सैकड़ों किसानों को ना पौधे मिले, ना अनुदान राशि ,फिर भी करोड़ों रुपए का हो गया भुगतान*
*एनजीओ और अफसर हुए मालामाल*
इंदौर ।मध्यप्रदेश में रेशम उत्पादन के लिए किसानों को आकर्षित करने के लिए रेशम संचनालय ने कई योजनाएं चालू की थी इन योजनाओं में किसानों को रेशम कीट और पौधे तथा भवन निर्माण सहित विभिन्न योजनाओं मे धनराशिदेकर संचालित
की जा रही थी। इन योजनाओं में किसीमें तो सीधे किसानों को भुगतान किया जाना था तथा किसीमें एनजीओ के माध्यम से किसानों को जोड़कर भुगतान किया जाना था। मंदसौर ,खरगोन और बड़वानी जिले सहित मध्य प्रदेश के कई जिलों में रेशम संचनालय ने यह योजनाएं संचालित की थी, लेकिन एनजीओ और अधिकारियों की मिलीभगत से सैकड़ों किसानों को इन योजनाओं से जोड़ा तो गया और उन्हें भुगतान करना भी बताया गया । लेकिन पिछले दो-तीन वर्षों में किसानों को पैसा नहीं मिला । एनजीओ ने किसानों को लाभ दिलाने का लालच देकर पंजीयन के नाम पर ₹3200 जमा भी करवाएं यह राशि भी अभी तक किसानों को वापस नहीं मिली है ।
संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक रामस्वरूप मंत्री और महासचिव बबलू जाधव ने बताया कि केवल मंदसौर जिले में ही 200 से ज्यादा किसानों को साडे तीन लाख प्रत्येक को दिए जाना थे ,जिसमें 57 फ़ीसदी अनुदान राशि थी । जो सीधे किसानों के खातों में दी जाना थी लेकिन अधिकारियों की मिलीभगत से यह राशि एनजीओ को तो दे दी गई, लेकिन आज तक एनजीओ ने किसानों को उसका भुगतान नहीं किया ।
यदि इस मामले में उच्च स्तरीय जांच हो तो बड़ा घोटाला सामने आ सकता है। अंदरूनी सूत्रों ने संयुक्त किसान मोर्चा को बताया कि एनजीओ के माध्यम से करोड़ों रुपए का भुगतान तो सरकार की तरफ से हो गया है ,लेकिन किसानों के खातों में एक पैसा भी नहीं पहुंचा है। कथित एनजीओ को फायदा पहुंचाने के पीछे की कहानी यह है कि विभाग के अधिकांश रिटायर्ड अफसर भी एन एन जी ओ के संचालक और सदस्य बन बैठे हैं इसी के चलते रेशम संचनालय एनजीओ को फायदा पहुंचाने का काम कर रहे हैं खरगोन और बड़वानी जिले में अब जिस एनजीओ को काम दिया गया था। वह किसानों के साथ अपने नाम से संयुक्त खाते खोलकर पैसे का भुगतान की बात कर रहा है ,जबकि मंदसौर जिले में अभी तक एक भी किसान को भुगतान नहीं हुआ है और एनजीओ मालवा रेशम उत्पादक संस्था करोड़ों रुपए का भुगतान प्राप्त कर मजे ले रहे हैं ।
रामस्वरूप मंत्री और बबलू जाधव ने इस घोटाले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है तथा कहा है कि किसानों को उनके हिस्से की राशि का तत्काल भुगतान किया जाना चाहिए और जिस एनजीओ ने और अधिकारियों ने इस तरह का घोटाला किया है उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाना चाहिए । संयुक्त किसान मोर्चा इस घोटाले की तथ्यात्मक जानकारी जुटा रहा है और शीघ्र ही मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री, विभागीय मंत्री और विभागीय अधिकारियों को भैंज कर पूरे घोटालों के तथ्यों से अवगत कराकर दोषियों को दंडित करने की मांग करेगा।

