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उज्जैन में लैंड पूलिंग के विरोध में BJP विधायक कालूहेड़ा

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मध्य प्रदेश के उज्जैन में Land Pooling Act के विरोध में किसानों का आंदोलन तेज होने जा रहा है. भारतीय किसान संघ ने 26 दिसंबर से ‘घेरा डालो, डेरा डालो’ आंदोलन का ऐलान किया है. किसानों का कहना है कि संशोधन नहीं, बल्कि कानून पूरी तरह रद्द किया जाए.

भारतीय किसान संघ उज्जैन में लैंड पूलिंग योजना का पिछले काफी समय से विरोध कर रहा है। इस योजना के विरोध में 18 जिलों के किसानों की बैठक के बाद 26 दिसंबर को उज्जैन में एक बड़ा आंदोलन करने की रणनीति तैयार होने लगी है। इसे लेकर उज्जैन उत्तर के विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा के एक बयान ने सभी को चौंका दिया है। उन्होंने कहा कि लैंड पूलिंग निरस्त होना चाहिए और वह 26 दिसंबर को उज्जैन में होने वाले किसानों के आंदोलन में उनके साथ हैं।

लैंड पूलिंग के विरोध में भाजपा के उज्जैन उत्तर विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने मोर्चा खोलते हुए कहा की लैंड पूलिंग निरस्त होना चाहिए। सिंहस्थ क्षेत्र में लगभग 10 लाख की आबादी बसी हुई है। मेरा चुनावी वादा था कि मैं इस भूमि को सिंहस्थ क्षेत्र से मुक्त कराऊंगा इसीलिए इस भूमि को आवासीय पत्र प्रदान किया जाना चाहिए। मैं सरकार के खिलाफ नहीं हूं, मैं किसानों के साथ हूं, जिन्होंने मुझे वोट दिया है। लैंड पूलिंग को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने खुद सीएम हाउस पर निरस्त किया था, लेकिन अब धाराओं में उलझा कर वापस इसे पास करने का प्रयास किया जा रहा है जो कि गलत है। उन्होंने कहा कि ना तो मैं किसी से डरता हूं और ना ही मुझे किसी की चेतावनी का कोई भय है, लेकिन जनप्रतिनिधि होने के नाते मेरा धर्म है कि मैं किसानों के साथ खड़ा रहूं। आपने कहा कि गलती किसी की भी हो, लेकिन उस क्षेत्र में लैंड पूलिंग नहीं होना चाहिए। लैंड पूलिंग निरस्त हो। शिप्रा नदी के किनारे 100 फीट की सड़क बनाई जाए साथ ही डामरीकरण वाली सड़कों का चौड़ीकारण हो, लेकिन रातडिया, सदावल रोड, उजडखेड़ा रोड, बड़नगर रोड के अलावा अतिरिक्त किसी सड़क का निर्माण नहीं किया जाना चाहिए। मैं अब किसानों के साथ हूं। 26 दिसंबर को उज्जैन में होने वाले आंदोलन के दौरान में अब किसानों के साथ खड़ा रहने को विवश हूं।

मध्य प्रदेश के उज्जैन में लैंड पुलिंग एक्ट के विरोध में एक बार फिर किसान बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं. इसी के चलते रविवार को भारतीय किसान संघ ने प्रांतीय स्तर की बैठक कर 26 दिसंबर से ‘घेरा डालो, डेरा डालो’ आंदोलन की घोषणा कर दी. चेतावनी दी कि एक्ट वापस नहीं होने पर किसान अब किसी की बात नहीं मानेंगे.

भारतीय किसान संघ ने लैंड पुलिंग के विरोध में फिर आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी. इसके चलते पहले लैंड पुलिंग से प्रभावित 17 गांव में किसानों ने खेतों में भगवा रंग के झंडे लगाए. रविवार को आंदोलन की रणनीति तय करने के लिए चिंतामण रोड पर संघ ने बैठक की. इसमें संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमल सिंह अंजना, लक्ष्मीनारायण पटेल, रमेश डांगी,अतुल माहेश्वरी, भारतसिह बैंस सहित 18 जिलों के 217 पदाधिकारी शामिल हुए. करीब 3 घंटे चली बैठक में 26 दिसंबर से प्रशासनिक संकुल भवन पर अनिश्चित कालीन घेरा डालो आंदोलन करना तय किया.

अब आंदोलन क्यों?

प्रदेश सरकार ने लैंड पुलिंग एक्ट बनाकर सिंहस्थ क्षेत्र में स्थाई निर्माण के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहित करने की योजना बनाई थी. भारतीय किसान संघ ने इसके विरोध में लगातार आंदोलन के बाद 18 नवंबर से प्रशासनिक भवन पर ‘घेरा डालो, डेरा डालो’ आंदोलन की घोषणा की थी. लेकिन 17 नवंबर को सरकार ने किसानों से बात कर लैंड पूलिंग एक्ट निरस्त की घोषणा की तो किसानों ने रद्द कर दिया. लेकिन 19 नवंबर को सरकार ने लैंड पुलिंग निरस्त की जगह संशोधन आदेश जारी कर दिया. एक्ट को वापसी के बजाय संशोधन से किसान भड़क गए और फिर आंदोलन की तैयारी कर ली.

किसान संघ की मांग 

भारतीय किसान संघ प्रदेश अध्यक्ष कमल आंजना ने कहा कि सरकार ने वादा खिलाफी की. इसलिए अब लैंड पूलिंग एक्ट का गजट नोटिफिकेशन रद्द करने ओर सिंहस्थ पूर्व की तरह करने की घोषणा तक आंदोलन जारी रहेगा. हम छह माह की तैयारी कर घेरा डालो आंदोलन करेंगे. इसके चलते प्रशासनिक भवन पर ही रहना, खाना, पीना और नित्य कर्म किए जाएंगे. साथ ही अन्य जिलों में भी आंदोलन पर विचार करेंगे.

क्या है लैंड पुलिंग एक्ट?

प्रदेश सरकार ने सरकारी योजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण करने के लिए लैंड पुलिंग का कानून बनाया. इसी के तहत सिंहस्थ के लिए  17 गावों की 3370 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित कर आध्यात्मिक सिटी बनाना तय किया था. भारतीय किसान संगठन इसे किसान विरोधी बताते हुए फरवरी माह से आंदोलन कर रहा था. इस पर केंद्र सरकार ने किसानों से बात करने के निर्देश दिए तो सीएम मोहन यादव ने 17 नवंबर को किसानों की बैठक बुलाई थी. 

किसान संघ ने ये रखी थी मांग 

  1. सिंहस्थ क्षेत्र में लैंड पुलिंग एक्ट समाप्त हो .
  2. उज्जैन सिंहस्थ क्षेत्र से नगर विकास योजना (TDS 8,9,10,11) लैंड पुलिंग एक्ट का गजट नोटिफिकेशन रद्द किया जाए व पूर्व की तरह सिंहस्थ आयोजित किया जाए.
  3. सिंहस्थ क्षेत्र में कोई भी स्थाई निर्माण न हो.

लैंड पुलिंग के विरोध में अबतक…

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