अहमदाबाद
कच्छ के मांडवी में 8 इंच बारिश से एक इलाका डूब गया। रेस्क्यू ऑपरेशन करती हुई NDRF की टीम।
अरब सागर में बना चक्रवात बिपरजॉय गुरुवार शाम गुजरात के तटों से टकरा गया। इसका असर कच्छ-सौराष्ट्र समेत 8 जिलों में रहा। यहां किसानों और पशुपालकों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। आम और खजूर के कई बगीचे तबाह हो गए हैं।
940 गांवों की बिजली गुल, सैकड़ों पेड़ उखड़े
जामनगर और द्वारका में कई मोबाइल टॉवरों को नुकसान पहुंचा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 500 से ज्यादा पेड़ और 300 से ज्यादा बिजली के खंभे गिरे हैं। 940 गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। 4600 ग्रामीण इलाकों का शहरी क्षेत्र से संपर्क टूट गया है।
कच्छ में NDRF ने 45 लोगों को बचाया
कच्छ में गुरुवार शाम से ही जोरदार बारिश शुरू हो गई थी। जिले के लखपत गांव में कई घरों के डूबने से 45 से ज्यादा लोग फंस गए थे। सूचना मिलते ही NDRF की टीमें पहुंचीं और इन्हें सुरक्षित निकाल लिया। वहीं, जखौ तट पर ड्यूटी पर तैनात पीएसओ अनिल जोशी की हार्ट अटैक से मौत हो गई।
अब PHOTOS में देखिए चक्रवात से प्रभावित गुजरात का हाल…
कच्छ जिले के चित्राड गांव में हवाओं से गिरा पेड़।
कच्छ के बाढ़ग्रस्त इलाकों से लोगों का रेस्क्यू करती NDRF की टीमें।
जामनगर में एक घर पर गिरा बिजली का पोल। तूफान के खतरे को देखते हुए इलाके में दोपहर से ही बिजली काट दी गई थी।
जामनगर में एक ट्रांसफॉर्मर जमींदोज हो गया। इलाका पहले ही खाली करा लिया गया था।
द्वारका में एक कच्चे मकान की पूरी छत उड़ गई।
जखौ में तेज हवाओं के साथ हो रही मूसलाधार बारिश के बीच मरीज को अस्पताल ले जाती एंबुलेंस।
कच्छ के मांडवी में JCB से नाली बनाई जा रही है, ताकि इकट्ठा हुआ पानी निकाला जा सके।
कच्छ में तेज हवाओं से एक पेट्रोल पंप का आधा शेड ही उड़ गया।
भावनगर में एक गड्ढे में गिरने से 20 से ज्यादा बकरे-बकरियों की मौत हो गई।
भावनगर में माता सर्कल इलाके में भरा बारिश का पानी।
जामनगर में एंबुलेंस के लिए रास्ता बनाने सड़क से पेड़ हटाते हुए स्थानीय लोग।
राजकोट में तेज हवाओं और बारिश के चलते एक ट्रैक्टर पलट गया।
राधनपुर में एक विशालकाय पेड़ के हाईवे पर गिर जाने से वाहनों की आवाजाही रुक गई।
राजकोट के पापटपारा के अंडरब्रिज में पानी भरा हुआ है, जिससे दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही बंद हो गई है।

