अग्नि आलोक

सेवा के लक्ष्य पर अटल पंकज कटारिया

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रतलाम में एक छोटी सी जगह   में निवास करने वाले पंकज कटारिया मानव सेवा के लिए लगातार प्रयास करते रहते हैं ,हर बार एक लक्ष्य लेकर उस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं 

 *शव ही शिव का संकल्प लेकर* *250 से ज्यादा लावारिस शवों का कर चूके अंतिम संस्कार*

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पंकज कटारिया अपनी 35 साल की उम्र में 250 से ज्यादा लावारिस शवों का अंतिम संस्कार कर चुके हैं। वेदिक विधि विधान से पूजन कर पावन अस्तियों को भी विधि पूर्वक पूजन कर विसर्जन के लिए समिति सदस्यों द्वारा हरिद्वार भिजवा चूके है।

 *ना जाने किस रूप में आकर नारायण मिल जाएंगे का संकल्प लेकर* रतलाम के साथ ही इन्दोर में रहकर सड़क पर घूम रहे मानसिक रोगीयो के लिए भी कर रहे हैं सदा प्रयास उनके इलाज उपचार के साथ रोगियों का  घर भी ढूंढ चुके हैं 

 *लावारिस अवस्था में सड़क पर अपना जीवन यापन कर रहे हैं बेसहारा का सहारा भी बने* 

ऐसे व्यक्ति जो सड़क पर अपना जीवन यापन कर रहे हैं कई बीमारियों से ग्रसित ऐसे परिजनों का इलाज भी करा चुके हैं 

 *अपनी महाकाल मानव सेवा संस्था के बैनर तले करते हैं सेवा कार्य** 

अपने परिवार को ओर मित्र जय्यू जोशी, सुनील ठाकुर,करीम पठान,फ़िरोज पठान,आशीष सिसोदिया,को प्रेरणा स्त्रोत मानकर लगातार कर रहे हैं इंदौर में सेवा कार्य ओर साथी दिनेश खेड़े ओर शुभम बानिया का सहयोग निरंतर प्राप्त रहता है।।

 *रक्तदान के क्षेत्र में भी सतर्क है* पंकज कटारिया रक्तदानी के नाम से भी प्रसिद्ध है। हजारों लोगों को विगत 15 सालों में रक्त की व्यवस्था करवाते है।ओर निरंतर निःस्वार्थ भाव से सेवा दे रहे है। इन्ही उपलब्धियों के कारण सैकड़ो सम्मान प्राप्त कर चुके है।

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