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तेज पानी गिरा तो बमुश्किल 20 मिनट में जलभराव का खतरा – अजय खरे

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सावन मास की रिमझिम बारिश जारी है . रात में भी रुक रुक कर पानी गिरता रहा . सुबह-सुबह कुछ शुभचिंतकों का फोन आया कि घर में पानी तो नहीं भरा ?  कुशलक्षेम पूछने के लिए मैंने उन्हें शुक्रिया अदा करते हुए बताया कि अभी सुरक्षित हैं क्योंकि पानी तेजी से नहीं गिर रहा है . मध्यप्रदेश के रीवा संभागीय मुख्यालय के नेहरू नगर वार्ड नंबर 13 में तेज पानी गिरने से जलभराव की स्थिति बन जाती है . पूरा अषाढ़ निकल गया , पानी मौसम अनुरूप नहीं गिरा . लेकिन इधर सावन शुरू होते ही पानी गिरने की अच्छी शुरुआत हुई है . इस बीच यदि तेज पानी गिरता है तो मुश्किल से 20 मिनट के अंदर घरों में जलभराव की स्थिति निर्मित हो जाएगी . 
रीवा मध्यप्रदेश के नेहरू नगर के आसपास के क्षेत्र में सारे नालों की निकासी एक तरफ कर देने , सड़क पर बनी पुलिया की क्षमता कम होने , आगे का नाला सकरा होने और सड़क ऊंची कर देने से जलभराव की समस्या को कतई नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है . जब चारों तरफ का पानी तेजी से एकत्रित होता है तो उसकी निकासी सही तरीके से न हो पाने के कारण पानी वापस लौटने लगता है और आसपास के घरों में जलभराव की स्थिति बन जाती है . कृत्रिम बाढ़ का यह कष्टकारक नजारा , तेज बारिश में कभी भी देखा जा सकता है . रीवा के प्रशासनिक अधिकारी तो अभी यही फरमाएंगे कि लगातार बारिश हो रही है , पानी कहां भर रहा है ? लेकिन यह कड़वा सच है कि जब कभी भी थोड़ा तेज पानी गिरेगा तो कथित विकास की विनाश लीला 20 मिनट के अंदर दिखने लगेगी . यह लिखते समय पानी गिर रहा है लेकिन उसकी रफ्तार तेज नहीं है . शुक्र है कि अभी तेज पानी नहीं गिरने के कारण बचे हुए हैं लेकिन कब तक बचे रहेंगे कुछ कहा नहीं जा सकता है . सावन मास  की रिमझिम बारिश का तहेदिल से स्वागत है .

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