एस पी मित्तल,अजमेर
अजमेर, जयपुर और टोंक जिले के कोई सवा करोड़ लोगों की प्यास बुझाने वाला बीसलपुर बांध अब छलकने को तैयार है। बांध के जल स्तर पर निगरानी रखने वाले जलदाय विभाग के कार्यवाहक एक्सईएन रामनिवास खाती ने बताया कि मौजूदा समय में भी बांध में प्रति घंटा पांच सेंटीमीटर की रफ्तार से पानी की आवक हो रही है। जल स्तर 315.20 मीटर के पार है। बांध की भराव क्षमता 315.50 मीटर है। बांध के भरने के साथ ही बांध के गेट भी खोल दिए जाएंगे। पानी की आवक की रफ्तार को देखते हुए ही बांध के गेट खोलने का निर्णय लिया जाएगा। यदि पानी की आवक कम होगी तो पहले एक गेट खोल कर जलस्तर को 315.50 बनाए रखा जाएगा। यानी 315.50 के जल स्तर के बाद जो भी पानी आएगा उसे बांध से निकाला जाएगा। अनुमान है कि 24 अगस्त की रात तक बांध का जलस्तर 315.50 हो जाएगा। हो सकता है कि रात के समय ही बांध के गेट खोले जाए। बांध से जुड़े बनास, खारी और डाई नदी के त्रिवेणी संगम पर गेज का स्तर कम हो रहा है। बांध से निकलने वाला पानी बनास नदी के माध्यम से सवाई माधोपुर से होता हुआ चंबल नदी में शामिल होगा। चंबल नदी पहले ही उफान पर है। चंबल की वजह से कोटा, बूंदी, झालावाड़ आदि जिलों में बाढ़ के हालात हैं। सवाई माधोपुर में जब बनास नदी भी चंबल में शामिल होगी तो चंबल का नदी का बहाव और तेज होगा।
तीन जिलों में राहत:
बीसलपुर बांध के भर जाने से अजमेर, जयपुर और टोंक जिले में राहत है। इन तीनों जिलों में बांध के पानी से ही पेयजल की सप्लाई होती है। सिंचाई विभाग के इंजीनियरों के अनुसार बांध में अब इतना पानी आ गया है कि आने वाले दिनों में टोंक के अनेक क्षेत्रों में बांध के पानी से सिंचाई भी हो सकेगी।

