जयपुर , मानवाधिकार कार्यकर्ता, वरिष्ठ अधिवक्ता, श्रमिक संघठन सीटू के पूर्व राज्य सचिव, जनवादी लेखक संघ के संरक्षक , वरिष्ठ साहित्यकार प्रेम कृष्ण शर्मा के यात्रा वृतांत ‘सफ़र के झरोखे से’ पुस्तक का शनिवार को पिंकसिटी प्रेसक्लब सभागार, जयपुर में विमोचन हुआ।
‘एक और अंतरीप’ की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉक्टर सूरज पालीवाल ने कहा की यात्रा संस्मरण, पूरी दुनिया को जनवादी सोच से देखने की नई दृष्टि प्रदान करते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे साहित्यकार डॉ हेतु भारद्वाज ने इस अवसर पर कहा कि संस्मरण की सहज और सरल भाषा ही इसकी सबसे बड़ी विशेषता है। लेखक ने यहां बनावटीपन और काल्पनिकता के बजाए जैसा देखा, वैसा ही पेश किया है। कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर अजय अनुरागी में किया।
प्रेमकृष्ण शर्मा की रचित ‘सफर के झरोखे’ पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्यकार, कवि, अधिवक्ता एवं मानवाधिकार व सामाजिक कार्यकर्ता शामिल रहे। प्रमुख व्यक्तियों में प्रसिद्ध व्यंग रचनाकार संपत सरल, प्रगतिशील लेखक संघ के राज्य महासचिव ईश मधु तलवार, हरीश करमचंदानी, वरिष्ठ पत्रकार ओम सैनी, आशा पटेल, गांधीवादी नेता सवाई सिंह, समाजवादी नेता अर्जुन देथा, वामपंथी नेता नरेंद्र आचार्य, एडवोकेट अरविंद भारद्वाज, एडवोकेट कैलाश चंद, अनिल गोस्वामी, बसन्त हरियाणा, निशा सिद्दू, वरिष्ठ पत्रकार आशा पटेल, डॉ अमृत, शालनी शर्मा, हरिसिंह मीणा, खुर्शीद अहमद रहे।
प्रेम कृष्ण शर्मा रचित पुस्तक ‘सफ़र के झरोखे से’ का विमोचन

