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निकाय चुनाव से पहले सरकार का बड़ा दांव:6 हजार से ज्यादा अवैध कॉलोनियों को वैध करने संबंधी बिल को कैबिनेट से मिल सकती है मंजूरी

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बिल को अध्यादेश के माध्यम से प्रदेश में लागू करने की तैयारी, फिर नियम बनाएगी सरकार

भोपाल

मध्य प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव से पहले शिवराज सरकार बड़ा फैसला लेने जा रही है। कैबिनेट की 24 मार्च को होने वाली बैठक में 6 हजार से ज्यादा अवैध कॉलोनियों को वैध करने संबंधी प्रस्तावित बिल को मंजूरी मिल सकती है। इसके साथ ही नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अवैध निर्माण की कंपाउंडिंग करने की सीमा 10% से बढ़ाकर 20% करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा होगी। दोनों प्रस्तावों को शिवराज कैबिनेट मंजूरी दे देती है, तो विधेयक को अध्यादेश के माध्यम से लागू करने की तैयारी है। इसके बाद नियम बनाए जाएंगे।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने विधानसभा में बजट सत्र के दौरान घोषणा की थी कि अवैध कॉलाेनियों को वैध करने के लिए नगर पालिका विधि (संशोधन) विधेयक 2021 सरकार जल्दी से जल्दी प्रदेश में लागू करेगी, लेकिन बजट सत्र कोरोना के चलते 10 दिन पहले स्थगित होने के कारण सरकार इसे पेश नहीं कर पाई थी।

दरअसल, अवैध कॉलोनियों को वैध करने में कई अड़चने ंहैं, इसलिए नगरीय प्रशासन ने पेंडिंग नियमों को मोडिफाई कर नए एक्ट के ड्राफ्ट को मंत्रालय भेजा था। इससे पहले भी नियमों में परिवर्तन कर राज्य सरकार ने कुछ कॉलोनियों को वैध करार दिया था, लेकिन ग्वालियर हाईकोर्ट ने उस पर रोक लगा दी थी।

हो सकता है गेम चेंजर

प्रदेश में करीब 6876 अवैध कॉलोनियां हैं। ग्वालियर, जबलपुर, भोपाल और इंदौर में सबसे ज्यादा ऐसी कॉलोनियां हैं। शिवराज सरकार अगर निकाय चुनाव से पहले इन्हें वैध कर देती है, तो यह बीजेपी के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है। हालांकि शिवराज सिंह चौहान ने 2018 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी यह घोषणा की थी, लेकिन सत्ता में वापस नहीं लौट पाए थे और कांग्रेस की सरकार में यह ठंडे बस्ते में चला गया था।

दिग्विजय सरकार ने लिया था वैध करने का फैसला
प्रदेश में 3 फरवरी 2000 को सरकार ने शहरी क्षेत्र में नजूल की जमीनों को (अर्बन सीलिंग) शहरी क्षेत्र घोषित कर दिया था। इसके बाद इन पर अवैध रूप से कॉलोनियों और मकानों का निर्माण होता रहा, लेकिन उन्हें वैध करने के नियम नहीं थे। वर्ष 4 मई 2002 को इस बारे में तत्कालीन दिग्विजय सरकार ने इन कॉलोनियों को वैध करने का निर्णय तो लिया, लेकिन इसका पालन नहीं हो पाया। इसी के क्रियान्वयन के लिए कैबिनेट ने प्रस्ताव को मंजूरी दी।

वर्चुअल होगी कैबिनेट बैठक
कोरोना संक्रमण रफ्तार बढ़ने के चलते फिर से कैबिनेट बैठक वर्चुअल होगी। मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैस ने सभी मंत्रियों को इसकी जानकारी भेज दी है। बैठक शाम 4 बजे होगी। मुख्यमंत्री इस बैठक में मंत्रालय से शामिल होंगे, जबकि मंत्री अपने-अपने निवास या आफिस से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ेंगे।

इन प्रस्तावों पर भी होगी चर्चा

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