भोपाल
नगर निगम और बिजली कंपनी के बीच विवाद का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। शहर में 40 से ज्यादा इलाकों की सड़कों पर अंधेरा है। निगम के बिल नहीं चुकाने पर बिजली कंपनी ने एमपी नगर, शिवाजी नगर के साथ सोमवारा, छोला रोड जैसे इलाकों में स्ट्रीट लाइटों के कनेक्शन काट दिए हैं। कंपनी का कहना है कि उन्हें निगम से 101 करोड़ रुपए लेना है।
इसमें से 72 करोड़ रुपए शहर के और बाकी 29 करोड़ रुपए कोलार फिल्टर प्लांट के हैं। इतनी बड़ी रकम वसूलने के लिए कनेक्शन काटने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। कंपनी ने दिसंबर में भी शहर की 20 स्ट्रीट लाइट के कनेक्शन काट दिए थे। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के मुताबिक कंपनी भी बिजली खरीद कर लाती है, उसे भी पैसे देना होते हैं, इसलिए यह कदम उठाना पड़ा।
यहां भी घुप्प अंधेरा
- एमपी नगर
- चेतक ब्रिज
- शिवाजी नगर
- तुलसी नगर
- अरेरा कॉलोनी
- नेहरू नगर
- कोटरा सुल्तानाबाद
- डीआरएम रोड
- सोमवारा
- छोला रोड
कंपनी : गनीमत है कि हमने पानी के कनेक्शन नहीं काटे
गनीमत है कि हमने स्ट्रीट लाइट के ही कनेक्शन काटे, जलप्रदाय के नहीं। जब तक पेमेंट नहीं होगा तब तक स्ट्रीट लाइट के कनेक्शन नहीं जोड़ेंगे।
-डीके तिवारी, भोपाल नॉर्थ डिवीजन के डीजीएम
नगर निगम : 20 करोड़ देने के बाद भी धमकी गलत
हम दो महीने में 20 करोड़ रुपए का भुगतान कर चुके हैं। इसके बावजूद यदि पानी का कनेक्शन काटने की धमकी दी जाती है तो यह गलत है।
-वीएस चौधरी कोलसानी, नगर निगम कमिश्नर
बिजली कंपनी का दावा: लॉकडाउन के बाद बिगड़े हालात
लॉकडाउन से पहले तक निगम बिल का नियमित भुगतान कर रहा था, लेकिन उसके बाद भुगतान रोक दिया। धीरे-धीरे राशि बढ़ती चली गई।
निगम ने कहा- जनवरी-फरवरी में 15 करोड़ का भुगतान किया
31 दिसंबर को 4.5 करोड़ का भुगतान किया था। इसके बाद जनवरी-फरवरी में शासन ने चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि में कटौती कर 15 करोड़ का भुगतान किया।
पुलिस की चिंता- एसपी साउथ साईं कृष्णा ने कहा कि लाइट बंद होने से सीसीटीवी कैमरे भी बंद हो गए हैं। उन इलाकों में पेट्रोलिंग बढ़ा रहे हैं, ताकि अपराध न हों।

