गया: बिहार के गया में तीरंदाजी में कई बच्चे अलग पहचान बना रहें हैं. यहां के तीरंदाज राष्ट्रीय स्तर तक खेल चुके हैं और बिहार के लिए मेडल भी लाए हैं. आज हम गया के एक ऐसे तीरंदाज की कहानी बताने जा रहे हैं जो 13 वर्ष की उम्र में बड़े तीरंदाजों को भी पीछे छोड़ चुके हैं. इस उम्र में वह अंडर-19 प्रतियोगिता मे भी शामिल हो चुके हैं. हम बात कर रहें है गया शहर के कुजापी के रहने वाले आदर्श कुमार की. आदर्श 8 साल की आयु से ही तीरंदाजी कर रहें है और आज बिहार में इनकी अलग पहचान है. इन्होने तीरंदाजी में इतनी कम उम्र में 20 से अधिक मेडल जीते हैं. इनमें 10 नेशनल मेडल हैं.

आदर्श कुमार छोटी उम्र से ही सटीक निशाना लगाते आ रहे हैं और अपने तीरंदाजी से बड़े बड़ों को मात देते हैं. इतनी छोटी उम्र में आदर्श पहले भी कई मेडल बिहार के लिए लाए हैं. 2023 में गुजरात में आयोजित प्रतिस्पर्धा में आदर्श महज दो अंक से नेशनल रिकॉर्ड से चूक गए थे. आदर्श को 349 अंक प्राप्त हुए जबकि नेशनल रिकॉर्ड 351 अंक है. आदर्श बेहद साधारण परिवार से आते हैं और छोटी उम्र में ही राष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान बना रहे हैं. इनके पिता नही हैं और माता स्कूल में क्लर्क हैं.
संसाधन के अभाव में इनके कोच और अन्य लोग इन्हें मदद करते हैं. आदर्श बताते हैं कि अंडर 14 एसजीएफआई नेशनल गेम में गोल्ड मेडल लाए थे जबकि टीम इवेंट में बिहार को सिल्वर मेडल दिलाया था. इसके अलावा अंडर 14 नेशनल में गोल्ड मेडल लाए हैं और अंडर 19 नेशनल भी खेल चुके हैं. आदर्श के कोच जयप्रकाश कुमार बताते हैं कि आदर्श में तीरंदाजी का जुनून इतना है कि वह रोजाना 6 किलोमीटर दूर से अकेले तीरंदाजी सीखने हमारे पास आते हैं.
दिसंबर 2023 में गुजरात के नादियाड स्थित जिला खेल परिसर में आयोजित 67वें नेशनल स्कूल गेम्स 2023 के तीरंदाजी अंदर-14 प्रतिस्पर्धा में भी तीरंदाज़ खिलाड़ी आदर्श कुमार ने एक स्वर्ण पदक और एक रजत पदक जीतकर बिहार राज्य का नाम गौरवान्वित किया है. इंडियन राउंड 30 मीटर में आदर्श को 360 में से 349 अंक प्राप्त हुए थे और देश के विभिन्न राज्य से आए लगभग 100 से भी अधिक तीरंदाजों को पछाड़ते हुए गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया था.