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मानसिक रूप से प्रभावित कर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाती थीं अमरीन और आफरीन:भरोसा जीतकर खिलाया गोमांस

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भोपाल। हिंदू युवती-महिलाओं से दुष्कर्म, मतांतरण और देह व्यापार से जुड़े मामले में शुक्रवार को दोनों पीडि़ताएं पहली बार मीडिया के सामने आईं। पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में महिलाओं ने अमरीन और आफरीन पर और भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि दोनों बहनें मानसिक रूप से प्रभावित कर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाती थीं। पीडि़ताओं ने आरोप लगाया कि उनसे हिंदू धर्म के बारे में अनर्गल बातें कही जाती थीं। 30 वर्षीय विधवा पीडि़ता का कहना है कि अमरीन अकसर उसे तंज कसते हुए कहती थी कि तूने भगवान की पूजा की तो क्या मिला, तेरा पति भी मर गया, अल्लाह की इबादत से ही तुझे जन्नत नसीब होगी।
बदनामी के डर से नहीं आई सामने
महिलाओं का दावा है कि इसी तरह की बातों और भावनात्मक दबाव के जरिए उन्हें अपने प्रभाव में लिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि उनके जैसी कम से कम चार अन्य महिलाएं और हैं, लेकिन सामाजिक दबाव और बदनामी के डर से वे सामने नहीं आ पा रही हैं। पीडि़ताओं ने आरोप लगाया कि पहले दोस्ती और सहानुभूति के जरिए भरोसा जीता गया, फिर निजी समस्याओं का समाधान बताकर धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रेरित किया गया। विरोध करने पर कथित रूप से धमकियां भी दी गईं। इतना ही नहीं पीडि़ता ने यह भी बताया कि उन्हें कई बार धोखे से गोमांस खिलाया गया और बाद में उन्हें बताया।
अहमदाबाद स्थित फ्लैट पर पुलिस की दबिश
उधर मामले की जांच कर रही बागसेवनिया थाना पुलिस की एक टीम आरोपितों की तलाश में अहमदाबाद पहुंची है। सूत्रों के अनुसार संभावित ठिकानों पर सर्चिंग की जा रही है। पुलिस टीम ने अमरीन और उसके मंगेतर यासिर के जुहापुरा स्थित फ्लैट पर दबिश दी है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और पीडि़ताओं के बयानों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। शनिवार को पुलिस टीम वापस भोपाल लौटेगी। अमरीन मोबाइल से चलाती थी देह व्यापार का नेटवर्क, क्राइम ब्रांच कर रही जांच। पीडि़ता का यह भी आरोप है कि अमरीन के घर में उसके जाने से पहले काम करने वाली दो अन्य युवतियों को कम से कम वह जानती है और उन्हें भी ऐसा ही प्रताडि़त किया गया था। वहीं उसके नौकरी छोडऩे के बाद भी दो अन्य युवतियों को देह व्यापार के धंधे में धकेलने का आरोप भी अमरीन व आफरीन पर है। पीडि़ता ने बताया कि अमरीन घर में देह व्यापार का अड्डा चलाती थी, जिसके लिए उसके पास आधा दर्जन से ज्यादा युवती-महिलाएं थीं। इसके अलावा वह एक लाल रंग के फोन से कई क्लाइंटों से बातें करती थी। इस काम के लिए भी उसके पास कई सारी युवतियां थीं। उधर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अमरीन का मोबाइल क्राइम ब्रांच में जांच के लिए दिया गया है। उसकी जानकारी मिलने के बाद देह व्यापार को लेकर भी जांच की जाएगी।
मिसरोद पुलिस पर लगाया धमकाने का आरोप
एक पीडि़ता ने मिसरोद थाना पुलिस पर शिकायत न सुनने और उल्टा डराने-धमकाने का आरोप लगाया है। पीडि़ता का कहना है कि करीब एक महीने पहले वह शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंची थी, लेकिन उसकी बात गंभीरता से नहीं सुनी गई। आरोप है कि थाना प्रभारी ने मामले में कार्रवाई करने के बजाय उसे ही धमकाना शुरू कर दिया। उससे कहा कि तुम देह व्यापार से जुड़ी हो, किसी पर केस दर्ज करने से पहले तुम्हारी ही जांच करके जेल भेज दूंगा। पीडि़ता ने उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उसका यह भी आरोप है कि बागसेवनिया पुलिस ने मामले में गिरोह से जुड़े सभी लोगों को आरोपित नहीं बनाया है।
रसूख की धमकी देकर पीडि़ताओं का किया गया मुंह बंद
पीडि़ताओं को पहले से दी थी चेतावनी- पुलिस-नेता सब हमारे, कहीं सुनवाई न होगी। बागसेवनिया में शिकायत करने वाली पीडि़ता ने अमरीन और आफरीन के गिरोह को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। पीडि़ता ने बताया कि अमरीन के संपर्क में रहने वालीं युवतियां गरीब और जरूरतमंद हिंदू युवती-महिलाओं को उस तक पहुंचाती हैं। अमरीन उसकी बेटी के केयरटेकर के रूप में दस हजार की नौकरी देती है। बस इसके बाद शुरू होता है लव-जिहाद, दुष्कर्म, धर्मांतरण और देह व्यापार का गंदा खेल। अमरीन युवतियों को घुमाती-फिराती, उनकी बहन बनकर हर तरह की मदद करती, फिर किसी पार्टी में ड्रग्स दिलवाकर उनका दुष्कर्म या तो अपने भाई या प्रेमी से करवाती और फिर फोटो या वीडियो रिकार्ड कर बाद में धमकाती। वहीं ब्लैकमेलिंग से पहले ही अमरीन युवतियों को साफ-साफ चेतावनी देती थी कि यदि वे पुलिस के पास गईं तो कोई सुनवाई नहीं होगी, क्योंकि उसकी पहुंच पुलिस से लेकर बड़े-बड़े नेता-मंत्रियों तक है।

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