवमसुझाव
इसपूरीहकीकतकेसाथदेखनीहैदेशऔरराज्यकीपरिस्थिति! एकओरकिसानआंदोलनचोटीपरपहुँचचुकाहैतोइसविशेषप्रकारकीघटनाएं, हमेलगताहै, शासनऔरसमाजकाध्यानदूसरीओरखींचनेकेउद्देश्यसेहोनासंभवहै |
इन्दौरकेपहलेभीउज्जैन,मन्दसौरमेंहुईघटनाओंसेतुलनाकरेंतो कुछ समान पैटर्न नजर आता है | हर जगह राममंदिर और ‘जन-जागरण’ तथा उसीके लिए चन्दा इकक्ठ्ठा करनेका उद्देश्य रखा गया है | प्रधानमंत्रीजीने मंदिरके लिए पूरी वित्तीय सहायता मंजूर करनेके बावजूद चंदा जुटाना क्यों? यह सवाल खडा होता है |
इंदौरके अलावा की घटनामें मस्जिदपर चढ़ना,भगवा झंडा फैलाना,इदगाहके सामने हनुमान-चालिसा पढ़ना तथा किसी राजनेताने उकसानेवाले बयान देना आदि घटना साम्प्रदायिक दूरी बढ़ाने,नफरत पैदा करनेमें कामयाब हो सकती है और एकेक जिलेंमें हो रहा फैलाव रोकनेके लिए संवैधानिक आधारपर इसपर कारवाई तत्काल जरुरी है |
हमारी सामूहिक जाँच और विश्लेषण यह बात सामने लाता है कि इस प्रायोजित रैलीमें कई गावोंके लोग शामिल थे और अगर रास्ता चान्दनखेडीसे न लेने शायद विकल्प ढूंढा जा सकता है | लेकिन मुस्लिम गावसे बाहुल्यके निकलना नामंजूर करनेका आग्रह कुछ मुस्लिम समाजके नुमाइंदोने करना हमें मंजूर नहीं है जब कि उनकी मनीषा सांप्रदायिक तनाव रोकनेकी दृष्टीसे तात्कालिक उपाय मात्र हो सकती है |
हम मानते हैं कि पुलिस प्रशासनकी सतर्कता तथा हस्तक्षेपकी गंभीर त्रुटी इस संभागकी चांदनखेडी की हकीकत में स्पष्ट नजर आती है | हम मानते हैं कि अपराधी प्रकरण कितने सही,धाराएं कितनी सही है इसकी जाँच भी जरुरी है |
आजतक अस्पतालमें भर्ती या रिहा हुए जख्मीयोंके स्पष्ट बयान और दोषीयोंकी पहचान होना जरुरी था और है !
जिन गावोंके बीच न कभी विवाद हुआ,न दंगा, उन्हें ऐसी घटनाओंसे विभाजित किया जाना क्या शासनको मंजूर है?मुख्यमंत्रीजी तक किसीने भी इसपर मात्र पथरावसंबंधी वक्तव्य न करना निश्चितही अपर्याप्त या इकतर्फी है | उनके अलावा भाजपाके पदाधिकारीयोंने ‘निपटनेकी’ बात करना भी मंजूर नहीं हो सकता | क्या आनेवाले पंचायत/नगरनिगमके चुनावोंके मद्देनजर ये घटनाएँ हो रही है? इनसंबंधी शासन नहीं मुख्यमंत्रीजीने एवम् सत्ताधारी पार्टीने भूमिका स्पष्ट करना जरुरी है |
- हम चाहते हैं कि इस घटनाकी तथा उज्जैन,मंदसौरकी भी संपूर्ण निष्पक्ष जाँच समयबद्ध तरीकेसे,भूतपूर्व न्यायाधीश के नेतृत्वमें की जाए |
- चांदनखेडी के गाववासीयोंके संपूर्ण नुकसानकी पंचनामा आधारित भरपाई उन्हें भुगतान की जाए |
- रैलीका मार्ग,प्रयोजन तथा प्रक्रिया और नेताओंके बयान,आवेदन इ.जाँच का हिस्सा होकर सही कार्यकक्षा आंकी जाए |
- सांप्रदायिक जहर न फैले और सद्भाव बढे,इसलिए राममंदिर पर जनजागरण और चंदा इकठ्ठा करनेपर प्रशासन संवेदना कायम रखकर लेकिन संवैधानिक दायरेमें,जिम्मेदारी स्वीकारकर
- हिंसा के दोषीयोंपर निष्पक्ष जाँचके बादही कार्यवाही हो | ‘रासुका’ का उपयोग गैर मानकर,भेदभाव मिटानेकी दिशामें कदम उठाये जाए !
जाँच समूह के साथी
- रामबाबू अग्रवाल
- रामस्वरूप मंत्री
- Adv.एहेनेशामभाई हाशमी
- कैलाश लींबोदिया
- अरविंद पोरवाल
- एस.के.दुबे
- मेधा पाटकर
व अन्य

