तीन हजार करोड़ से ज्यादा की जमीनों पर साथियों के साथ मिलकर कब्जा करने वाले इनामी भूमाफिया सुरेंद्र संघवी काे शर्ताें के साथ 50 हजार के मुचलके पर हाई कोर्ट से जमानत मिल गई है। कोर्ट ने संघवी को स्पष्ट कह दिया है कि वह पूरी तरह से पुलिस का सहयोग करेगा। जब पुलिस बुलाए उसे आना होगा। केस से जुड़े किसी भी व्यक्ति, गवाह को डराए, धमकाए नहीं। इसके अलावा उसकी जमानत में देश छोड़कर नहीं जाने की शर्त भी जुड़ी हुई है। पुलिस ने इसकी संपत्ति कुर्की करवाने की कानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर दी थी।
फरवरी में पुलिस ने प्रशासनिक टीम के साथ मिलकर दी थी दबिश
भूमाफिया के खिलाफ 18 फरवरी को सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 3,250 करोड़ रुपए की जमीन भूमाफिया से मुक्त कराई गई थी। प्रशासन ने महज चार गृह निर्माण संस्थाओं की ही 6 हजार 890 करोड़ से ज्यादा की जमीन छुड़वा ली थी। इस जमीन से 3 हजार से ज्यादा पीड़ित सदस्यों का खुद की जमीन पाने का सपना पूरा होने वाला है। इसमें मजदूर पंचायत की पुष्प विहार कॉलोनी, देवी अहिल्या की अयोध्यापुरी और खजराना की हिना पैलेस में इन लोगों ने कब्जा कर रखा था। इंदौर जिले में कुल 858 सोसाइटियों में से 128 की शिकायतें मिली थी। इनमें से 17 भूमाफिया पर प्रकरण दर्ज किए गए थे।
17 भूमाफिया में से 16 फरार
प्रशासन के छापे में शहर के 17 भूमाफिया के खिलाफ 2 थानों में छह एफआईआर दर्ज कराई गई थी। रात में जब 100 से ज्यादा जवानों का फोर्स इनके घरों पर छापे मारने पहुंचा तो इनमें से 16 आरोपी गायब मिले। 2009 में भी प्रशासन ने भू-श्रवण अभियान चलाया था। 25 संस्था निशाने पर थीं। इस बार जिन 10 संस्थाओं के नाम आए हैं, ये उस सूची में भी शामिल थीं। तब की जांच भी अब तक लंबित हैं।
संघवी, मद्दा सहित 13 फरार माफियाओं का हुआ था गिरफ्तारी वारंट जारी
कुछ समय पहले तीन हजार करोड़ से ज्यादा की जमीनों पर कब्जा करने वाले फरार इनामी भूमाफिया सुरेंद्र संघवी, उसके बेटे प्रतीक संघवी सहित छह आपराधिक केस में आरोपी बने फरार 13 भूमाफियाओं का पुलिस ने कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी करवा लिया था। पुलिस इनकी संपत्ति कुर्की करवाने की कानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर रही थी।
इन पर दर्ज हुए मामले
खजराना और एमआईजी थाने में मजदूर पंचायत गृह निर्माण, देवी अहिल्या गृह निर्माण व हिना पैलेस खजराना के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था। अब तक बचते रहे दीपक जैन उर्फ दिलीप सिसौदिया उर्फ दीपक मद्दा के खिलाफ आधा दर्जन एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है। मजदूर पंचायत गृह निर्माण की पुष्प विहार काॅलोनी में दीपक जैन और उसके गुर्गे नसीम हैदर के अलावा जमीनें खरीदने वाले केशव नाचानी, ओमप्रकाश धनवानी के खिलाफ FIR दर्ज हुई है। इसी तरह देवी अहिल्या गृह निर्माण (अयोध्यापुरी कालोनी) के विमल लुहाड़िया, पुष्पेंद्र नीमा, दीपक जैन , रणवीरसिंह सूदन, दिलीप जैन, प्रतीक संघवी, मुकेश खत्री पर FIR दर्ज हुई है। हिना पैलेस में भी दीपक जैन पर FIR दर्ज कराई गई।
प्रशासन द्वारा भूमाफियाओं पर की गई कार्रवाई में देवी अहिल्या श्रमिक कामगार सहकारी संस्था के सदस्यों की रजिस्ट्री हो चुकी जमीन पर धोखाधड़ी से दोबारा रजिस्ट्री किए जाने की बात सामने आई है। इस मामले में सुरेन्द्र संघवी और प्रतिक संघवी सहित 8 आरोपियों पर एमआईजी थाना में प्रकरण दर्ज कराया गया है।
प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार छोटी खजरानी में विभिन्न खसरों की 16.60 एकड़ जमीन पर 396 प्लॉट विकसित कर अयोध्यापुरी कॉलोनी बसाई गई थी। यहां के सभी 396 प्लॉट की रजिस्ट्री संस्था के सदस्यों को साल 2002 तक कर दी गई थी। इसके बाद भूमाफियाओं ने अपना खेल शुरू किया और यहां के प्लाटों पर कब्जा करना प्रारंभ कर दिया। जमीन पर कब्जा करने के लिए यहां भूमाफियाओं द्वारा सैकड़ों ट्रक मलबा डालकर रास्ते को बंद भी कर दिया गया था।
24 फरवरी 2007 में देवी अहिल्या श्रमिक कामगार सहकारी संस्था के फर्जी कर्ताधर्ता विमल लुहाडिया और संस्था के डमी अध्यक्ष पागनीसपागा में रहने वाले रणवीर सिंह सुदन ने अयोध्यापुरी कॉलोनी के पहले से रजिस्टर्ड 96 प्लाॅटों को फर्जी कागजों के माध्यम से मेसर्स सिम्प्लेक्स इन्वेस्टमेंट एंड मेगा फाइनेंस के पक्ष में दोबारा रजिस्ट्री करवा दी। सिम्प्लेक्स इन्वेस्टमेंट कंपनी की तरफ से अधिकृत मुकेश खत्री ने 96 प्लॉटों की 4 एकड़ जमीन संस्था के तत्कालीन अध्यक्ष रणवीर सिंह सूदन से खरीदना बताया।
असली मालिकों को धमकाते थे आरोपी
अयोध्यापुरी कॉलोनी के सदस्यों द्वारा जब धोखाधड़ी की शिकायत प्रशासन से की गई। शिकायत में बताया गया कि कंपनी के पक्ष में दोबारा रजिस्ट्री होने के बाद दीपक जैन उर्फ दीपक मद्दा, प्रतीक संघवी उनके पिता सुरेन्द्र संघवी और मुकेश खत्री द्वारा 96 भूखंड धारियों को बुलाकर धमकाया जाने लगा। जांच में इस बात का पता चला कि इस अवैध रजिस्ट्री के पीछे सुरेन्द्र संघवी का हाथ था जो प्लॉटों के असली मालिकों को धमका रहा था।
2.20 करोड़ रुपए भी हड़प लिए संघवी व अन्य ने
सिम्प्लेक्स इन्वेस्टमेंट एंड मेगा फाइनेंस ने 4 एकड़ जमीन देवी अहिल्या श्रमिक कामगार सहकारी संस्था से 4 करोड़ रुपए में खरीदना बताई थी लेकिन संस्था के खाते में मात्र 1.80 करोड़ रुपए ही जमा कराए गए। शेष 2.20 करोड़ रुपए संस्था के कर्ताधर्ता और कंपनी के कर्ताधर्ता सुरेन्द्र संघवी व अन्य ने हड़प ली।
जांच के बाद दर्ज कराया प्रकरण
मामले में 8 आरोपियों के साथ ही अज्ञात आरोपियों के खिलाफ थाना एमआईजी में एसडीएम जूनी इंदौर द्वारा भरतीय दंड संहिता की धारा 406, 420, 467, 468, 471 और 120 बी के तहत प्रकरण दर्ज कराया गया है। इन्हीं आरोपियों के खिलाफ देवी अहिल्या श्रमिक कामगार सहकारी संस्था के सदस्यों द्वारा भी प्रकरण दर्ज कराया गया है।
इनके खिलाफ दर्ज हुआ केस
(1) रणवीर पिता मोहन सिंह सूदन, निवासी : पागनीस पागा इंदौर
(2) विमल लुहाडिया, निवासी : 209 तिलकपथ, इंदौर
(3) मेसर्स सिंप्लेक्स के संचालक दिलीप सिसोदिया, निवासी : 15 गिरधर नगर, इंदौर
(4) मेसर्स सिंप्लेक्स के संचालक दिलीप जैन, निवासी : 189, विश्वकर्मा नगर, इंदौर
(5) मेसर्स सिंप्लेक्स के संचालक पुष्पेंद्र नीमा, निवासी : 25 नर्सिंह बाजार, इंदौर
(6) मेसर्स सिंप्लेक्स के संचालक मुकेश खत्री, निवासी : 50 विनय नगर, इंदौर
(7) मेसर्स सिंप्लेक्स के संचालक प्रतीक सुरेन्द्र संघवी, निवासी : 21 प्रगती विहार, बिचौली मर्दाना इंदौर
(8) सुरेन्द्र संघवी, निवासी : 21 प्रगती विहार, बिचौली मर्दाना इंदौर

