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*किसानों को भुगतान नहीं करने वाले व्यापारी की जमानत अर्जी ख़ारिज*

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अदालत की सख़्त टिप्पणी, किसानों को मिली बड़ी राहत

ग्राम पटपरा एवं आसपास के छोटे किसानों की टमाटर उपज का भुगतान रोककर 5,16,140 रुपये की राशि हड़पने वाले व्यापारी लोकेश कुशवाह की जमानत अर्जी अपर सत्र न्यायाधीश परासिया, जिला छिंदवाड़ा (म.प्र.) ने खारिज कर दी है। अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए आरोपी को रिहाई का लाभ देने से साफ इंकार कर दिया।

मामले का संक्षिप्त विवरण

किसानों ने 16 सितंबर 2025 से 19 अक्टूबर 2025 के बीच कुल 15,05,630 रुपये का टमाटर माल आरोपी को भेजा था। शुरुआती कुछ भुगतान फोन-पे और नकद के माध्यम से किए गए, जिससे किसान भरोसे में बने रहे। बाद में आरोपी ने भुगतान बंद कर दिया और किसानों के फोन उठाना भी बंद कर दिया।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने भोपाल मंडी में पूरा माल बेचकर उसकी पूरी राशि वसूल कर ली थी, जबकि किसानों को 5,16,140 रुपये का भुगतान नहीं किया गया।

किसानों की पीड़ा अदालत तक पहुँची

किसानों ने अदालत को बताया कि—

उनके परिवार की जीविका खेती पर निर्भर है,

रकम न मिलने से वे आर्थिक और मानसिक संकट में हैं,

आरोपी धमकी भी देता था और स्पष्ट रूप से भुगतान से इनकार कर चुका है,

जमानत मिलने पर उसके फरार होने की पूरी संभावना है।

अदालत ने क्यों की जमानत अर्जी खारिज?

अपर सत्र न्यायाधीश श्री गौतम कुमार गुजरे ने आदेश में कहा—

आरोपी अन्य जिले का निवासी है,

छिंदवाड़ा में उसकी कोई स्थायी संपत्ति नहीं,

उसके फरार होने की आशंका प्रबल है,

किसानों से विश्वासघात और धोखाधड़ी का प्रकरण गंभीर है,

मामले की विवेचना अभी अधूरी है।

इन सभी तथ्यों को देखते हुए आरोपी का जमानत आवेदन धारा 483 भा.ना.सु.सं. के तहत अस्वीकार किया गया।

किसानों की आवाज़ को मिला बल – किसान नेता बबलू जाधव की सक्रिय भूमिका

प्रभावित किसानों की शिकायत पर किसान नेता बबलू जाधव लगातार किसानों के संपर्क में रहे और उन्होंने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय शिकायत मंडी बोर्ड के एम.डी. को भी की, जिसमें मंडी अधिकारियों की संभावित मिलीभगत का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया है।

उन्होंने बताया कि किसान की उपज मंडी पहुंचती है, मगर यदि मंडी तंत्र ही पारदर्शिता न रखे तो ऐसे धोखाधड़ी के मामले बढ़ते हैं। उन्होंने मांग की है कि किसानों को उनकी पूरी रकम दिलाने तक कार्रवाई जारी रहे।

किसानों की मेहनत की कमाई सुरक्षित रहनी चाहिए— यही इस फैसले का संदेश है।

उक्त जानकारी संयुक्त किसान मोर्चा नेता बबलू जाधव ने दी।

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