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चंद्रयान की लैंडिंग होते ही इंदौर में 56दुकान से राजवाड़ा तक ढोल-ढमाकों के साथ नाचे लोग, जश्न मनाया

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इंदौर

इंदौर में इंदौर में 56 दुकान से राजवाड़ा तक चंद्रयान-3 की धूम है। यहां चंद्रयान की लैंडिंग देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए। लोगों के लिए बड़ी स्क्रीन की टीवी लगाई गई थी। इसमें लैंडिंग का सीधा प्रसारण किया गया। लैंडिंग होते ही यहां पर ढोल धमाके के साथ जय भारत और जय श्री राम के नारे लगने शुरु हो गए।

56 दुकान पर चंद्रयान की लैंडिंग के बाद जश्न।

चांद पर पहुंच रखने वाले देशों में अब तक केवल अमेरिका, रूस और चीन का नाम लिया जाता था लेकिन बुधवार शाम को भारत ने लंबे समय से चली आ रही इस यथास्थिति को बदल कर इतिहास रच दिया है। चंद्रयान-3 चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग करने में कामयाब रहा है। इतिहास में चंद्रमा की सतह पर सफल लैंडिंग करने वाला भारत चौथा देश बन गया है।

इंदौर के 56 दुकान पर चंद्रयान की लैंडिंग देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए।

14 जुलाई को श्री हरिकोटा स्पेस सेंटर से इसरो द्वारा लांच किया गया। चंद्रयान 3 आज यानी 41 दिन बाद चांद के साउथ पोल पर लैंडिंग की प्लानिंग की गई है। इसरो का कहना है कि अगर सब कुछ ठीक रहा तो 23 अगस्त की शाम को चांद पर जैसे ही सूरज उगेगा, इसरो का चंद्रयान उसके साउथ पोल पर लैंडिंग की कोशिश करेगा। मिशन कामयाब रहा, तो भारत चांद के दक्षिणी ध्रुव पर कामयाब लैंडिंग करने वाला दुनिया का पहला देश बन जाएगा।

चंद्रयान मिशन को ऑपरेट कर रहे इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन यानी इसरो के मुताबिक लैंडिंग की प्रोसेस बुधवार शाम 5 बजकर 44 मिनट पर एक्टिवेट की जाएगी। पूरे 20 मिनट बाद यानी शाम 6 बजकर 4 मिनट पर चंद्रमा की सतह पर चंद्रयान की लैंडिंग होगी।

50 साइंटिस्ट की रात आंखों में कटी, कमांड सेंटर में उत्साह-बेचैनी का माहौल

ISRO के बेंगलुरु स्थित टेलीमेट्री एंड कमांड सेंटर (इस्ट्रैक) के मिशन ऑपरेशन कॉम्प्लेक्स (मॉक्स) में 50 से ज्यादा वैज्ञानिक कंप्यूटर पर चंद्रयान-3 से मिल रहे आंकड़ों की रात भर पड़ताल में जुटे रहे। वे लैंडर को इनपुट भेज रहे हैं, ताकि लैंडिंग के समय गलत फैसला लेने की हर गुंजाइश खत्म हो जाए।

सभी सांकेतिक भाषा में बात कर रहे हैं। कमांड सेंटर में उत्साह-बेचैनी का मिला-जुला माहौल है। ISRO वैज्ञानिक बेंगलुरु स्थित ​​​​ISRO टेलिमेट्री ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क (इस्ट्रैक) और ब्यालालू गांव स्थित इंडियन डीप स्पेस नेटवर्क पर मिल रहे डेटा के अलावा यूरोपियन स्पेस एजेंसी के जर्मनी स्थित स्टेशन, ऑस्ट्रेलिया और नासा के डीप स्पेस नेटवर्क से रियल टाइम डेटा लेकर वेरिफिकेशन कर रहे हैं।

टीकायान को दिखाई हरी झण्डी

इंदौर में 56 दुकान, राजबाड़ा पर बड़ी स्क्रीन लगाकर लाइव प्रसारण की व्यवस्था भी की गई है। चंद्रयान की उपलब्धि को यादगार बनाने के लिए इंदौर की धरती पर चंद्रयान की तर्ज पर इंदौर में कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी की पहल पर बच्चों को विभिन्न बीमारियों से सुरक्षित करने और उनके जीवन को बचाने के लिये टीकायान बनाया गया है। इस टीकायान का शुभारंभ आज यहां महापौर पुष्यमित्र भार्गव, सांसद शंकर लालवानी, विधायक रमेश मेंदोला, गौरव रणदिवे, संभागायुक्त मालसिंह ने किया। इस टीकायान को हरी झण्डी दिखाकर अपने भ्रमण के लिए रवाना किया गया है।

टीकायान रथ रवाना।

यह टीकायान बच्चों के शत प्रतिशत टीकाकरण के लिए बनाया गया है। बताया गया कि यह टीकायान जिला स्वास्थ्‍य समिति एवं रेडक्रॉस सोसायटी के सहयोग से तैयार हुआ है। इस टीकायान में स्वास्थ्य विभाग का अमला तैनात रहेगा। यह टीकायान जिले का लगातार भ्रमण करेगा। बस्तियों, कॉलोनियों, निर्माण स्थलों, गांवों आदि स्थानों पर पहुंचकर शत प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित करेगा। इस टीकायान को आकर्षक रूप से सज्जित किया गया है। यह जिस भी क्षेत्र में पहुंचेगा वहां अपनी सुमधुर धुन में तैयार गीतों के माध्यम से अपने आने का संदेश देगा। इस यान के माध्यम से टीकाकरण के संबंध में जागरूकता भी लायी जायेगी। रथ में आकर्षक खिलौने, बिस्किट, चॉकलेट, गुब्बारे आदि रखे गये हैं। इस यान के माध्यम से गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण भी किया जाएगा।

चंद्रयान मिशन को ऑपरेट कर रहे इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन यानी इसरो के मुताबिक लैंडिंग की प्रोसेस बुधवार शाम 5 बजकर 44 मिनट पर एक्टिवेट की जाएगी। पूरे 20 मिनट बाद यानी शाम 6 बजकर 4 मिनट पर चंद्रमा की सतह पर चंद्रयान की लैंडिंग होगी।

50 साइंटिस्ट की रात आंखों में कटी, कमांड सेंटर में उत्साह-बेचैनी का माहौल

ISRO के बेंगलुरु स्थित टेलीमेट्री एंड कमांड सेंटर (इस्ट्रैक) के मिशन ऑपरेशन कॉम्प्लेक्स (मॉक्स) में 50 से ज्यादा वैज्ञानिक कंप्यूटर पर चंद्रयान-3 से मिल रहे आंकड़ों की रात भर पड़ताल में जुटे रहे। वे लैंडर को इनपुट भेज रहे हैं, ताकि लैंडिंग के समय गलत फैसला लेने की हर गुंजाइश खत्म हो जाए।

सभी सांकेतिक भाषा में बात कर रहे हैं। कमांड सेंटर में उत्साह-बेचैनी का मिला-जुला माहौल है। ISRO वैज्ञानिक बेंगलुरु स्थित ​​​​ISRO टेलिमेट्री ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क (इस्ट्रैक) और ब्यालालू गांव स्थित इंडियन डीप स्पेस नेटवर्क पर मिल रहे डेटा के अलावा यूरोपियन स्पेस एजेंसी के जर्मनी स्थित स्टेशन, ऑस्ट्रेलिया और नासा के डीप स्पेस नेटवर्क से रियल टाइम डेटा लेकर वेरिफिकेशन कर रहे हैं।

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