फसल नीलामी में मंडी बोर्ड के एमडी के आदेश का भी नहीं हो रहा है पालन
इंदौर । मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक विकास नरवाल ने सभी मंडी समितियों को स्पष्ट आदेश दिया है कि फसल की नीलामी की शुरुआत समर्थन मूल्य से की जाए । लेकिन इंदौर मंडी में इसका पूरी तरह पालन नहीं हो रहा है । इसके कारण किसानों को ना को समर्थन मूल्य मिल रहा है ना फसल का वाजिब मूल्य । मंडी कर्मचारियों, नीलाम कर्ताओं की मिलीभगत के चलते फसल को औने पौने दामों पर बेचा जा रहा है । आज भी लक्ष्मी नगर मंडी में इसी को लेकर विवाद की स्थिति बनी । पाल काकरिया के किसान सचिन अपना गेहूं बेचने मंडी में आया था ,पहले तो उसका गेहूं नीलामी में ₹1996 में नीलाम हुआ, लेकिन बाद में व्यापारी ने वह गेहूं हल्की क्वालिटी का बताकर लेने से इनकार कर दिया । जिसके बाद उसकी पुनः नीलामी की गई और बोली लगी 1940 की । जिस पर किसान ने अपना गेहूं बेचने से इनकार कर दिया ।
संयुक्त किसान मोर्चा के रामस्वरूप मंत्री और मध्य प्रदेश किसान मजदूर सेना के बबलू जाधव ने बताया कि किसानों की नीलामी में गड़बड़ी के चलते आए दिन मंडियों में विवाद होते हैं और उनकी फसल ओने पौने दामों पर बेची जाती है ।मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक का स्पष्ट आदेश है कि नीलामी की शुरुआत समर्थन मूल्य से ही की जानी चाहिए । लेकिन उनके इस आदेश का इंदौर मंडी में पालन नहीं हो रहा है ।जिसके खिलाफ किसानों में आक्रोश है और आज भी मंडी में किसानों ने नीलामी रोक दी तथा मंडी का कामकाज कई घंटों ठप रहा ।
किसान नेताओं ने मांग की है कि मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक के आदेश का सख्ती से पालन किया जाए और किसानों की फसल समर्थन मूल्य से नीचे नहीं बेची जाए ।यदि क्वालिटी को लेकर कहीं कोई विवाद होता है तो जिस तरह से आदेश में स्पष्ट लिखा है कि मंडी सचिव विवादों का तय मानक के अनुसार निराकरण करेंगे, वही होना चाहिए। लेकिन इन नियमों का पालन नहीं हो रहा है । जिससे कृषि उपज मंडी में स्थिति विस्फोटक बनती जा रही है ।

