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अमित शाह ने भी लगवाया कोरोना का टीका

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कोरोना वैक्सीनेशन अभियान के तहत टीका लगवा लिया। शाह को मेदांता अस्पताल के डॉक्टरों ने वैक्सीन का पहला डोज दिया। इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सोमवार सुबह कोरोना वैक्सीन लगवा चुके हैं। मोदी ने भारत बायोटेक के टीके कोवैक्सीन को लगवाया था।

कोरोना टीकाकरण अभियान के दूसरे फेज की शुरुआत सोमवार से ही हुई है। इस चरण में 60 साल से अधिक उम्र वाले लोग वैक्सीनेशन करवा सकेंगे। इसके अलावा, जिन लोगों की उम्र 45 साल से ज्यादा है और गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं, वे भी टीका लगवा सकते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी कोरोना वैक्सीन लगवाई। वहीं, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उड़ीसा के सीएम नवीन पटनायक समेत कई अन्य नेताओं ने भी वैक्सीन लगवाई है। एस जयशंकर ने भी कोरोना की भारत बायोटेक की कोवैक्सीन लगवाई। उन्होंने ट्वीट कर जानकारी दी कि वैक्सीन लगवाने के बाद वे सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। 

केंद्र सरकार दूसरे फेज में सरकारी अस्पतालों में फ्री कोरोना वैक्सीन लगा रही है। हालांकि, प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए लोगों को रुपये खर्च करने पड़ेंगे। इसके लिए सरकार ने अधिकतम 250 रुपये तय कर दिए हैं। बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने सभी को कोरोना वैक्सीन मुफ्त लगाने का वादा किया है। यही नहीं निजी केंद्रों पर भी बिहार में मुफ्त वैक्सीनेशन किया जाएगा। इसका पूरा खर्च राज्य सरकार की ओर से वहन किया जाएगा। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली स्थित एम्स अस्पताल में कोरोना टीका लगवाया। पुडुचेरी की रहने वाली नर्स पी निवेदा ने मोदी को भारत बायोटेक के कोवैक्सीन टीके की पहली खुराक लगाई। इसके बाद, मोदी ने ट्वीट किया, ”मैंने एम्स में कोविड-19 टीके की पहली खुराक ली। कोविड-19 के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में हमारे डॉक्टरों और वैज्ञानिकों ने बहुत कम समय में असाधारण काम किया है।” उन्होंने कहा, ”मैं उन सभी लोगों से कोरोना वायरस का टीका लगवाने की अपील करता हूं, जो इसके पात्र हैं। आइए, हम सब मिलकर भारत को कोविड-19 से मुक्त बनाएं।”

प्रधानमंत्री ने ट्वीट के साथ ही टीका लगवाते हुए अपनी एक तस्वीर भी साझा की, जिसमें वह असमिया गमछा पहने दिख रहे हैं और मुस्कुराते हुए टीका लगवा रहे हैं। उनके साथ इस तस्वीर में निवेदा के अलावा केरल की रहने वाली एक अन्य नर्स रोसम्मा अनिल भी दिख रही हैं।

गौरतलब है कि भारत के ड्रग कंट्रोलन ने तीन जनवरी को सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा बनाई गई ऑक्सफोर्ड कोविड-19 टीके ‘कोविशील्ड और भारत बायोटेक के स्वदेश में विकसित टीके ‘कोवैक्सीन’ के देश में इमरजेंसी इस्तेमाल को मंजूरी दी थी, जिसके बाद 16 जनवरी से देश में टीकाकरण अभियान शुरू हो सका था। सबसे पहले हेल्थ केयर वर्कर्स को वैक्सीन लगाई गई थी, जिसके बाद फ्रंटलाइन वर्कर्स का नंबर आया था।

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