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अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाई, मार गिराया ईरानी ड्रोन

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अमेरिका ने मंगलवार को अरब सागर में ईरान का एक ड्रोन गिरा दिया. यह ड्रोन अमेरिकी वॉरशिप USS अब्राहम लिंकन की तरफ आ रहा था. खतरा देखकर अमेरिका के F-35 लड़ाकू विमान ने ड्रोन को हवा में ही मार गिराया. यह घटना ऐसे समय हुई है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव भी काफी बढ़ा हुआ है. अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी

अमेरिकी नौसेना ने एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप USS अब्राहम लिंकन और कई गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर इस इलाके में तैनात किए हैं. हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक ईरान पर हमले को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है. दूसरी तरफ, ईरान ने भी सख्त रुख अपनाया है. ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उस पर हमला हुआ, तो वह पूरे मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजराइल को निशाना बना सकता है. है.

अमेरिका ने ये चेतावनी दी थी
ईरान ने 30 जनवरी को बताया था कि वह होर्मुज स्ट्रेट में दो दिन की नेवी एक्सरसाइज करेगा. इसके अगले दिन अमेरिका की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान की सेना IRGC से कहा है कि समुद्र में तनाव बढ़ाने वाली हरकतें न करे. अमेरिका ने कहा कि ईरान को यह अभ्यास सुरक्षित तरीके से करना चाहिए, ताकि अंतरराष्ट्रीय जहाजों को कोई खतरा न हो. होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का बहुत अहम समुद्री रास्ता है, यहां से हर दिन करीब 100 व्यापारिक जहाज गुजरते हैं. यह समुद्री रास्ता दुनिया के करीब 20% तेल की सप्लाई के लिए बेहद अहम है.

अमेरिका ने माना कि ईरान को अंतरराष्ट्रीय समुद्र और हवाई क्षेत्र में काम करने का अधिकार है, लेकिन अमेरिकी सेना या व्यापारिक जहाजों के पास खतरनाक हरकत करने से टकराव और तनाव बढ़ सकता है. अमेरिका ने चेतावनी दी कि वह अपने सैनिकों, जहाजों और विमानों की सुरक्षा जरूर करेगा. अमेरिका ने कहा कि अगर ईरान अमेरिकी जहाजों के पास हथियार लेकर उड़ान भरेगा, तेज रफ्तार नाव भेजेगा या हथियार तानेगा, तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

अमेरिकी CENTCOM में 21 देश
CENTCOM यानी अमेरिकी केंद्रीय कमान मध्य पूर्व, दक्षिण एशिया और मध्य एशिया के कई हिस्सों में सक्रिय है. इसमें मिस्र, ईरान, इज़राइल और पाकिस्तान जैसे देश शामिल हैं. इस क्षेत्र में होर्मुज जलडमरूमध्य, स्वेज नहर और बाब अल मंडेब जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग भी आते हैं.

अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन भी 26 जनवरी को CENTCOM के इलाके में पहुंच चुका है. सुरक्षा कारणों से अमेरिकी एक्सरसाइज की पूरी डीटेल शेयर नहीं की गई है. फारस की खाड़ी में दोनों देश अपनी सैन्य ताकत दिखाने और एक-दूसरे को चेतावनी देने के लिए सक्रिय हैं. अमेरिकी और ईरानी सैन्य गतिविधियों के कारण क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है.

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