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भजनलाल शर्मा राजस्थान के अगले मुख्यमंत्री,दीया कुमारी और प्रेमचंद्र बैरवा उप मुख्यमंत्री

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बीजेपी विधायक दल की बैठक में फैसला

जयपुर. छ्त्तीसगढ़, मध्य प्रदेश के बाद अब राजस्थान में बीजेपी ने सीएम फेस का ऐलान कर दिया है. अब राजस्थान के नए मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा होंगे. जयपुर में विधायक दल की बैठक में इसे लेकर फैसला लिया गया है. भजनलाल शर्मा विधायक दल के नेता चुने गए हैं. पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया.भजनलाल शर्मा राजस्थान के अगले मुख्यमंत्री होंगे। वहीं, दो डिप्टी सीएम के नाम का एलान भी हो गया है। दीया कुमारी और प्रेमचंद्र बैरवा को उप मुख्यमंत्री बनाया जाएगा। जबकि वासुदेव देवनानी विधानसभा के स्पीकर होंगे

इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की थी। वसुंधरा ने चुनावी नजीतों के बाद पार्टी के कई विधायकों को डिनर पार्टी दी थी, जिसे दबाव की राजनीति के तौर पर देखा गया था। हालांकि, नड्डा से मुलाकात के बाद वसुंधरा के सुर बदले-बदले नजर आए थ और उन्होंने खुद को पार्टी का अनुशासित कार्यकर्ता बताया था। 

राजस्थान के नए मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा होंगे। शर्मा सांगानेर सीट से चुनाव जीतकर पहली बार विधायक बने हैं। उन्होंने कांग्रेस के पुष्पेंद्र भारद्वाज को 48081 वोटों से शिकस्त दी थी। विधायक दल की बैठक से पहले हुए फोटा सेशन में वे चौथी पंक्ति में बैठे थे। कुछ देर भाजपा ने उनका नाम प्रदेश के नए मुख्यमंत्री के लिए घोषित कर दिया।

भजन लाल शर्मा सांगानेर से विधायक हैं. मूल रूप से भरतपुर के रहने वाले भजनलाल शर्मा संगठन में लंबे समय से कार्यरत हैं. शर्मा, प्रदेश महामंत्री के तौर पर कार्य करते रहे हैं. बीजेपी ने उन्हें पहली बार जयपुर की सांगानेर जैसी सुरक्षित सीट से चुनाव लड़ाया. मौजूदा विधायक अशोक लाहोटी का टिकट काटकर भजनलाल शर्मा को प्रत्याशी बनाया था. सांगानेर सीट भाजपा का गढ़ कही जाती है. भजन लाल शर्मा ने कांग्रेस के पुष्पेंद्र भारद्वाज को 48081 वोटों से शिकस्त दी थी.

विधायक दल की बैठक में हुआ फैसला

बीजेपी विधायक दल की बैठक मंगलवार शाम चार बजे शुरू हुई. बैठक में राजस्थान के नए मुख्यमंत्री का चुनाव किया गया. बैठक में भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और दो सह-पर्यवेक्षक विनोद तावड़े और सरोज पांडे मौजूद रहे. इससे पहले केंन्द्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, प्रहलाद जोशी और दो सह-पर्यवेक्षक विनोद तावड़े और सरोज पांडे के साथ एक विशेष विमान से जयपुर पहुंचे थे. हवाई अड्डे पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने उनका स्वागत किया.

राजनाथ सहित सभी नेता हवाई अड्डे से सीधे नजदीक के एक होटल में गए. उसके बाद राजनाथ सिंह, वसुंधरा राजे और सीपी जोशी एक वाहन में सवार होकर भाजपा मुख्यालय पहुंचे. बता दें कि राज्य में 200 में से 199 सीट के लिए हुए चुनाव के परिणाम 3 दिसंबर को घोषित किए जा चुके हैं. 115 सीट पर जीत हासिल कर भाजपा बहुमत हासिल करने में कामयाब रही है. करणपुर सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार के निधन के कारण चुनाव स्थगित कर दिया गया था

विधायक बने सांसदों के इस्तीफे ने बढ़ा दी थी सरगर्मी
इससे पहले राजस्थान के राजसमंद की सांसद दीया कुमारी, जयपुर के सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौड़, राज्यसभा सदस्य किरोड़ी लाल मीणा और अलवर के सांसद बाबा बालक नाथ ने विधानसभा चुनाव जीतने के बाद इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद से अटकलें लगाई जाने लगी थीं कि पार्टी वसुंधरा के अलावा किसी दूसरे चेहरे पर दांव खेल सकती है।

21 सांसदों को उम्मीदवार बनाया था
भाजपा ने मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के विधानसभा चुनावों में कुल 21 सांसदों को उम्मीदवार बनाया था। इनमें से 12 ने जीत दर्ज की है। भाजपा ने मध्य प्रदेश और राजस्थान में सात-सात, छत्तीसगढ़ में चार और तेलंगाना में तीन सांसदों को विधानसभा चुनाव के मैदान में उतारा था।

मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ में चौंकाया
इससे पहले भाजपा ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर मोहन यादव के नाम पर मुहर लगाकर सभी चौंका दिया था। मोहन यादव उज्जैन दक्षिण विधानसभा सीट से विधायक हैं। यह भी तय किया गया कि मध्य प्रदेश में दो उपमुख्यमंत्री भी होंगे। इनके लिए जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ला का चुना गया। जगदीश देवड़ा मल्हारगढ़ और राजेंद्र शुक्ला रीवा से विधायक हैं। इसके अलावा स्पीकर पद के लिए नरेंद्र सिंह तोमर के नाम का एलान किया गया था।

वहीं, छत्तीसगढ़ में भाजपा ने विष्णुदेव साय को मुख्यमंत्री के लिए चुनकर सियासी गलियारे में हलचल मचा दी थी। इसके साथ ही यह भी बताया गया कि राज्य में दो डिप्टी सीएम होंगे और पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह स्पीकर हो सकते हैं। 

25 नवंबर को मतदान, तीन दिसंबर को आए थे नतीजे
राजस्थान में करणपुर विधानसभा सीट को छोड़कर बाकी सभी 199 सीटों पर 25 नवंबर को चुनाव कराए गए थे।इसके नतीजे 3 दिसंबर को आए। राजस्थान विधानसभा चुनाव के सियासी घमासान में कांग्रेस को पछाड़ कर भाजपा ने 115 सीटें जीतीं। वहीं कांग्रेस को 69 सीटें ही मिल सकीं। इसके अलावा 15 सीटें अन्य के खाते में गईं। 

संघ के करीब है शर्मा 
भजन लाल शर्मा सामान्य वर्ग से हैं। संघ की पृष्ठभूमि से आते हैं। लंबे समय से वे संघ से जुड़े हुए हैं। साथ पार्टी में भी उनकी अच्छी पकड़ है।

भरतपुर के रहने वाले हैं 
भजन लाल शर्मा की उम्र 55 साल है। वे पोस्ट ग्रेजुएट हैं। शर्मा मूलरूप से भरतपुर के रहने वाले हैं। लेकिन, पार्टी ने उन्हें जयपुर जिले की सांगनेर विधानसभा सीट से पहली बार टिकट दिया था। जहां से जीत दर्ज कर वे विधायक बने हैं। 

दस साल से प्रदेश महामंत्री
भजन साल शर्मा दस साल से भाजपा प्रदेश महामंत्री हैं। इससे पहले पहले यह मंडल अध्यक्ष भी रह चुके हैं। 

पिछले चुनाव में पार्टी ने नहीं दिया था टिकट
2003 में भरतपुर की नबई सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन छज हजार वोट से हार का सामना करना पड़ा था। 2018 में शर्मा ने भाजपा से टिकट मांगा था, लेकिन पार्टी ने उनकी मांग को दरकिनार कर दिया था।

     

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