इंदौर
CBSE 12वीं बोर्ड का रिजल्ट शुक्रवार दोपहर जारी हो गया। कोरोना काल की पहली और दूसरी लहर में गुजरा यह साल इसमें शामिल सभी छात्र-छात्राओं के लिए एक तरह से अविस्मरणीय है। मूल पैटर्न से हटकर 10वीं के 30 फीसदी, 11वीं के 30 फीसदी और 12वीं के 40 फीसदी मार्क्स आधार पर रिजल्ट जारी किए जिनमें 99.37 फीसदी स्टूडेंट्स पास हो गए जिनमें इंदौर के भी हजारों स्टूडेंट्स हैं। इनमें भी हर स्कूल में टॉप आने वाले स्टूडेंट्स हैं। जो खुश तो हैं लेकिन मनु संतुष्ट नहीं हैं क्योंकि इस बार स्थितियां अलग थी। इन सभी होनहार स्टूडेंट्स का कहना है कि अब एग्जाम देने से मतलब नहीं है क्योंकि हम कॉम्पीटिटिव एग्जाम में पिछड़ जाएंगे। बेहतर है कि हम आगे अपनी पढ़ाई जारी रखे। इनमें पीसीएम में स्कूल में 90 फीसदी से ज्यादा मार्क्स पाए स्टूडेंट्स का अगला लक्ष्य जेईई मेन्स है तो कॉमर्स में अव्वल रहे छात्र-छात्राएं सीए में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं
गुजराती हायर सेकण्डरी स्कूल में सबसे ज्यादा शत्रुंजय सिंघवी को 96 फीसदी मार्क्स मिले। वह पीसीएम का छात्र है। इसी तरह कॉमर्स-इंटरप्रिनरशिप की स्टूडेंट् ख्याती संवत्सर को 94.4 फीसदी मार्क्स मिले। इसी स्कूल के सुशांत तिवारी (पीसीबी), मेहुल गुप्ता व ध्रुप गुप्ता (कॉमर्स-लॉ) को क्रमश: 93.2 फीसदी मार्क्स मिले। ये पांचों भले ही स्कूल में अव्वल रहे लेकिन इनका कहना है कि मौजूदा स्थितियों में जो है वह ठीक है। कोरोना काल लम्बे समय तक चला। ऑनलाइन पढ़ाई करनी पड़ी। अब कोरोना पर नियंत्रण है। अगर ऐसी ही स्थिति रही तो अब कॉलेज में आगे अच्छे से पढ़ाई कर मुकाम हासिल करेंगे। अभी एग्जाम देकर एक साल खराब करना नहीं चाहते नहीं तो कॉम्पीटिटिव एग्जाम में परेशानी होगी। शत्रुंजय का कहना है कि अब जेईई मेन्स की तैयारी करूंगा। ख्याती व ध्रुव का कहना है वे सीए बनना चाहते हैं।
क्रिश्चियन एमिनेंट स्कूल पीएसएम की स्टूडेन्ट रितिका चांडक (पीसीएम) को 93.6 फीसदी मार्क्स मिले। इसी स्कूल के क्षितिज सक्सेना को 90.8 फीसदी मार्क्स मिले। मो. अब्बासी (पीसीएम) को 88.6 फीसदी मार्क्स आए। अर्चित श्रीवास्तव (कॉमर्स) को 91 फीसदी, आदित्य यादव को 89.8 फीसदी, राम अग्रवाल को 88.6 फीसदी मार्क्स मिले। इनका कहना है कोरोना में जो कुछ हो गया, सो हो गया। अब ये भी अागे की पढ़ाई करना चाहते हैं।
सेंट पॉल हायर सेकण्डरी स्कूल में अक्षत शर्मा को 96.8 फीसदी मार्क्स मिले हैं। वह कॉमर्स का छात्र है। वह सीए बनना चाहता है और अब उसकी तैयारी करेगा।। इसी स्कूल के पीसीबी के छात्र अमय पॉल को 96.4 फीसदी मार्क्स मिले जबकि पीसीएम के छात्र शुभ गोयल को 96.2 फीसदी मार्क्स मिले हैं। तीनों ही रिजल्ट से खुश हैं लेकिन अब 12वीं की एग्जाम नहीं देकर आगे पढना चाहते हैं। शुभ ने बताया कि यह मैंने तय कर लिया था कि अगर मुझे 90 फीसदी से ज्यादा मार्क्स मिले तो जेईई मेन्स की तैयारी करूंगा। अब मुझे 96.2 फीसदी मार्क्स मिले हैं तो बस अब जेईई मेन्स की ही तैयारी है।

