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अजमेर पुलिस ने ब्लैक मेलर गिरोह को पकड़ा… बेरोजगारों के बैंक अकाउंट में वसूली की राशि मंगवाते थे

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एस पी मित्तल अजमेर
क्या आप अपने मोबाइल पर फारवर्ड हुई कोई अश्लील वीडियो क्लिप देखते हैं? यदि हां तो अब आपको सावधान हो जाना चाहिए, क्योंकि देश में ऐसे गिरोह सक्रिय हैं जो पहले आपको अश्लील क्लिप भेजते हैं और जब आप अश्लील क्लिप को देख रहे होते हैं, तभी वाट्सएप पर वीडियो कॉल कर आपका वीडियो बना लिया जाता है। अश्लील वीडियो देखते हुए जब आपको वीडियो किसी ब्लैकमेलर के पास होगा तो आप मुंह मांगी रकम देने को तैयार होंगे। आप कभी नहीं चाहेंगे कि अश्लील वीडियो देखते हुए आपका वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट हो जाए।

ऐसे में आप संबंधित ब्लैकमेलर से संपर्क करेंगे। अजमेर की क्रिश्चियनगंज पुलिस ने राजस्थान के मेवात क्षेत्र के एक ऐसे गिरोह को पकड़ा है जो अश्लील वीडियो देखने वालों के वीडियो बनाने में माहिर है। थानाधिकारी डॉ. रवीश सामरिया ने बताया कि पिछले दिनों अजमेर के नृसिंहपुरा निवासी धनंजय कुमार झा ने शिकायत दी थी मिराज मॉल स्थित यादव एंटरप्राइजेज के माध्यम से नौकरी प्राप्त करने के लिए संपर्क किया। फर्म के प्रतिनिधियों ने पहले धनंजय झा का बैंक अकाउंट खुलवाया और फिर बैंक पास बुक, चेक बुक, एटीएम कार्ड आदि दस्तावेज अपने पास रख लिए। झा को एक माह बाद बुलाया। झा जब एक माह बाद नौकरी के लिए पहुंचा तो उसे नौकरी नहीं मिली। जब उसने बैंक के दस्तावेज लौटाने की मांग की तो पता चला कि उसके खाते में 20-25 लाख रुपए का लेनदेन हुआ है। डॉ. सामरिया ने बताया कि असल में ब्लैकमेलर गिरोह वसूली की राशि बेरोजगारों के खाते में मंगवाते थे ताकि स्वयं पकड़ में न आए। ब्लैकमेलिंग के शिकार व्यक्ति को बेरोजगारों के खाते में राशि जमा करवाने के लिए कहा जाता था। राशि जमा होते ही एटीएम से राशि निकलवा ली जाती थी। गिरोह के सदस्यों के मोबाइल फोनों से ऐसे सैकड़ों वीडियो बरामद किए हैं जिनमें सरकारी अधिकारी, प्रभावी शाली व्यक्ति, व्यापारी आदि अश्लील वीडियो देख रहे हैं। हालांकि ऐसे लोग अब कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाना चाहते हैं, लेकिन इनमें से कई लोग ब्लैकमेलिंग के शिकार हुए हैं। डॉ. सामरिया ने स्मार्ट फोन का उपयोग करने वालो को सावचेत किया कि वाट्सएप पर अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए किसी भी वीडियो को ओपन नहीं किया जाना चाहिए। कई बार अनजाने में सज्जन व्यक्ति ब्लैकमेलिंग का शिकार हो जाते हैं। इस गिरोह के शिकार हुए लोग अजमेर के क्रिश्चियन गंज पुलिस स्टेशन के लैंडलाइन फोन नंबर 0145-2644844 पर संपर्क कर सकते हैं। डॉ. सामरिया ने बताया कि अब तक इस गिरोह के सदस्य अलवर कोटकासिम निवासी अनिल यादव के पुत्र कुलदीप यादव, अलवर तिजारा निवासी जमाल सिंह के पुत्र दीपेंद्र उर्फ जीतू, भरतपुर निवसी नवाद खान के पुत्र सरफराज, हरियाणा के मेवात क्षेत्र निवासी मोहम्मद कासिम के पुत्र आसिफ, भरतपुर के गोपालगढ़ के अमीन मेव के पुत्र वकील तथा जेकम के पुत्र यूसुफ को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से 8 एटीएम कार्ड, पांच मोबाइल फोन, आठ सिम कार्ड, दो चैक बुक आदि बरामद किए गए हैं। भरतपुर नगर इलाके के ताहिर को इस गिरोह का मास्टर माइंड माना जा रहा है। पुलिस को ताहिर की तलाश है।

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