इंदौर। नगर निगम जनकार्य विभाग के प्रभारी को लोकायुक्त ने कुछ दिन पहले महिला क्लर्क के माध्यम से रिश्वत लेते ट्रैप किया था। इसके बाद उसकी संपत्ति की जांच शुरू की गई थी। जांच में संपत्ति चार करोड़ रुपए से अधिक की होने के प्रमाण मिलने के बाद एक-दो दिन में उसके खिलाफ अब आय से अधिक संपत्तिका भी केस दर्ज किया जा रहा है।
लगभग 20 दिन पहले लोकायुक्त पुलिस ने जनकार्य विभाग के प्रभारी विजय सक्सेना और महिला क्लर्क हिमानी वैद्य को तीन हजार की रिश्वत लेते पकड़ा था। इस दौरान उसकी आलमारी से 10 लाख रुपए मिलने के बाद पुलिस ने उसकी संपत्ति की भी जांच शुरू की थी। ये लोग ठेकेदारों से बिल पास करवाने के नाम पर तीन प्रतिशत कमीशन लेते थे। पुलिस को कमीशन की राशि की इंट्री वाली एक डायरी भी महिला के पास से मिली थी। इन ठेकेदारों में से भी कुछ के पुलिस ने बयान लिए हैं।
बताते हैं कि इसके बाद लोकायुक्त ने सक्सेना के घर छापा मारा तो वहां से 10 प्रॉपर्टियों के कागजात मिले थे। इन सबका मूल्यांकन करवाया गया है। इसके बाद यह स्पष्ट हो गया कि प्रभारी के पास चार करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति है, जो उसके वेतन से कई गुना है। लोकायुक्त डीएसपी एसएस यादव का कहना है कि जांच पूरी हो गई है। सक्सेना के खिलाफ एक-दो दिन में आय से अधिक संपत्ति की धाराओं में भी केस दर्ज किया जाएगा। अब तक उसके खिलाफ ट्रैप का मामला दर्ज है। मामला सामने आने के बाद दोनों कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया था।

