अखिल भारतीय किसान सँघर्ष समन्वय समिति ने कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर द्वारा आज
दिए गए बयान को वार्ता का माहौल बिगाड़ने का सुनियोजित प्रयास बतलाते हुए कहा है एक तरफ सरकार खुले मन से बात करने का लिखित पत्र दे रही है दूसरी तरफ
कल होने वाली बातचीत के ठीक पहले
कृषि मंत्री का यह बयान देना कि ‘प्रधानमंत्री किसी भी ताकत के दबाव और प्रभाव में नहीं आएंगे ‘
कृषि मंत्री और सरकार की मंशा के प्रति संदेह पैदा करता है।
अखिल भारतीय किसान सँघर्ष समन्वय समिति को लगता है
कृषि मंत्री जानबूझ कर वार्ता को पलीता लगाने के लिए ऐसा कर रहे हैं।
अखिल भारतीय किसान सँघर्ष समन्वय समिति ने कहा कि हम किसी व्यक्ति से नहीं सरकार से किसान हित – राष्ट्र हित में सँघर्ष कर रहे हैं। जबकि सरकार
अडानी – अम्बानी के हित में
कार्य कर रही है।
अखिल भारतीय किसान सँघर्ष समन्वय समिति ने कहा है कि किसानों की ताकत के सामने
सरकार को झुकना पड़ेगा और तीनों किसान विरोधी कानूनो को रद्द करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

