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‘मोहना’:गुजरात के कांडला पोर्ट से जुड़ेगा 118 हेक्टेयर में विकसित इंडस्ट्रियल पार्क, 800 करोड़ का निवेश भी आया

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इंदौर

प्रदेश के वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा ने बुधवार को बजट भाषण में इंदौर के जिस मोहना इंडस्ट्रियल पार्क की घोषणा की है, वहां से एक्सपोर्ट बेहद आसानी से हो सकेगा। देपालपुर के पास मोहना गांव में 118.84 हेक्टेयर जमीन पर नया औद्योगिक क्षेत्र तैयार किया गया है। यह इंदौर से करीब 30 किमी दूर है। इसके पास ही से इंदौर-अहमदाबाद नेशनल हाइवे गुजर रहा है। इसी के पास 150 एकड़ में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क भी विकसित किया जा रहा है। मोहना के पास ही बीजेपुर पार्क, इसी के आगे इंदौर की और कन्फेक्शनरी क्लस्टर व जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क प्रस्तावित हैं। इससे इंदौर का यह इलाका बड़े औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित होगा।

गुजरात के कांडला पोर्ट से करेंगे कनेक्ट
लॉजिस्टिक हब के पास से ही 80 मीटर चौड़ी रोड भी बनेगी, जो पीथमपुर इंडस्ट्रियल एरिया के मध्य से गुजरेगी। उधर 7.5 किमी का लंबा रेलवे ट्रैक टीही और हब को जोड़ेगा। टीही के पास धन्नड़ और कानकोर का कंटेनर डिपो है। यहां से माल टीही रेलवे मार्ग से आगे कांडला गुजरात के पोर्ट से जोड़ा जाएगा। यहीं फर्नीचर क्लस्टर लाया जा रहा है।

800 करोड़ रुपए का होगा निवेश
118 हेक्टेयर में विकसित मोहना इंडस्ट्रियल पार्क को 105 करोड़ रुपए खर्च कर विकसित किया गया है। यहां 16 में से 14 भूखंड कंपनियों को आवंटित भी किए जा चुके हैं। जिन कंपनियों को भूखंड आवंटित हो चुके हैं वे यहां पर 800 करोड़ रुपए का निवेश करने वाली हैं। शेष रिक्त दो भूखंड के लिए भी कई कंपनियों से चर्चा की जा रही है।

इन कंपनियों को आवंटित की गई जमीन
इस नए औद्योगिक क्षेत्र में वर्क वैलनेस मिलेनियम, मोहिनी हाइजीन, बेबी केयर, केयरफिट, जेनिथ ड्रग्स, गुफिन फॉर्मा, आजाद नमकीन, प्रतिभा पैकवेल, डीपी पॉलीमर, एमडीएडी, नेबाइन, रिकोन इंडस्ट्री और वनीता वायर को जमीन आवंटित की गई है।

एयरपोर्ट से मात्र 20 किमी दूर है मोहना इंडस्ट्रियल पार्क
मध्य प्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MPIDC) द्वारा NH-59 यानी इंदौर-अहमदाबाद हाईवे पर बनाया जा रहा नया औद्योगिक पार्क इंदौर एयरपोर्ट से मात्र 20 किलोमीटर दूर है। धन्नड स्थित इनलेंड कंटेनर डीपो (ICD) से मात्र 10 किमी है। JNPT पोर्ट 600 किलोमीटर दूर है। इन खूबियों के चलते यहां स्थापित होने वाली कंपनियों को अपने उत्पाद को निर्यात करने में आसानी होगी।

वित्तमंत्री ने IT पार्क और इंक्यूबेशन सेंटर का भी जिक्र किया, पढ़िए उनकी कहानी-

इंदौर में 2016 से इंक्यूबेशन सेंटर, यह प्रदेश का पहला
इंदौर में 8 जनवरी 2016 से ही इंक्यूबेशन सेंटर काम कर रहा है। पहला सेंटर सृजन इंक्यूबेशन सेंटर के नाम से क्रिस्टल IT पार्क में स्थापित किया गया था। इसके अलावा इंदौर में IIT, IIM, स्मार्ट सिटी और प्रेस्टिज इंस्टीट्यूट का भी इंक्यूबेशन सेंटर है। इसके अलावा पूरे MP में 30 इंक्यूबेशन सेंटर रजिस्टर हैं।

क्या है इंक्यूबेशन सेंटर
किसी भी नए आइडिया के साथ शुरू होने वाले स्टार्टअप को, इंक्यूबेशन सेंटर जगह के साथ बिजनेस आइडिया और सेटअप के लिए नॉलेज देते हैं। सृजन इंक्यूबेशन सेंटर के संचालक विकास सिंह ने बताया कि नए स्टार्टअप को फंड कैसे जनरेट करना, प्रॉडक्ट की मार्केटिंग कैसे करना, बिजनेस के लिए वर्क स्पेस प्रोवाइड कराया जाता है। MP में करीब 12 सौ स्टार्टअप हैं, इसके पचास प्रतिशत अकेले इंदौर में हैं।

इंदौर में तीन IT पार्क
इंदौर में तीन IT पार्क में स्टार्टअप कंपनियों ने दफ्तर खोल रखे हैं। इन तीन जगहों पर दो सौ से ज्यादा स्टार्टअप काम कर रहे हैं। पहला IT पार्क 2012 में शुरू हुआ था। इस क्रिस्टल IT पार्क के बाद अतुल्य IT पार्क और MP MPSEDC (मप्र स्टेट इलेक्ट्रॉनिक डेवलपमेंट कॉरपोरेशन) ने भी अपने IT पार्क शुरू किए हैं।

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