बिहार में नीतीश सरकार का गठन हो गया है। वहीं अब AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी सीमांचल का हीरो बनना चाहते हैं। उन्होंने नीतीश सरकार को समर्थन देने की बात भी कही। हालांकि इसके लिए ओवैसी ने एक शर्त भी रख दी। AIMIM नेता ओवैसी ने कहा कि विकास केवल पटना और राजगीर तक सीमित नहीं रहना चाहिए। सीमांचल नदी कटाव, पलायन और भ्रष्टाचार से जूझ रहा है। इन मुद्दों पर भी सरकार को ध्यान देना चाहिए।
‘सीमांचल को मिलना चाहिए न्याय’
AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने अमौर में एक जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हम नीतीश सरकार को समर्थन देने के लिए तैयार हैं, लेकिन सीमांचल को न्याय मिलना चाहिए। कब तक पटना और राजगीर के इर्द-गिर्द ही सब कुछ केंद्रित रहेगा?
विधायकों को लेकर कही ये बात
जनसभा को संबोधित करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने AIMIM के विधायकों को लेकर भी बात कही। उन्होंने कहा कि वे अपने विधायकों पर नजर रखेंगे और जवाबदेही वाला प्लान लागू करेंगे। ओवैसी ने कहा कि हमारे विधायक हफ्ते में दो दिन अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र के कार्यालय में बैठेंगे। इसके साथ ही वे अपनी लोकेशन के साथ फोटो भी भेजेंगे। हम छह महीने के अंदर यह काम शुरू करने की कोशिश करेंगे।
नीतीश सरकार को दी बधाई
उन्होंने आगे कहा कि मैं भी छह महीने में एक बार आने की कोशिश करूंगा। हम नई बिहार सरकार को बधाई देते हैं। हम उनके साथ सहयोग करने के लिए तैयार हैं, लेकिन सीमांचल के साथ न्याय होना चाहिए।
AIMIM ने जीती पांच सीट
बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने पांच सीटों पर जीत दर्ज की। इससे पहले 2020 में भी AIMIM ने पांच सीटें जीती थीं। लेकिन बाद में चार विधायक राजद में शामिल हो गए थे। इस बार भी पार्टी ने पांच सीटें जीती हैं और ये सभी सीमांचल में जीती हैं।
सीमांचल में किस पार्टी ने कितनी सीटें जीतीं
सीमांचल क्षेत्र मुस्लिम आबादी का एक बड़ा हिस्सा है। इस क्षेत्र में 24 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें से ज्यादातर एनडीए ने जीती हैं। एनडीए ने 24 में से 14 सीटों पर जीत दर्ज की। इसके अलावा AIMIM ने पांच सीटें जीती हैं।

