भारतीय वायुसेना के प्रमुख एपी सिंह ने पाकिस्तान की नींद उड़ाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने कहा है कि इंडियन एयरफोर्स ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 5 पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों को मार गिराया था। इसके अलावा और भी एयरक्राफ्ट को मार गिराया गया था।
भारतीय वायुसेना के प्रमुख एपी सिंह ने पाकिस्तान की नींद उड़ाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने कहा है कि इंडियन एयरफोर्स ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 5 पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों को मार गिराया था। इसके अलावा और भी एयरक्राफ्ट को मार गिराया गया था। भारतीय वायुसेना ने इसके लिए सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणालियों का प्रयोग किया था। उनका यह बयान बेंगलुरु में एयर चीफ मार्शल एल.एम. कात्रे व्याख्यान में बोलते हुए आई, यह पहला मौका है जब किसी वरिष्ठ अधिकारी ने पाकिस्तान को विमान और प्लेटफार्मों के संदर्भ में हुए नुकसान के बारे में विस्तार से बात की।
पाकिस्तानी AWACS को 300 किलोमीटर की दूरी से मार गिराया गया था
आगे की जानकारी देते हुए वायुसेना प्रमुख ने कहा कि हमने कई इमारतों की पहचान पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की 7 मई की जवाबी कार्रवाई से पहले की कर लिया था। इन बिल्डिंग में अधिकारियों की मीटिंग होती थी। उन्होंने कहा कि हमने पाकिस्तानी AWACS को 300 किलोमीटर की दूरी से मार गिराया गया। बता दें कि AWACS एक खास तरह का विमान होता है जिसके ऊपर एक बड़ा गोल रडार लगा होता है। उन्होंने कहा कि भारतीय हमले से हुई क्षति की सटीकता की गणना उपग्रह चित्रों के माध्यम से की गई थी। वायुसेना प्रमुख ने कहा कि उन्हें भारतीय हमलों में आतंकवादियों के मारे जाने की खुफिया जानकारी मिली है।
हम अपने लोगों को ही नहीं समझा पाए
वायुसेना प्रमुख ने कहा कि हम अपने ही लोगों को यह नहीं समझा पाए कि हमने कितना नुकसान किया है। हमें आतंकवादियों के मारे जाने की खुफिया जानकारी मिली थी। जब यह सब खत्म हुआ, तो हमें खुफिया जानकारी मिली कि वे कुछ योजना बना रहे हैं, इसलिए हम उसके लिए पहले से ही तैयार थे।हमने
9 ठिकानों पर हमले करने का फैसला लिया
वायुसेना प्रमुख ने कहा कि इस बार यह बिल्कुल स्पष्ट था कि हमें इन्हें कड़ा संदेश देना था। हमने यह भी सोच लिया था कि यह लॉन्चपैड तक सीमित नहीं होना चाहिए बल्कि, आतंकी नेतृत्व को चुनौती दी जानी चाहिए। अन्य एजेंसियां भी इसमें शामिल थीं और हमने उन 9 ठिकानों पर हमला करने का फैसला किया। बहावलपुर और मुरीदके और दो मुख्यालयों को निशाना बनाया गया। इसमें तीन सेवाओं के साथ आठ एजेंसियां शामिल थीं। यह सब पहले से योजनाबद्ध था।

