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मध्य प्रदेश में बजट सत्र से पहले सियासत तेज:सरकार सुझाव समेटने में जुटी, कांग्रेस ने जनता से मांगे घोटालों के सबूत

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मध्य प्रदेश में बजट सत्र से पहले सियासत तेज हो गई है। एक तरफ मोहन यादव सरकार 18 फरवरी को पेश होने वाले बजट की रूपरेखा तय करने में जुटी है, तो दूसरी ओर विपक्ष ने सीधे जनता से संवाद का रास्ता खोलते हुए सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है। कांग्रेस ने प्रदेश की जनता से उनकी समस्याओं और कथित घोटालों की जानकारी मांगी है।

घोटालों से जुड़े मामलों को सामने लाएं
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने जनता से अपील की है कि वे सिस्टम की खामियों, भ्रष्टाचार, माफिया राज, विभागीय लापरवाही और भर्ती घोटालों से जुड़े मामलों को सामने लाएं। इसके लिए उन्होंने एक व्हाट्सएप नंबर और ई-मेल आईडी सार्वजनिक की है, ताकि आम लोग अपने पास मौजूद सबूतों के साथ जानकारी साझा कर सकें।


व्हाट्सएप पर मांगा जनता का इनपुट

उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि विधानसभा का बजट सत्र 2026 जनता के सवालों की आवाज बनेगा। उन्होंने कहा कि यदि कोई नागरिक सिस्टम की नाकामी से परेशान है या किसी घोटाले की सच्चाई उजागर करना चाहता है, तो अब उसकी बात सीधे विधानसभा तक पहुंचेगी। विपक्ष इन सवालों को सदन में उठाकर जिम्मेदारों से जवाब मांगेगा। सिंघार ने स्पष्ट किया कि जो भी व्यक्ति दस्तावेज, फोटो, वीडियो, कॉल रिकॉर्डिंग या अन्य ठोस प्रमाण साझा करेगा, उसकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

बजट होमवर्क में सरकार
दूसरी ओर राज्य सरकार भी बजट को लेकर पूरी तरह एक्शन मोड में है। मुख्यमंत्री मोहन यादव सरकार के तीसरे बजट के लिए वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा और उनकी टीम विभागों से प्राप्त प्रस्तावों, नई योजनाओं और पहले की घोषणाओं की प्रगति रिपोर्ट को अंतिम रूप दे रही है। सरकार का फोकस इस बात पर है कि बजट सत्र के दौरान जनहित से जुड़े प्रावधानों को मजबूती से रखा जा सके। विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू होगा और 18 फरवरी को बजट पेश किया जाएगा।

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