देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने गुरुवार 26 दिसंबर 2024 को 92 वर्ष की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया. शनिवार, 28 दिसंबर की सुबह 11:45 बजे निगम बोध घाट पर डॉ मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार किया जाएगा जिसके लिए रात से ही तैयारियां की जा रही हैं. दूसरी ओर कांग्रेस की मांग है कि जहां स्मारक बने वहीं अंतिम संस्कार किया जाए. अब इस पर सियासत शुरू हो गई है.
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इस मामले पर टिप्पणी की है. सोशल मीडिया साइट एक्स पर कन्नौज सांसद अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया दी. उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि ‘देश के पूर्व प्रधानमंत्री जी की समाधि के संदर्भ में सम्मान की परंपरा का निर्वहन होना चाहिए. न इस विषय पर किसी राजनीति की आवश्यकता है, न होनी चाहिए. डॉ. मनमोहन सिंह जी की समाधि राजघाट पर ही बननी चाहिए. भाजपा अपनी संकीर्ण सोच का अनुचित उदाहरण प्रस्तुत न करे. इतिहास भाजपा को उसके इस नकारात्मक नजरिये के लिए कभी माफ नहीं करेगा.’
देश के पूर्व प्रधानमंत्री जी की समाधि के संदर्भ में सम्मान की परंपरा का निर्वहन होना चाहिए. न इस विषय पर किसी राजनीति की आवश्यकता है, न होनी चाहिए. डॉ. मनमोहन सिंह जी की समाधि राजघाट पर ही बननी चाहिए.
भाजपा अपनी संकीर्ण सोच का अनुचित उदाहरण प्रस्तुत न करे। इतिहास भाजपा को उसके इस नकारात्मक नज़रिये के लिए कभी माफ़ नहीं करेगा।— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) December 27, 2024
कांग्रेस अध्यक्ष ने लिखा पीएम मोदी को पत्र
इससे पहले कांग्रेस ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के अंतिम संस्कार और उनके स्मारक के लिए उचित स्थान की मांग की थी. इस संबंध में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भी लिखा था. खरगे ने पत्र में उल्लेख किया कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंंह के कद को देखते हुए उनका अंतिम संस्कार वहीं कराया जाए, जहां एक स्मारक का निर्माण कराया जा सके.
उन्होंने इसके लिए मोदी सरकार से जगह आवंटित करने का आग्रह किया है. पत्र में उन्होंने कहा कि ऐसा करके राजनेताओं व देश के पूर्व प्रधानमंत्रियों की याद में स्मारक बनाने की परंपरा का पालन हो सकेगा. कांग्रेस अध्यक्ष ने लिखा कि राष्ट्र व राष्ट्रवासियों के दिलों में पूर्व प्रधानमंत्री सरदार मनमोहन सिंह के लिए एक विशिष्ट स्थान है. उनकी उपलब्धियां और देश के विकास में उनका योगदान अभूतपूर्व है. पत्र के आखिर में कांग्रेस अध्यक्ष ने लिखा कि आशा ही नहीं, विश्वास भी है कि सरदार मनमोहन सिंह के कद को देखते हुए सरकार उनके स्मारक के लिए उचित स्थान आवंटित करेगी.

