इंदौर
70 करोड़ की 70 किलो MD ड्रग्स के मामले में इंदौर क्राइम ब्रांच की गिरफ्त में दो और आरोपी आए हैं। पहले गिरफ्तार आरोपियों ने इनके नामों का खुलासा किया था। जिसके बाद आरोपियों को पकड़ा गया है। इसमें से एक आरोपी वजीर करीब 2 किलो ड्रग्स बाजार में अब तक खपा चुका है। वह 900 रुपए प्रति ग्राम के हिसाब से ड्रग्स खरीदता और 500 रुपए मुनाफा कमाते हुए बेच देता था। साथियों के पकड़ने जाने के बाद वह बनारस भाग गया, जब इंदौर लौटा तो बाहर से दरवाजा बंदकर अंदर ही रहने लगा था। पुलिस अब तक मामले में 28 तस्करों को दबोच चुकी है।
क्राइम ब्रांच ASP गुरु प्रसाद पाराशर ने बताया कि 70 किलो MD ड्रग्स मामले में कुछ तस्करों को गिरफ्तार किया गया था। आरोपियों से पूछताछ करने पर कई अहम जानकारियां मिली थी। उन्होंने अपने कुछ दूसरे साथियों के नाम भी उगले थे। इसके बाद 66 साल का वजीर हसन पिता अली रजा निवासी 63 जूना पीठा मेन रोड खुरासन पठान की बिल्डिंग शास्त्री काॅलोनी इंदौर और 27 साल के दानिश पिता शादिक खान निवासी ध्रव टाॅवर नेताजी सुभाष चंद्र मार्ग बड़वाली चौकी इंदौर गिरफ्त में आए हैं।
पूछताछ में पता चला कि रईस से करीब 20 साल से वजीर की दोस्ती है। यह रईस से लॉकडाउन के पहले से MD ड्रग्स ले रहा था। वजीर खुद भी ड्रग्स का आदी है। वह प्रति सप्ताह 50 ग्राम ड्रग्स रईस से खरीदता था। उसे 900 रुपए प्रति ग्राम ड्रग्स मिलती थी, जिसे वह 1400 रुपए प्रति ग्राम में बेचा करता था। एक आंड़का माने तो इस प्रकार से वजीर अब तक करीब 2 किलो MD ड्रग्स खपा चुका है। वजीर ने कबूला है कि उसे 500 रुपए प्रति ग्राम मुनाफा होता था।
आरोपी वजीर ने बताया कि वह फैजान लतीफ पहलवान, शाहिद गौरी, तबरेज उर्फ गबरू से भी MD ड्रग्स खरीदता था। उसे जब पता लगा कि रईस को पुलिस ने पकड़ लिया है तो वह अपनी लड़की के यहां बनारस भाग गया था। उसने अपने मोबाइल की सिम निकालकर स्टेशन पर फेंक दी थी। वापस इंदौर आने के बाद घर में ही ताला लगाकर अंदर रह रहा था।
वहीं, गिरफ्त में आए दानिश के बारे में पता चला है कि वह शाहिद गौरी, मो. नाजिम पहलवान, कासिम, रईस, ईशान, हरम पिता रईस, बिलाल, फैजान, हनीफ पहले से ही जानता था। वह भी ड्रग्स का आदी था। नशे के साथ ही वह उसकी खरीदी-बिक्री भी किया करता था। उसने बताया कि पहली बार बिलाल से ड्रग्स लेकर उसने नशा किया था, जिसके बाद नशे की लत लगने से उसने इन सभी तस्करों से ड्रग्स खरीद कर स्वयं नशा किया और पुड़िया बना बनाकर कई अन्य को भी बेचा।
यह है मामला
क्राइम ब्रांच ने 5 जनवरी को 5 आरोपियों से 70 करोड़ रुपए की 70 किलो MDMA ड्रग्स बरामद की थी। इनके पास से 13 लाख रुपए नकद भी बरामद हुए थे। आरोपी तेलंगाना और मध्यप्रदेश के रहने वाले हैं। आरोपी ड्रग्स की खेप देने और टोकन मनी लेने के लिए एकत्रित हुए थे। आरोपियों की माने तो वे ट्रेन, प्लेन, बस, ट्रक ट्रांसपोर्ट और निजी कार हर प्रकार से ड्रग्स लाते थे। ये इतने शातिर हैं कि ट्रांसपोर्ट से ड्रग्स भेजते समय वे पैकेट में मुर्गी दाना पाउडर या बीमारियों के वैक्सीन का पाउडर बताते थे। MD ड्रग्स मामले में पहले मुंबई से दो आरोपी अय्यूब इब्राहिम कुरैशी और वसीम खान को पकड़ा था। इनमें एक 1993 के मुंबई ब्लास्ट में सजा काट चुका है, जबकि दूसरा टी सीरीज के मालिक गुलशन कुमार हत्याकांड में शामिल अबू सलेम गैंग का सदस्य रहा था।

