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अकालियों को डेरा सच्चा सौदा का भी समर्थन मिला

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एस पी मित्तल, अजमेर

20 फरवरी को मतदान के मौके पर पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने एक सनसनीखेज बयान दिया है। चन्नी का कहना है कि कांग्रेस सरकार का साढ़े चार साल तक नेतृत्व करने वाले कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अकाली दल (शिरोमणि) और भाजपा के साथ गुप्त समझौता करवाया है। इस समझौते के तहत ही हरियाणा की भाजपा सरकार ने डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख राम रहीम इंसा को पैरोल पर जेल से रिहा किया है। अब डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी पंजाब में अकालियों के समर्थन में वोट कर रहे हैं। चन्नी का यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है कि डेरा सच्चा सौदा का करीब 40 पर प्रभाव बताया जाता है।

अकालियों ने पहले ही बसपा से गठन बंधन कर रखा है। ऐसे में यदि डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों का अकालियों को समर्थन मिलता है तो इससे अकालियों की स्थिति और मजबूत होगी। चन्नी ने कवि कुमार विश्वास के हवाले से कहा कि आम आदमी पार्टी को तो अलगाववादियों का भी समर्थन मिल रहा है। पिछले एक वर्ष में पंजाब में अलगाववादियों की गतिविधियां बढ़ी है। चाहे किसान आंदोलन हो या फिर बेअदबी के मामले। चन्नी के बयान से प्रतीत होता है कि पंजाब में कांग्रेस की स्थिति अच्छी नहीं है। चन्नी खुद दो विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव लड़ रहे हैं। यानी चन्नी को स्वयं की जीत पर भी भरोसा नहीं है। चन्नी को मुख्यमंत्री का चेहरा बनाए जाने से प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू, पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़, सांसद मनीष तिवारी जैसे बड़े कांग्रेस नेता नाराज है। पूरे चुनाव प्रचार में चन्नी और सिद्धू ने एक साथ प्रचार नहीं किया। कई मौकों पर सिद्धू ने चन्नी के नेतृत्व को नकार दिया। एक तरफ चन्नी को अपनी ही पार्टी में विरोध का सामना करना पड़ रहा है तो दूसरी ओर चन्नी खुद राजनीतिक लाचारी व्यक्त कर रहे हैं। जिन पांच राज्यों में विधानसभा के चुनाव हो रहे हैं, उनमें पंजाब अकेला राज्य है, जहां कांग्रेस की सरकार है। कैप्टन अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री के पद से हटाए जाने के बाद कैप्टन की रणनीति है, किसी भी तरह पंजाब में कांग्रेस की सरकार रिपीट न हो। पहले यह माना गया कि भाजपा की हरियाणा सरकार ने डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख राम रहीम इंसा की रिहाई पंजाब में भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए की है, लेकिन अब खुद सीएम चन्नी कह रहे हैं कि राम रहीम को अकालियों को फायदा पहुंचाने के लिए रिहा किया गया है। सब जानते हैं कि पंजाब में अकाली, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बाद भाजपा का नंबर आता है। यानी कांग्रेस को सत्ता से बाहर करने के लिए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने जो रणनीति बनाई है उसमें भाजपा भी शामिल है। चुनाव के विशेषज्ञों का मानना है कि अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी भी पंजाब में मजबूत स्थिति में है। लेकिन कवि कुमार विश्वास के ताजा आरोपों से केजरीवाल की पार्टी की स्थिति को काफी नुकसान हुआ है। हालांकि अधिकांश सीटों पर अकाली और आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों के बीच सीधा मुकाबला है। भाजपा ने कैप्टन अमरिंदर सिंह की नई पार्टी के साथ गठबंधन किया है। पंजाब में किस दल की सरकार बनेगी इसका पता 10 मार्च को परिणाम वाले दिन चलेगा, लेकिन मुख्यमंत्री चन्नी ने अपनी निराशा अभी जाहिर कर दी है। परिणाम के चन्नी उन कांग्रेस के नेताओं की पोल खोलेंगे जिसकी वजह से कांग्रेस को नुकसान हुआ। 

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