22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद लॉन्च किए ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने पाकिस्तान और पीओके में घुसकर 9 आतंकी ठिकानों को तबाह किया. इसमें बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का हेडक्वार्टर भी शामिल था. इसे ध्वस्त करने के लिए भारत ने अपने सबसे पावरफुल हथियार का इस्तेमाल किया था.
सूत्रों के हवाले से बताया कि भारत ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि जैश-ए-मोहम्मद को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने बनाया था और उस एजेंसी को कड़ा संदेश देने के लिए सबसे शक्तिशाली हथियार का इस्तेमाल किया गया. हालांकि अभी ये साफ नहीं नहीं है कि वो सबसे शक्तिशाली हथियार कौन सा था. वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ ने कुछ इशारा देते हुए आज रविवार को कहा कि भारत ने पाकिस्तान पर हमले के लिए ब्रह्मोस का इस्तेमाल किया. उन्होंने कहा, “ब्रह्मोस की धमक रावलपिंडी तक सुनाई दी.”
भारतीय वायुसेना ने रविवार को कहा कि उसने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान उसे सौंपे गए कामों को सटीकता के साथ और राष्ट्रीय उद्देश्यों के अनुरूप सफलतापूर्वक अंजाम दिया. पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकवादी ढांचों को तबाह करने के लिए सात मई को यह अभियान शुरू किया गया था. पाकिस्तानी हमलों के बाद सभी जवाबी कार्रवाइयां ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत की गईं.

