ए.आई.यू.टी.यू.सी के मध्यप्रदेश सचिव कॉम. सुनील गोपाल ने सुश्री मेधा पाटकर समेत खरगोन स्थित सेंचुरी कॉटन मिल के 800 से अधिक श्रमिकों को गिरफ्तार किए जाने की घटना की कड़ी निंदा की है। ज्ञात हो कि खरगोन स्थित सेंचुरी कॉटन मिल के 1000 से अधिक श्रमिक रोज़गार की मांग को लेकर पिछले 45 महीनों से शांतिपूर्वक आंदोलन चला रहे थे। 3 अगस्त 2021 को सुबह 11:00 बजे 3 जिले की पुलिस ने घेराबंदी कर मेघा पाटकर सहित सभी श्रमिकों को बलपूर्वक गिरफ्तार कर लिया।
गौरतलब है कि श्रमिकों को जबरदस्ती वीआरएस देने के खिलाफ हाई कोर्ट में मामला लंबित है उसका फैसला आने के पूर्व ही सैंचुरी मैनेजमेंट ने मनमाने तरीके से श्रमिकों के खातों में जबरिया पैसा डाल कर वीआरएस देने की कोशिश की थी। इसका शांतिपूर्ण विरोध कर रहे श्रमिकों को प्रदेश सरकार की मूक सहमति से मिल मालिक और पुलिस प्रशासन ने गठजोड़ कर धरना स्थल से बलपूर्वक हटाया है।उन्होंने कहा कि इस घटना से यह पुनः स्पष्ट हो जाता है कि इस पूंजीवादी व्यवस्था में किस प्रकार पूरा तंत्र, मालिकों के हित में मज़दूरों का दमन करता है। उन्होंने प्रदेश के तमाम मज़दूरों और जनवाद पसंद लोगों से ऐसी श्रमिक विरोधी कार्यवाहियों के खिलाफ संगठित मज़दूर और जनांदोलन संगठित करने की अपील की है।जारीकर्ता रूपेश जैन
राज्य सचिव मंडल सदस्य ए. आई.यू.टी.यू.सी (म.प्र)

