मुंबई : बीएमसी चुनाव में अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। एनसीपी मुंबई में 100 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है। एनसीपी की महाराष्ट्र अध्यक्ष सुनील तटकरे ने शनिवार को कहा कि पिछले तीन दिनों से सबके साथ बैठकें चल रही है और इस बारे में सारी जानकारी अजित पवार को बता दी गई है। उन्होंने कहा कि 30 दिसंबर की शाम तक स्थिति बिल्कुल स्पष्ट हो जाएगी और उस दिन दोपहर 3 बजे सीटों को लेकर घोषणा की जाएगी।बीएमसी चुनावों में अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। महायुति में सीट बंटवारे पर सहमति न बनने की स्थिति में एनसीपी ने मुंबई में अलग बैठक बुलाई है और उम्मीदवारों को लेकर चर्चा की गई है। 30 तक नामों के ऐलान कर दिए जाएंगे।
सुनील तटकरे ने यह भी कहा कि महायुति में शामिल होने का राष्ट्रवादी पार्टी का फैसला फायदेमंद रहा है। राज्य के लोगों ने इस फैसले का समर्थन किया है और यह बदला नहीं जाएगा। वहीं, एनसीपी विधायक सना मलिक ने कहा कि महायुति में हमारे प्रस्तावों पर बात आगे नहीं बढ़ी। इस स्थिति में हमने अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी की है।
सना मलिक एक्टिव
उम्मीदवारों के नामों को लेकर भी चर्चा हुई है और कार्यकर्ताओं को हर स्थिति के लिए तैयार रहने के लिए कहा गया है। सना मलिक ने बताया कि बैठक में 62-65 सीटों पर लड़ने के लिए पार्टी की बैठक में चर्चा हुई है। पुराने साथी भी साथ लड़ने के लिए आ रहे हैं, कार्यकर्ताओं में भी जोश है। इस सबको देखते हुए पार्टी तकरीबन 100 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है।
क्या बोले सुनील तटकरे
एनसीपी पूरी ताकत के साथ बीएमसी चुनाव में उतरेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि महायुति के साथ मिलकर लड़ने के बारे में पार्टी नेतृत्व फैसला लेगा। पूर्व विधायक जीशान सिद्दीकी ने कहा कि सुनील तटकरे के नेतृत्व में बैठक हुई, जिसमें संभावित जीत वाली सीटों को लेकर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि गठबंधन को लेकर पार्टी नेतृत्व की तरफ से फैसला होना है, लेकिन मुंबई में पार्टी के कार्यकर्ताओं में जोश है और हम अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी भी कर रहे है।
नवाब मलिक का महायुति में विरोध
जीशान सिद्दीकी ने कहा कि मुंबई की जनता हमारे साथ है और बीएमसी चुनाव में एनसीपी अपना झंडा जरूर लहराएगी। बता दें कि अजित गुट मुंबई में बीएमसी चुनाव पूर्व मंत्री नवाब मलिक के नेतृत्व में लड़ने जा रहा है। बीजेपी और शिंदे सेना ने नवाब मलिक के नेतृत्व वाली एनसीपी के साथ किसी तरह के गठबंधन से इनकार किया है। बीजेपी ने एनसीपी को महायुति में शामिल न करने का कारण नवाब मलिक को बताया है। बीजेपी मलिक की विरोधी है, इसलिए बीजेपी-शिवसेना ने महायुति में अजित गुट को शामिल नहीं किया है। इसके बाद भी एनसीपी अड़ी हुई है और उसने बीएमसी चुनाव की जिम्मेदारी नवाब मलिक को दी है।
मलिक फैमिली से कितने उम्मीदवार?
बीएमसी चुनाव में अजित गुट का मुंबई में नेतृत्व कर रहे नवाब मलिक के भाई कप्तान मलिक, नवाब मलिक की बहन डॉ. सईदा खान और कप्तान मलिक की बहू बुशरा नदीम मलिक के चुनाव लड़ने की संभावना है। यानी नवाब मलिक फैमिली से इस बार के बीएमसी चुनाव में तीन लोग किस्मत आजमाएंगे। नवाब मलिक के भाई कप्तान मलिक प्रभाग नंबर 165 से, नवाब मलिक की बहन डॉ. सईदा खान 168 से और कप्तान मलिक की बहू बुशरा नदीम मलिक के प्रभाग नंबर 170 से चुनाव लड़ने की संभावना है।
कप्तान मलिक पिछली बार प्रभाग नंबर 170 से चुनाव लडेर थे यह सीट अभी महिलाओं के लिए आरक्षित हो गई है। इसलिए कप्तान मलिक ने अपनी बहू को इस प्रभाग से चुनाव लड़ाने का फैसला किया है, जबकि वह खुद प्रभाग नंबर 165 से चुनाव लड़ेंगे। एक ही परिवार के तीन लोगों के चुनाव लड़ने की बात ने राजनीतिक गलियारों
में चर्चाओं को हवा दे दी है।
वसई-विरार में टूटा बीजेपी गठबंधन
अजीत पवार की एनसीपी ने आखिरकार वसई में शिवसेना- बीजेपी अलायंस छोड़ दिया है। अलायंस की बातचीत से बाहर रखे जाने से नाराज एनसीपी ने अलायंस छोड़कर अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया। अजीत पवार की पार्टी राज्य में अलायंस का हिस्सा है। अलायंस ने वसई-विरार मनपा चुनाव भी साथ मिलकर लड़ने का फैसला किया था। जब सीटों को लेकर शिवसेना और बीजेपी के बीच मीटिंग चल रही थी, तो एनसीपी को उस मीटिंग में नहीं बुलाया गया। गुरुवार को बीजेपी और शिवसेना ने आपसी अलायंस का ऐलान किया।
सीट शेयरिंग के बारे में एनसीपी से नहीं पूछा गया। एनसीपी के जिलाध्यक्ष राजा राम मुलिक ने कहा कि हमें दूर रखकर दोनों पार्टियों ने सीट शेयरिंग पर बातचीत की। उन्होंने आरोप लगाया कि महायुति ने हमें धोखा दिया है। हम बहादुरी से लड़ेंगे और महायुति को सबक सिखाएंगे।

