एस पी मित्तल, अजमेर
7 मार्च को कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा आधे दिन के लिए राजस्थान के जयपुर आई। प्रियंका रात को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सिविल लाइन स्थित सरकारी आवास पर डिनर लिया। प्रियंका गांधी कोई ढाई घंटे तक गहलोत और उनके परिवार के साथ रहीं। पांच राज्यों के चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस के भविष्य को लेकर दोनों नेताओं के बीच गहन मंथन हुआ। यह मंथन तब हुआ, जब टीवी चैनलों पर पांच राज्यों के चुनाव में विभिन्न राजनीतिक दलों को मिलने वाली सीटों का अनुमान बताया जा रहा था। यदि सभी न्यूज़ चैनलों के सर्वे का निचोड़ निकाला जाए तो देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया है। न्यूज़ चैनलों ने कांग्रेस को सीट मिलने वाली सूची में ही शामिल नहीं किया। कांग्रेस का उल्लेख सूची में अन्य दलों के रूप में किया है। निचोड़ में यूपी में अन्य दलों को 403 में से मात्र 7 सीटें बताई हैं, इन सात सीटों में कांग्रेस का अनुमान लगाया जा सकता है। यहां यह उल्लेखनीय है कि हाल ही में पश्चिम बंगाल में हुए चुनाव में 274 में से कांग्रेस को एक सीट भी नहीं मिली है।
सब जानते हैं कि यूपी चुनाव की कमान प्रियंका गांधी के पास ही थी। प्रियंका ने पूरी ताकत लगाकर चुनाव लड़ा। परिणाम के बाद कैसे फेस सेविंग की जाए, इसकी टिप्स प्रियंका ने अशोक गहलोत से ली होगी। निचोड़ा में यूपी में भाजपा 250, सपा को 138 तथा बसपा को 12 सीटें मिलना बताया जा रहा है। यूपी में जहां कांग्रेस की स्थिति बंगाल जैसी बताई जा रही है, तो वहीं पंजाब में कांग्रेस के हाथ से सत्ता निकलना तय है। राहुल गांधी ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को हटा कर चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाने का जो निर्णय लिया, वह कांग्रेस का आत्मघाती निर्णय रहा। जिस कांग्रेस ने गत बार 117 में से 77 सीटें हासिल की थी, उसे अब पंजाब में मात्र 22 सीटें मिलना बताया जा रहा है। चैनल वाले इस बार पंजाब में आम आदमी पार्टी को 75 सीटें बता रहे हैं, जबकि अकाली दल को 15 व भाजपा को मात्र 4 सीटें बताई जा रही है। अशोक गहलोत और प्रियंका गांधी को भले ही यूपी और पंजाब के नवनिर्वाचित विधायकों को बाड़ाबंदी की जरुरत नहीं पड़े, लेकिन उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर के नवनिर्वाचित कांग्रेस विधायक को सुरक्षित रखने की जरुरत पड़ सकती है। उत्तराखंड में 70 सीटों में से कांग्रेस भाजपा को 35-35 सीटों का अनुमान लगाया जा रहा है। जीत के बाद कांग्रेस के विधायक बिक नहीं जाए, इसके लिए राजस्थान में किसी होटल में सुरक्षित रखा जा सकता है। यही स्थिति मणिपुर और गोवा की बताई जा रही है। सीएम अशोक गहलोत को विधायकों को सुरक्षित रखने का खास अनुभव है, इसलिए यह माना जा रहा है कि 10 मार्च को परिणाम वाले दिन जरुरत पड़ने पर उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा के नवनिर्वाचित विधायकों राजस्थान की होटलों में रखा जाएगा।

