मप्र विधानसभा चुनाव के लिए BJP ने कैंडिडेट्स की पहली लिस्ट गुरुवार दोपहर जारी कर दी। इनमें इंदौर की राऊ सीट समेत मालवा-निमाड़ की 11 सीटें शामिल है। इंदौर जिले के राऊ से मधु वर्मा को फिर टिकट दिया गया है। वे 71 साल के हैं। पिछला चुनाव BJP यहां से 5700 वोटों से हार गई थी। यहां से कांग्रेस के जीतू पटवारी फिलहाल विधायक हैं। मालवा-निमाड़ में कुल 66 सीटें आती हैं। इनमें से जिन 11 सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए हैं, उनमें इंदौर की 1, खरगोन जिले की 2, देवास की 1, झाबुआ-आलीराजपुर की 3, धार की 2, उज्जैन की 2 सीट शामिल है।
जानकार इसे मालवा-निमाड़ में भाजपा की घेराबंदी की रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं। सूत्रों की मानें तो कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रहे पटवारी को भाजपा उनके गढ़ में ही घेरे रखना चाहती है। वे कमलनाथ सरकार में मंत्री भी रहे हैं। टिकट मिलने के बाद वर्मा ने एक लाख वोटों से जीतने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता इस बार कांग्रेस को एक लाख वोट से हराएंगे।
टिकट मिलने पर मधु वर्मा बोले- पार्टी को धन्यवाद देता हूं की मुझ पर पार्टी ने दोबारा विश्वास जताया है। पिछले चुनाव में 5 हजार वोट से हारा था। उस समय मुझे चुनाव लड़ने के लिए सिर्फ 13 दिन का समय मिला था। हारने के बाद मैंने और कार्यकर्ताओं ने विधानसभा में बहुत काम किया है। कोरोना के समय भी 3 महीने पूरी विधानसभा में घुमा। बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने विधानसभा में खूब काम किया है। मैं प्रतिद्वंदी को चुनौती नहीं मानता हूं। हम 1 लाख वोट से जीतू पटवारी को हराएंगे।
पिछला चुनाव हार गए थे वर्मा
मधु वर्मा इंदौर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रहते हुए अच्छी कार्य शैली वाले लीडर माने गए थे। 2018 के राऊ सीट के चुनाव में उन्होंने जीतू पटवारी जैसे नेता को मात्र 5 हजार 7 सौ वोटों के अंतर पर लाकर खड़ा कर दिया था। जीतू इससे पहले 2013 का चुनाव 15 हजार 925 वोटों से जीते थे।
राऊ से मधु वर्मा का नाम घोषित होने के बाद उनके घर पहुंचे समर्थक।
मधु वर्मा के प्लस प्वॉइंट्स
– राऊ विधानसभा में लगातार सक्रिय।
– मतदाता सूची में पन्ना लेवल तक कार्यकर्ताओं की खुद की फौज है।
– भाजपा के सीनियर नेता और संघ दोनों की पसंद।
मंत्री दर्जा प्राप्त रहे हैं वर्मा
मधु वर्मा पूर्व इंदौर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रह चुके हैं। मध्य प्रदेश के पिछड़ा आयोग वर्ग के कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी मिल चुका है। फिलहाल, वह बीजेपी के देवास जिले के प्रभारी के रूप में काम कर रहे हैं।
मालवा निमाड़ की 66 में से 11 सीटों के उम्मीदवार घोषित किए भाजपा ने
1. सोनकच्छ (देवास) – राजेश सोनकर, ग्रामीण भाजपा जिलाध्यक्ष और सांवेर के पूर्व विधायक 2. महेश्वर (खरगोन) – राजकुमार मेव, पूर्व विधायक महेश्वर 3. कसरावद (खरगोन) – आत्माराम पटेल, पूर्व विधायक कसरावद 4. अलीराजपुर – नागर सिंह चौहान, पूर्व विधायक 5. झाबुआ – भानु भूरिया, भाजपा जिलाध्यक्ष झाबुआ 6. पेटलावद (झाबुआ) – निर्मला भूरिया, पूर्व विधायक 7. कुक्षी (धार) – जयदीप पटेल, प्रदेश मंत्री भाजपा 8. धरमपुरी (धार) – कालू सिंह ठाकुर, पूर्व विधायक धरमपुरी 9. राउ (इंदौर) – मधु वर्मा, पूर्व IDA चेयरमैन और पिछले चुनाव के हारे हुए प्रत्याशी 10. तराना (उज्जैन) – ताराचंद गोयल, पूर्व विधायक 11. घटि्टया (उज्जैन) – सतीश मालवीय, पूर्व विधायक
सिंधिया समर्थक मंत्री सिलावट को सांवेर में राहत, BJP ने सोनकर को सोनकच्छ से टिकट दिया
इंदौर भाजपा ग्रामीण जिलाध्यक्ष राजेश सोनकर को देवास जिले की सोनकच्छ (SC) सीट से उतार दिया गया है। वे सांवेर सीट से दावेदार माने जा रहे थे लेकिन यहां से कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए मंत्री तुलसी सिलावट वर्तमान विधायक हैं। वे सिंधिया समर्थक माने जाते हैं। एडजस्टमेंट फॉर्मूले के तहत सोनकर को सोनकच्छ भेजा गया, इससे दोनों पक्ष सध गए हैं। हालांकि, सोनकच्छ के पूर्व विधायक राजेंद्र वर्मा को टिकट नहीं मिलने से लोकल BJP को साधना पड़ सकता है।
अब पांच नबर से दावा कर सकते हैं रणदिवे
मधु वर्मा को राऊ से प्रत्याशी घोषित किए जाने से अब इस सीट पर दावेदारी कर रहे भाजपा नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे का पूरा फोकस पांच नबर विधानसभा पर जा सकता है। यहां वर्तमान विधायक महेन्द्र हार्डिया के खिलाफ बगावत और हार्डिया की बढ़ती उम्र उन्हें रेस से बाहर कर सकती है। ऐसे में रणदिवे के रुप में चेहरे को मौका देकर पार्टी इस विधानसभा में बगावत को दबाने का प्रयास करेगी। पिछले चुनाव में हार्डिया की जीत का अंतर भी सिर्फ 1100 वोट से कुछ ज्यादा ही था। ऐसे में हार्डिया की जगह पांच नबर से नए चेहरे को मौका मिलना लगभग तय है। जातीय समीकरण और अन्य बिंदुओं पर नजर डालें तो रणदिवे का दावा मजबूत है।
राजेश सोनकर वर्तमान में इंदौर ग्रामीण भाजपा के जिला अध्यक्ष हैं। पार्टी संगठन के लिए लगातार सक्रिय होकर कई भूमिका में काम कर रहे हैं। प्रदेश चुनाव समिति संयोजक नरेंद्र सिंह तोमर के साथ ही दिल्ली आलाकमान के खास व पसंदीदा नेता हैं। संघ में पैठ है। भाजपा प्रदेश आलाकमान के कहने पर 2022 उप-चुनाव में तुलसी सिलावट के लिए काम कर उन्हें 53 हजार 264 वोटों की सबसे बड़ी जीत दिला चुके हैं।
सोनकर को सोनकच्छ भेजने से सांवेर से सिलावट के टिकट से संकट दूर हुआ
तुलसी सिलावट ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा। वर्तमान में जल संसाधन मंत्री हैं। कई मौकों पर सीएम के साथ जुगलबंदी करते नजर आ जाते हैं। राजेश सोनकर का सोनकच्छ से टिकट फाइनल होने से अब सिलावट को सांवेर से टिकट हासिल करने में किसी खास परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। पहले माना जा रहा था कि इस बार उन्हें सांवेर से टिकट के लिए जोर लगाना पड़ेगा। पार्टी ने उप-चुनाव में तुलसी सिलावट को टिकट देने के बाद से ही राजेश सोनकर को आश्वासन देती आ रही थी। लेकिन अब सोनकर का नाम सोनकच्छ से तय होने से तुलसी की राह आसान हो गई है।
पूर्व विधायक और राऊ से भाजपा के दावेदारों में शामिल जीते जिराती ने मधु वर्मा को टिकट मिलने पर खुशी जताई।
मुझे अपनी पार्टी पर गर्व है
राऊ सीट से मधु वर्मा के नाम की घोषणा होने के बाद इसी सीट से एक अन्य दावेदार और पूर्व विधायक जीतू जिराती ने खुशी जाहिर की है। जिराती ने कहा कि मुझे अपनी पार्टी पर गर्व है। मेरी पार्टी और उसके नेतृत्व में ही इतना दम हो सकता है। मेरी पार्टी के कामों में इतना दम हो सकता है जो इतनी ताकत से चुनाव के इतने समय पहले टिकटों की घोषणा की है। लंबे समय तक देश पर राज करने वाली कांग्रेस में तब भी इतना दम नहीं था, इतना साहसिक निर्णय लेने की ताकत नहीं थी कि इतनी जल्दी टिकट की घोषणा कर दे। मधु वर्मा जी मुझसे से बड़े हैं, सीनियर लीडर हैं। मैं उनको और बाकी 38 प्रत्याशियों को दिल की गहराईयों से शुभकामना देता हूं। उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं। पार्टी कार्यकर्ता होने के नाते मैं पूरे विश्वास के साथ कहता हूं कि हम बहुत ताकत के साथ चुनाव लड़ेंगे और मप्र में फिर भाजपा की सरकार बनाएंगे।

