सुसंस्कृति परिहार बंगाल चुनाव भाजपा के लिए चुनौती बन कर सामने हैं ।पहले हिंदी भाषी , हिंदुत्व के नाम और जय श्री राम के सहारे भाजपा ने बंगाल वैतरणी पार करने और दौ सौ पार जाने का सपना देखा था वह टूटता नज़र आ रहा है। टिकिट वितरण से पूर्व भाजपा हिंदी भाषी बहुत इलाकों में मज़बूत दिखाई दे रही थी वहां अब भाजपा की कमर टूटती जा रही है। उधर ममता चोट के बावजूद वोट पाने में अपना ग्राफ निरंतर ऊंचाई पर ले जा रहीं हैं । वाममोर्चे की ओर भी लोग लौटने लगे हैं।कयास ये लगाया जा रहा है कि भाजपा को तीसरे स्थान पर ही संतोष करना होगा । आज भारतीय जनता पार्टी ने बंगाल चुनावों के लिए अपना संकल्प पत्र जारी कर दिया है। बीजेपी ने बंगाल में अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए पहली कैबिनेट बैठक में ही सीएए को लागू करने का वादा किया है। महिलाओं की सुरक्षा पर फोकस करते हुए राज्य सरकार की नौकरियों में उन्हें 33 प्रतिशत आरक्षण देने की बात भी घोषणा पत्र में शामिल है। बहरहाल भाजपा के इस मैनीफेस्टो पर लोग यकीन करते नज़र नहीं आ रहे हां कुछ लोग ममता के दस वर्षीय शासन को सिर्फ इसलिए पलटना चाहते हैं कि इससे नेता तानाशाह बन सकते हैं लेकिन ममता के प्रति जनता की आम राय बहुत अच्छी है और वे मोदी,अमित,योगी जैसे नेताओं से सिर्फ एक ही सवाल पूछ रहे हैं कि वे बंगाल जैसा शांत भाजपा शासित एक भी राज्य बताएं तो उन पर विश्वास किया जाए?जिसका जवाब उनके पास नहीं है । भाजपा का हिंदुत्व कार्ड भी कमजोर पड़ता जा रहा है। भाजपा ने इस बार करीब 15 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया है। इससे समीकरण बदल गया है। एक महीना पहले तक जिस ध्रुवीकरण की बात हो रही थी, उस पर अब ज्यादा चर्चा नहीं हो रही है। इधर भाजपा आलाकमान की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। टिकट वितरण को लेकर स्थानीय कार्यकर्ता लगातार विरोध जाहिर कर रहे हैं। भाजपा ने गुरुवार को अपनी एक और लिस्ट जारी की। कार्यकर्ताओं का कहना है कि पार्टी ने जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ भेदभाव और अनदेखी की है। इसको लेकर मालदा, जलपाईगुड़ी, मुर्शिदाबाद, उत्तर 24 परगना सहित कई जगहों पर हिंसक विरोध-प्रदर्शन जैसे हालात हैं।भाजपा ने शिखा मित्रा को चौरंगी और तरुण साहा को काशीपुर बेलगछिया से टिकट दिया, लेकिन दोनों नेताओं ने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने से साफ इंकार कर दिया।जिस पार्टी ने तृणमूल के 150से अधिक लोगों को दलबदल करवा कर भाजपा का टिकट दिया है उससे भाजपा के पहले से जुड़े कार्यकर्ता नाराज़ हैं यह इस बात की भी पुष्टि करता है भाजपा के पास चुनाव लड़ने योग्य प्रत्याशी नहीं हैं।तृणमूल और बंगालियों का ये कहना कि सब चोर भाग गए अच्छा ही हुआ। नंदीग्राम में तृणमूल से भागे शुभेन्दु अधिकारी भाजपा प्रत्याशी को जनता ऐसा ही जवाब दे रही है।टिकिटार्रथी ना मिलने के कारण अब भाजपा में आए लोगों के परिवारजनों को शामिल करने में लगी है शुभेंदु के सांसद पिताजी और मुकुल राय के पुत्र आदि पर दांव लगाया जा सकता है। बंगाल का युवा, किसान, महिलाएं,मज़दूर और शांति पसंद लोग भाजपा के अब तक किए विभिन्न कार्यों से ख़फ़ा हैं उन्हें दीदी पसंद है वे बंगाली गौरव को पसंद कर रहे हैं।कहा जा सकता है भाजपा के पास इहकी कोई काट नहीं है।27मार्च से यहां मतदान शुरू हो जाएगा ।आठ चरण में चुनाव हैं । भाजपा इस लंबे वक्त का फायदा लेने की पूरी कोशिश करेगी।जनता को सचेत रहने की ज़रूरत है। क्योंकि हार की संभावनाएं उसे उत्तेजित कर सकती हैं।होली से पूर्व प्रारंभ चुनाव शांतिपूर्ण सम्पन्न हों इसके लिए चुनाव आयोग को सतर्क रहना होगा।