Site icon अग्नि आलोक

बेटे की कब्र के पास दफनाया जाएगा अतीक-अशरफ को; तीनों हमलावरों को नैनी जेल भेजा

Prayagraj: The mortal remains of gangster-turned-politician Atiq Ahmed's son Asad Ahmed being brought for the last rites, who was killed in an encounter in Jhansi, at the Kasari-Masari graveyard in Prayagraj, Saturday, April 15, 2023. (PTI Photo) (PTI04_15_2023_000033A)

Share

प्रयागराज

माफिया अतीक और उसके भाई अशरफ की शनिवार रात प्रयागराज में हत्या कर दी गई। पुलिस दोनों को मेडिकल टेस्ट के लिए अस्पताल ले जा रही थी। पत्रकार साथ-साथ चलते हुए अतीक और अशरफ से सवाल कर रहे थे। इसी बीच तीन हमलावर पुलिस का सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए आए और अतीक के सिर में गोली मार दी, फिर अशरफ पर फायरिंग की। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

हमलावर मीडियाकर्मी बनकर आए थे। इनके नाम लवलेश तिवारी, सनी और अरुण मौर्य हैं। हमले के तुरंत बाद ही तीनों ने सरेंडर कर दिया। लवलेश बांदा, अरुण कासगंज और सनी हमीरपुर का रहने वाला है। उनसे हथियार बरामद किए गए हैं। कॉन्स्टेबल मानसिंह को भी गोली लगी है। सरकारी वकील गुलाब चंद्र अग्रहरी ने बताया- तीनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में नैनी सेंट्रल जेल भेज दिया गया है।

अतीक-अशरफ के शवों का पोस्टमॉर्टम हो चुका है। दोनों के शव लेकर उनका बहनोई और दो रिश्तेदार कसारी-मसारी स्थित उनके पैतृक कब्रिस्तान पहुंच गए हैं। अतीक के बेटे असद की कब्र के पास दोनों की कब्र खुदवाई गई है।

कब्रिस्तान में किसी को भी एंट्री नहीं दी गई है। सिर्फ चुनिंदा रिश्तेदारों को जाने दिया गया। कब्रिस्तान से करीब 300 मीटर दूर सभी को रोक दिया गया। मीडियाकर्मियों को कब्रिस्तान के बाहर तक जाने दिया गया। हालांकि, उनके नाम और मोबाइल नोट किए जा रहे हैं। पूरे शहर में तगड़ी सुरक्षा है। जगह-जगह फोर्स तैनात है।

FIR के मुताबिक, तीनों शूटर्स ने बताया कि वो अतीक-अशरफ को मारकर UP में पॉपुलर होना चाहते थे। जब से कोर्ट ने अतीक-अशरफ को पुलिस कस्टडी दी थी, तब से ही वे प्रयागराज आ गए थे और उन्हें मारने की फिराक में थे। शनिवार को मौका मिलते ही उन्हें मार दिया।

आज के अपडेट्स

तस्वीर शनिवार रात 10:35 बजे की है, जब अतीक मीडिया से बात कर रहा था। उसी वक्त उसके सिर में बेहद करीब से गोली मारी गई।

आज के 2 बयान…

1. आरोपी लवलेश के पिता यज्ञ तिवारी बोले, ‘हमें जानकारी नहीं है और ना हमारा इससे कोई लेना-देना है। 5-6 दिन पहले आया था। उसका घर से कोई लेना-देना नहीं था। सालों से बोलचाल बंद है। थप्पड़ मारने के केस में जेल गया था, तब से बातचीत बंद है। नशा करता है। हमने उसे त्याग दिया है।’

2. दूसरे आरोपी सनी सिंह के भाई ने कहा, अतीक-अशरफ को गोली मारने वालों में दूसरा शूटर सनी सिंह है। वह हमीरपुर का रहने वाला है। उसके भाई पिंटू सिंह ने ANI से बातचीत में कहा- ‘हम लोग 3 भाई थे, जिसमें से एक की मृत्यु हो गई। सनी के ऊपर पहले से मामले दर्ज हैं। वह कुछ नहीं करता था। हम उससे अलग रहते हैं। वह बचपन में ही घर छोड़कर भाग गया था।’

44 साल की दहशत 20 सेकेंड में खत्म, 6 तस्वीरों में देखें…

1. शनिवार सुबह 10 बजे बेटे असद का जनाजा उठा

अतीक अहमद का बेटा असद गुरुवार को झांसी में यूपी STF के एनकांउटर में मारा गया। शनिवार सुबह 10 बजे जनाजा उठा। प्रयागराज के कब्रिस्तान में सिर्फ रिश्तेदार ही शामिल हो पाए। तब अतीक-अशरफ 3 किलोमीटर दूर प्रयागराज में ही पुलिस कस्टडी में थे।

2. शनिवार रात 10 बजे अतीक-अशरफ का मेडिकल

कोर्ट ने हर 24 घंटे में अतीक-अशरफ के मेडिकल करवाने का आदेश दिया था। शनिवार को भी रात 10 बजे पुलिस जीप में दोनों को प्रयागराज मेडिकल कॉलेज लाया गया था। जीप से उतरते ही दोनों को मीडिया ने घेर लिया। पुलिस ने भी दोनों को मीडिया से बातचीत करने दी।

3. शनिवार रात 10:35 बजे अतीक-अशरफ की हत्या

शनिवार रात 10: 35 बजे तीन हमलावर मीडिया वाले बनकर आए। पहले अतीक की कनपटी पर पिस्टल से फायर किया, फिर अशरफ पर। कुछ ही सेकेंड में दोनों जमीन पर गिर गए। 20 सेकेंड में ही उनकी मौत हो गई। इस दौरान पुलिस एक भी गोली नहीं चला पाई।

4. शनिवार रात जब तक गोलियां चलीं, पुलिस बेबस दिखी

तीनों शूटर अतीक और अशरफ पर तब तक फायरिंग करते रहे, जब तक पिस्टल खाली नहीं हो गई। इस दौरान पुलिस बेबस नजर आई। तस्वीर में देख सकते हैं कि एक शूटर अतीक-अशरफ पर फायरिंग कर रहा है और पुलिसकर्मी उसकी कमर पकड़े दिख रहा है।

5. शनिवार को अतीक-अशरफ की हत्या के बाद शूटरों ने सरेंडर किया

हमलावर अतीक और अशरफ को मारने के बाद घटनास्थल से भागे नहीं। तीनों शूटरों ने पुलिस के सामने हाथ ऊपर कर सरेंडर कर दिया। पुलिस तीनों को फौरन दूसरी गाड़ी में बैठाकर थाने ले गई। CM ने बैठक ली और सड़कों पर पुलिस फोर्स उतार दी गई।

6. शनिवार को मीडिया वाले बनकर आए थे शूटर

घटनास्थल से डमी वीडियो कैमरा और माइक आईडी भी बरामद हुआ है। पुलिस के मुताबिक, तीनों शूटर मीडिया वाले बनकर आए थे। उनके गले में आईडी भी था। करीब पहुंचते ही एक ने अतीक के सिर पर पिस्टल सटाकर गोली मारी और फिर अशरफ के सीने पर गोली दाग दी।

जेल में बंद बेटा बेहोश हो गया
अतीक की मौत की खबर सुनते ही नैनी जेल में बंद अतीक का दूसरा बेटा अली बेहोश हो गया। अतीक के दो नाबालिग बेटे राजरूपपुर बाल सुधार गृह में हैं। उनका टीवी कनेक्शन काट दिया गया।

योगी की अफसरों के साथ मीटिंग
घटना के बाद योगी आदित्यनाथ ने अफसरों के साथ इमरजेंसी मीटिंग की। उत्तर प्रदेश में धारा 144 लागू कर दी गई। संवेदनशील इलाकों में पुलिस फ्लैग मार्च कर रही है। मध्य प्रदेश के पूर्व CM कमलनाथ और UP की पूर्व CM मायावती ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में दखल देने की मांग की है।

14 तारीख को भी अतीक की तबीयत बिगड़ने पर कॉल्विन हॉस्पिटल लाया गया था
अतीक अहमद और अशरफ को प्रयागराज के सीजेएम कोर्ट ने 13 से 17 अप्रैल तक के लिए पुलिस रिमांड पर भेजा था। 13 अप्रैल की रात यानी गुरुवार को ही यूपी पुलिस और ATS ने दोनों से पूछताछ शुरू की। ये पूछताछ 23 घंटे तक चली। दोनों से करीब 200 सवाल पूछे गए थे।

सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान अतीक ने कबूला था कि वह पाकिस्तान से हथियार की सप्लाई लेता रहा है। अहमदाबाद जेल से उसने ISI एजेंट को फोन किया था। यही नहीं, अतीक ने उमेश पाल हत्याकांड की साजिश का जुर्म भी कबूल किया। अशरफ ने पुलिस को बताया कि किसी चैनल से हथियार पंजाब के एक फॉर्म हाउस तक पहुंच जाते थे।

पूछताछ के दौरान अतीक गिड़गिड़ाता रहा। वह बेटे के जनाजे में शामिल होने की मिन्नतें करता रहा। इसी दौरान 14 तारीख की शाम को अतीक की तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उसे और अशरफ को एक ही हथकड़ी में प्रयागराज के कॉल्विन हॉस्पिटल लाया गया।

Exit mobile version