एस पी मित्तल, अजमेर
जब अपराध के क्षेत्र में साइबर क्राइम प्रवेश कर गया है, तब पुलिस को भी वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है। जब अपराध करने के लिए अपराधी डिजिटल उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे हैं, तब पुलिस को भी डिजिटल उपकरणों की तकनीक की जानकारी होना जरूरी है। ऐसे ही वैज्ञानिक रुख और डिजिटल तकनीक की सहायता से अजमेर की क्रिश्चियनगंज पुलिस ने अपराधियों के गिरोह को पकड़ा और अपराध नियंत्रण में सफलता प्राप्त की। थानाधिकारी रवीश कुमार ने बताया कि अपराधी तत्व ही नई नई तकनीक का उपयोग करने लगे हैं, इससे साइबर क्राइम को बढ़ावा मिला है। दिसंबर माह में ही क्रिश्चियनगंज पुलिस ने एक ऐसे गिरोह को पकड़ा जो मोबाइल पर लड़कियों के अश्लील डांस दिखाकर लोगों को ब्लैकमेल कर रहा था। इस तकनीक में वाट्सएप पर वीडियो कॉल के दौरान ही मोबाइल की स्क्रीन पर एक नग्न लड़की को डांस करते दिखाया जाता है। यदि कोई व्यक्ति ऐसे डांस को देखता है तो कॉल करने वाला व्यक्ति रिकॉर्डिंग कर लेता है। यानी अश्लील वीडियो देखने वाले का ही वीडियो बन जाता है।
बाद में ऐसे व्यक्ति को ब्लैकमेल कर राशि वसूल की जाती है। ब्लैक मेल के शिकार लोगों की शिकायत पर ही पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से अनुसंधान किया और डिजिटल उपकरणों की मदद से ही राजस्थान के अलवर में मेवात क्षेत्र में संचालित ठग गिरोह का भंडाफोड़ किया। थानाधिकारी सामरिया ने कहा कि अब इस स्मार्ट फोन को भी सावधानी से चलाने की जरुरत है। पुलिस ने इस मामले में मेवात क्षेत्र के 8 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में गंभीर बात यह है कि ब्लैकमेलिंग की राशि बेरोजगारों के बैंक अकाउंट में ली जाती थी। ऐसे बेरोजगारों को नौकरी दिलाने के नाम पर नए बैंक अकाउंट खुलवाए जाते थे। चूंकि बेरोजगारी बहुत ज्यादा है इसलिए युवा वर्ग जल्दी से झांसे में आ जाता है। ऐसा ही एक अन्य मामला एचडीएफसी बैंक ने नौकरी दिलवाने को लेकर है। अलवर जिले के तिजारा निवासी मनीष यादव ने पुलिस में एक शिकायत दी थी कि एचडीएफसी बैंक में नौकरी दिलवाने के नाम पर प्रमोद सिंह तंवर व पुरखाराम ने 2 लाख रुपए की राशि ली और एचडीएफसी बैंक का ऑफर लेटर दे दिया। लेकिन जब इस आदेश की सत्यता का पता लगाया गया तो यह आदेश फर्जी निकला। इस मामले में पुलिस ने उक्त दोनों आरोपियों के साथ साथ अजमेर के गुलाब बाड़ी निवासी चंद्रपाल, पवन कुमार कुमावत और नरेंद्र सिंह को भी गिरफ्तार किया। सामरिया ने कहा कि बेरोजगारों लोगों को अधिकृत संस्थाओं से ही नौकरी के लिए संपर्क करना चाहिए। बैंक प्राइवेट हो या सरकारी सभी ने भर्ती के लिए नियम कानून बने हुए हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में ही क्रिश्चियनगंज पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मोटर वाहनों पर लोन लेने गिरोह का भी भंडाफोड़ किया है। इस मामले में यश बैंक के प्रतिनिधि अमित सिंह भाटी ने दयाराम मीणा के विरुद्ध फर्जी दस्तावेज पेश करने के आरोप लगाए। इस मामले में पूरे गिरोह का भंडाफोड़ किया गया। थानाधिकारी सामरिया ने बताया कि डिजिटल तकनीक के जरिए ही कार लूटने वाले दो व्यक्तियों को मात्र दो घंटे में गिरफ्तार कर लिया गया। नागौर जिले के रहने वाले अभिषेक बिश्नोई ने अपने नेपाली साथी की मदद से गत 23 दिसंबर को आनासागर चौपाटी के पास कार को रुकवाया और ड्राइवर जितेंद्र सोनी से कार को छीन कर फरार हो गए। दोनों आरोपियों को दो घंटे की अवधि में गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने वैज्ञानिक तरीका अपनाकर और गोपनीय सूचनाएं एकत्रित कर क्रिश्चियनगंज क्षेत्र के कई आरोपियों और अपराधियों को पकड़ा है। जनाना अस्पताल में गबन के आरोपी रविंद्र सिंह रावत की भी गिरफ्तारी की गई है। बहुचर्चित विक्रम शर्मा हत्याकांड का ईनामी अपराधी राहुल भाट को भी मथुरा से गिरफ्तार किया गया। इसी प्रकार अंतर्राष्ट्रीय मोटर साइकिल चोर गिरोह को भी पकड़ा गया है। सामरिया ने कहा कि थाने पर आने वाली हर शिकायत को गंभीरता के साथ लिया जाता है। पुलिस का प्रयास रहता है जल्द से जल्द अपराधियों को पकड़ा जाए। उन्होंने कहा कि क्रिश्चियनगंज पुलिस थाने का क्षेत्र बहुत बड़ा है। लेकिन इसके बावजूद भी अपराधों पर नियंत्रण के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। अपराधों पर नियंत्रण के लिए लोगों की जागरूकता भी जरूरी है। वर्ष 2021 में क्रिश्चियनगंज पुलिस ने अनेक उपलब्धि पूर्ण कार्य किए हैं। मोबाइल नंबर 9530421125 पर थानाधिकारी रवीश कुमार सामरिया से संवाद किया जा सकता है।

