भारत से पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 3,038 नए मामले सामने आए हैं। सक्रिय कोरोना मामलों की संख्या 21,179 हो गई है। साथी वकील की हत्या के विरोध में दिल्ली की सभी जिला अदालतों में हड़ताल,कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी करने के लिए कांग्रेस की बैठक,IPL में आज दिल्ली के अरूण जेटली स्टेडियम में गुजरात और दिल्ली की टीम के बीच मुकाबला,दिल्ली समेत कई राज्यों में बारिश को लेकर मौसम विभाग का अलर्ट,केरल के तिरुवनंतपुरम में डब्ल्यूसीडी मंत्रालय की दूसरी G20 तीन दिवसीय एम्पॉवर बैठक,वहीं, पश्चिम बंगाल और बंगाल में हिंसा का दौर जारी है। बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने हुगली जिले के रिशरा का दौरा किया, जहां कल पथराव हुआ था। वहीं, बिहारशरीफ के नालंदा में हुई हिंसा के बाद बिहारशरीफ में सद्भावना यात्रा निकाली गई। एसपी नालंदा ने कहा कि अभी तक 15 FIR और 130 गिरफ्तारी हुई है।
आज पूर्व कांग्रेस नेता और डेमोक्रेटिक आजाद पार्टी के चीफ गुलाम नबी आजाद की ऑटोबायोग्राफी लॉन्च होगी। ‘आजाद’ नाम की आत्मकथा का विमोचन कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मंत्री कर्ण सिंह करेंगे। इसमें आजाद ने अपने 55 सालों के राजनीतिक अनुभवों का जिक्र किया है। उन्होंने बुक लॉन्चिंग से पहले एक इंटरव्यू में PM मोदी की तारीफ की और कांग्रेस के सीनियर नेताओं पर सवाल उठाए।
आजाद ने मोदी को उदार बताते हुए कहा कि विपक्ष के नेता के तौर पर मैंने उनका कई बार विरोध किया। मैंने उन्हें धारा 370, CAA और हिजाब के मुद्दे पर भी नहीं बख्शा। लेकिन मोदी ने कभी भी बदले की भावना नहीं रखी। वो हमेशा एक नर्म दिल वाले राजनेता की तरह पेश आए। आजाद ने अगस्त 2022 में कांग्रेस से इस्तीफा देते हुए कहा था कि भारत जोड़ो यात्रा की जगह कांग्रेस जोड़ो यात्रा निकालनी चाहिए।
उधर, टाटा ट्रस्ट की ओर से इंडिया जस्टिस रिपोर्ट-2022 जारी की गई है। इसके मुताबिक, देश की जेलों में सिर्फ 22% कैदी ऐसे हैं, जिन्हें दोषी करार दिया गया है। इसके अलावा 77% कैदियों के खिलाफ अलग-अलग अदालतों में केस चल रहे हैं, जिन पर फैसला आना बाकी है। नॉर्थ-ईस्ट के ज्यादातर राज्यों में ऐसे कैदियों की संख्या तेजी से बढ़ी है।
वहीं टाटा ट्रस्ट ने एक करोड़ से ज्यादा आबादी वाले 18 राज्यों का सर्वे किया। इनमें इंसाफ देने के मामले में कर्नाटक पहले नंबर पर है। वहीं, तमिलनाडु दूसरे और तेलंगाना तीसरे नंबर पर है। उत्तर प्रदेश को सबसे आखिरी (18वां) स्थान मिला है। इंसाफ देने के मामले में यह रिपोर्ट पुलिस, ज्यूडिशियरी, जेल और कानूनी मदद के पैरामीटर पर तैयार की गई है।
1. आजाद बोले- PM राजनेता जैसा बर्ताव करते रहे, 370 खत्म हुई तो धरने में नहीं आए जयराम
यह तस्वीर 9 फरवरी 2021 की है, जब गुलाम नबी आजाद का राज्यसभा से कार्यकाल खत्म हो रहा था। उनके विदाई भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी भावुक हो गए थे।
आत्मकथा में आजाद ने लिखा है- गृह मंत्री अमित शाह ने जिस वक्त जम्मू-कश्मीर से 370 हटाने का ऐलान किया, मैंने अपना ईयर फोन फेंका और विरोध के लिए वेल में जाकर धरने पर बैठ गया। विपक्ष के नेताओं को भी मैंने वहां बुलाया, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि जयराम रमेश अकेले अपनी सीट पर बैठे रहे और धरने में शामिल ही नहीं हुए। तब वो राज्यसभा में पार्टी के चीफ व्हिप थे।
आजाद ने किताब में सलमान खुर्शीद को पर भी निशाना साधा है। आजाद के मुताबिक, सलमान ने G-23 में उनके रोल पर सवाल उठाए थे। खुर्शीद और कुछ दूसरे नेताओं ने उन्हें एक मकसद के लिए एकजुट हुए बागी करार दिया था। कुछ लोग तो कांग्रेस में ऐसे हैं जिन्होंने अपने पद का नाजायज फायदा उठाया और बदले में पार्टी को कुछ नहीं दिया। ये लोग अपनी मौजूदगी सिर्फ ट्विटर पर दर्ज कराते रहे।
2. देश की 30% जेलों में एक की जगह 3 कैदी, कर्नाटक एकमात्र राज्य जहां जेलों में 32% महिला कर्मचारी
इंडिया जस्टिस रिपोर्ट के मुताबिक, देश की 30% जेलें ऐसी हैं, जहां एक कैदी की जगह तीन या उससे ज्यादा कैदी रखे गए हैं। वहीं 54% जेलों में क्षमता से दोगुने कैदी हैं। विचाराधीन कैदियों की संख्या 2010 के बाद सबसे ज्यादा बढ़ी है। 2010 में यह तादाद 2.4 लाख थी, जो 2021 में करीब दोगुनी होकर 4.3 लाख हो गई। यानी इसमें 78% इजाफा हुआ है।
भारत की जेलों में सिर्फ 22% कैदी ही ऐसे हैं जिन्हें किसी अपराध में दोषी करार दिया गया है। इसके अलावा 77% कैदी ऐसे हैं, जिनके केस अलग-अलग अदालतों में चल रहे हैं और इन पर फैसला नहीं आया है। यानी ये विचाराधीन कैदी हैं। खास बात यह है कि नॉर्थ-ईस्ट के ज्यादातर राज्यों में अंडरट्रायल कैदियों का आंकड़ा तेजी से बढ़ा है।
यह आंकड़ा हाल ही में प्रकाशित 2022 की इंडिया जस्टिस रिपोर्ट में सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक विचाराधीन कैदियों की संख्या 2010 के बाद सबसे ज्यादा बढ़ी है। 2010 में यह तादाद 2.4 लाख थी, जो 2021 में करीब दोगुनी होकर 4.3 लाख हो गई। यानी इसमें 78% बढ़ोतरी हुई है।
रिपोर्ट में कहा गया है- विचाराधीन कैदियों को लंबे समय तक हिरासत में रखना इस बात का संकेत है कि केस खत्म होने में काफी वक्त लग रहा है। इससे न सिर्फ एडमिनिस्ट्रेटिव वर्कलोड बढ़ता है, बल्कि हर कैदी पर खर्च होने वाला बजट भी इसी वजह से बढ़ता है। इसका असर सरकारी खजाने पर पड़ता है।
देशभर में 11,490 कैदियों को 5 साल से ज्यादा कैद में रखा गया
2021 के आखिर में देशभर में 11,490 कैदियों को 5 साल से ज्यादा समय तक कैद में रखा गया था, जबकि ये आंकड़ा 2020 में 7,128 और 2019 में 5,011 था। हालांकि इस दौरान दौरान रिहा किए गए कुल विचाराधीन कैदियों में से 96.7% एक साल के भीतर जमानत पर छूट गए। कइयों को ट्रायल पूरा होने पर दोषी करार दे दिया गया।
16 राज्य और तीन केंद्र शासित प्रदेश में क्षमता से ज्यादा कैदियों को रखा गया था। बिहार में इसका आंकड़ा 2020 में 113% था, जो 2021 में बढ़कर 140% हो गया जबकि उत्तराखंड में ये आंकड़ा 185% था।
यूपी की जेलों में 40 साल तक की उम्र के 70 फीसदी कैदी बंद हैं। इन कैदियों को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी ने चिंता जाहिर की थी। पीएम ने जेल राज्यमंत्री धर्मवीर प्रजापति को दिल्ली में बुलाकर 45 मिनट तक मुलाकात की थी। उन्होंने जेल में कैदियों की स्थिति जानी। दैनिक भास्कर ने जेल राज्यमंत्री धर्मवीर प्रजापति से खास बातचीत की।
30% जेलें ऐसी हैं, जहां ऑक्यूपेंसी रेट 150% से ज्यादा
नेशनल लेवल पर लगभग 30% जेलें (391) ऐसी हैं, जहां ऑक्यूपेंसी रेट 150% या उससे ज्यादा है। यानी यहां पर एक कैदी की जगह तीन या उससे ज्यादा कैदी हैं। वहीं 54% जेल (709) ऐसी हैं, जहां 100% ऑक्यूपेंसी रेट है यानी यहां एक की जगह दो या उससे ज्यादा कैदी हैं। उदाहरण के तौर पर 18 बड़े और मध्यम राज्यों में से हरियाणा की जेलों में सबसे ज्यादा भीड़भाड़ है।
तमिलनाडु की कुल 139 जेलों में से 15 जेलें 100% से ज्यादा भरी हैं। वहीं दो तो 150% से भी ज्यादा भरी हैं। छोटे राज्यों की बात करें तो मेघालय की पांच जेलों में से चार क्षमता से ज्यादा भरी हुई हैं। इसके बाद हिमाचल प्रदेश की सभी जेलों में से 14 जेल 100% से ज्यादा भरी हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक- टेंपरेरी बेल या इमरजेंसी पैरोल पर रिहाई के बावजूद जेलों में कैदियों की संख्या में वृद्धि के दो अहम कारण हैं-
- गिरफ्तारी में बढ़ोतरी हो रही है।
- अदालतें अर्जेंट बेल को छोड़कर किसी और मामले की सुनवाई नहीं कर रही हैं।
कर्नाटक एकमात्र ऐसा राज्य जहां जेलों में 32% महिला कर्मचारी
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2021 में देश की जेलों में 1,391 मान्य पदों के मुकाबले केवल 886 ही कर्मचारी थे। मॉडल जेल मैन्युअल के मुताबिक 200 कैदियों के लिए जेल में एक सुधारक और 500 कैदियों पर एक मनोवैज्ञानिक अधिकारी होना चाहिए। तमिलनाडु और चंडीगढ़ के अलावा कोई भी अन्य राज्य/केंद्र शासित प्रदेश 200 कैदियों पर एक जेल अधिकारी के बेंचमार्क को पूरा नहीं करता है। वहीं कर्नाटक एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां कुल जेल कर्मचारियों में महिलाओं की संख्या 32% है।
वहीं 17 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश में जेलों में महिला कर्मचारियों की हिस्सेदारी 10% से भी ज्यादा नहीं है। पिछले पांच सालों (2017-2021) में देखा गया है कि 21 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश ने देर से ही सही, लेकिन स्थिर बदलाव किए हैं।
3. सिक्किम में एवलांच, चीन बॉर्डर पर हादसा, 7 सैलानियों की मौत, 23 को रेस्क्यू किया गया
सिक्किम के मशहूर टूरिस्ट प्लेस गंगटोक में एवलांच आया, जिसमें 7 सैलानियों की मौत हो गई। मरने वालों में चार पुरुष, दो महिलाएं और एक बच्चा शामिल है। बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (BRO) ने 6 पर्यटकों सहित 23 लोगों रेस्क्यू किया। एवलांच गंगटोक को नाथु ला दर्रे से जोड़ने वाले जवाहरलाल नेहरू मार्ग पर 14वें माइलस्टोन (पड़ाव) पर हुआ। इस इलाके में सैलानियों को जाने की परमिशन नहीं है।
सेना की ओर से जारी बयान के मुताबिक, बर्फ के नीचे पांच-छह वाहन फंस गए, जिनमें लगभग 30 लोग थे। शाम चार बजे तक बर्फ से सात शव निकाले जा चुके है, इनमें 11 की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें गंगटोक के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। PM नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सिक्किम में एवलांच में पर्यटकों की मौत पर शोक जताया।
4. नाम बदलने पर चीन को भारत का जवाब, कहा- ऐसा करने से हकीकत नहीं बदलेगी
भारत ने अरुणाचल प्रदेश की 11 जगहों के नाम बदलने की चीन की हरकत का विरोध किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा- हमारे सामने चीन की इस तरह की हरकतों की रिपोर्ट्स पहले भी आई हैं। हम इन नए नामों को सिरे से खारिज करते हैं। अरुणाचल प्रदेश भारत का आतंरिक हिस्सा था, हिस्सा है और रहेगा। इस तरह से नाम बदलने से हकीकत नहीं बदलेगी।
इसके पहले 2021 में चीन ने 15 जगहों और 2017 में 6 जगहों के नाम बदले थे। चीन अरुणाचल को ‘दक्षिणी तिब्बत’ का हिस्सा बताता है। उसका आरोप है कि भारत ने उसके तिब्बती इलाके पर कब्जा करके उसे अरुणाचल प्रदेश बना दिया है। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़ने ने मोदी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गलवान के बाद चीन को क्लीन चिट देने का नतीजा देश भुगत रहा है।
5. नाटो अलायंस का 31वां मेबर बना फिनलैंड, रूस ने कहा- ये हमारी सिक्योरिटी पर हमला
नाटो चीफ जेन्स स्टोलनबर्ग की मौजूदगी में अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन (सबसे दाएं) को ऑफिशियल डॉक्यूमेंट सौंपते फिनलैंड के विदेश मंत्री (बाएं से पहले)
फिनलैंड नाटो का 31 वां मेंबर बन गया है। संगठन के सेक्रेटरी जनरल जेन्स स्टोलनबर्ग ने फिनलैंड के मिलिट्री अलायंस में शामिल होने का ऐलान किया। नाटो का हेडक्वॉर्टर ब्रसेल्स में है। फिनलैंड के विदेश मंत्री पेक्का हाविस्तो ने नाटो हेडक्वॉर्टर में अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन को एक ऑफिशियल डॉक्यूमेंट सौंपकर औपचारिकता पूरी की। बहुत जल्द ही स्वीडन भी नाटो का हिस्सा बन सकता है।
स्टोलनबर्ग नॉर्वे के पूर्व प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने कहा- नाटो हेडक्वॉर्टर पर पहली बार फिनलैंड का झंडा फहराया गया। अब उसकी सिक्योरिटी का जिम्मा नाटो देशों का होगा। फिनलैंड के प्रेसिडेंट साउली निनीस्तो और डिफेंस मिनिस्टर एंत्ती काइकोनेन भी सेरेमनी का हिस्सा बने। इधर, रूस का कहना है कि फिनलैंड को नाटो में शामिल करना एक तरह से हमारी सिक्योरिटी पर हमला है, हम इससे निपटेंगे।
- चर्च में प्रचारक लोगों को विदेश भेजने का झांसा देकर थमाता था फर्जी वीजा, IGI पुलिस ने 3 एजेंट को हैदराबाद से किया गिरफ्तार
- नवीन निश्चल, नई दिल्ली विदेश जाकर वहां नौकरी और बसने की लालसा रखने वालों को ठगी का शिकार बनाने वाले एक गिरोह का दिल्ली की आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के तीन एजेंट को गिरफ्तार किया है, जो हैदराबाद में रहकर ऐसे लोगों को ट्रैप कर ठगते थे। इस गिरोह का एक सदस्य हैदराबाद के स्थानीय चर्च में धर्म प्रचारक भी है। अपने इस काम के दौरान भी लोगों का अपने पर उनके विश्वास का फायदा उठा उनके साथ फर्जीवाड़ा किया करता था। ये आरोपी उनसे रुपये लेकर उन्हें यूरोपीय देशों के फर्जी वीजा लगे स्टीकर दे देता था। पुलिस ने हैदराबाद में छापेमारी कर 60 वर्षीय एंथोनी पैट्रिक उर्फ ब्रो पैट्रिक, 44 वर्षीय सेबस्टियन मारियो और 49 वर्षीय डोमिनिक जोसेफ को गिरफ्तार किया है। एंथोनी पैट्रिक धर्म प्रचारक का काम करता है। इससे पहले 2021 में इनके द्वारा फर्जी वीजा दिए गए चार लोग सुमन चंद्र बॉन्डुगुला, मिक्की एंटनी मार्टिन, श्रीकांत रेड्डी सीलम और थम्बी जोसेफ सेलवनायगम को उस दिल्ली एयरपोर्ट समय इमिग्रेशन ने पकड़ा था जब वे चेक गणराज्य के फर्जी वीजा स्टीकर लगे हुए पासपोर्ट लेकर कोलंबो जाने के लिए आईजीआई एयरपोर्ट पहुंचे थे।
- नड्डा ने भाजपा महासचिवों के साथ बैठक की, विपक्ष को घेरने की रणनीति पर की चर्चा
- नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने मंगलवार को पार्टी के राष्ट्रीय महासचिवों के साथ एक बैठक कर संसद में व्यवधान और राहुल गांधी की ओर से ओबीसी समाज के कथित अपमान के मुद्दों पर विरोधी दलों को घेरने तथा छह अप्रैल को पार्टी के स्थापना दिवस से शुरू होने वाले कार्यक्रमों की तैयारियों को लेकर चर्चा की।सूत्रों ने बताया कि भाजपा के स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से देश भर के कार्यकर्ताओं को संबोधित भी कर सकते हैं। महासचिवों की बैठक में नड्डा ने इसकी तैयारियों का भी जायजा लिया। भाजपा अपने स्थापना दिवस यानी छह अप्रैल को सामाजिक न्याय सप्ताह के रूप में मनाती है। भाजपा सूत्रों का कहना है कि अपने स्थापना दिवस के दिन से ही कर्नाटक सहित आगामी विधानसभा चुनावों और लोकसभा चुनाव के प्रचार की रुपरेखा को दिशा देने की शुरुआत करने को लेकर भी इस बैठक में चर्चा की गई। हालांकि, भाजपा की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई। सूत्रों ने बताया कि बैठक में इसके अलावा भाजपा ओबीसी मोर्चा की ओर से राहुल गांधी द्वारा ओबीसी समाज के बारे में दिए गए कथित बयान को लेकर चलाए जाने वाले अभियान की भी चर्चा हुई। बैठक में मौजूद एक सूत्र ने बताया कि संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण विपक्षी दलों के हंगामे की भेंट चढ़ गया और इसकी वजह से जनता के पैसे की हुई बर्बादी को भी मुद्दा बनाने को लेकर बैठक में चर्चा हुई। ज्ञात हो कि भाजपा संसदीय दल की बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने पिछले दिनों पार्टी के स्थापना दिवस से संबंधित कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करते हुए इसे सामाजिक न्याय सप्ताह यानी बाबा साहब आंबेडकर की जयंती 14 अप्रैल तक मनाए जाने की बात कही थी।
- दिल्ली में एक दिन में कोरोना के 500 से ज्यादा केस, 1 की मौत
- राजधानी दिल्ली में कोरोना के मामले कम होने के बजाय बढ़ते ही जा रहे हैं। पिछले 24 घंटे में कोविड के 521 नए मामले सामने आए वहीं 216 मरीज ठीक हो कर घर गए हैं। इस दौरान एक व्यक्ति की मौत भी हुई है। पॉजिटिविटी रेट 15.64 प्रतिशत पर पहुंच गया है।
- केजरीवाल और भगवंत मान 5 अप्रैल को पंजाब में ‘सीएम दी योगशाला’ की शुरूआत करेंगे
- आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान बुधवार को राज्य में ‘सीएम दी योगशाला’ कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे। पार्टी ने एक बयान में यह जानकारी दी।पंजाब के मुख्यमंत्री ने एक दिन पहले कहा था कि उनकी सरकार चार शहरों-अमृतसर, लुधियाना, फगवाड़ा और पटियाला में इस कार्यक्रम की शुरुआत करेगी।पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने 7669400500 नंबर की एक हेल्पलाइन शुरू की है, जिस पर लोग ‘मिस्ड कॉल’ कर राज्य सरकार से निशुल्क योग शिक्षक की मांग कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यहां लोगों को आहार और योग के बारे में हर तरह की जानकारी मिल सकेगी। सिंह ने बताया, ‘आज, कई सारे लोग श्वसन प्रणाली, रक्तचाप, मधुमेह और हृदय संबंधी बीमारियों से पीड़ित हैं। उपचारात्मक योग इन सभी रोगियों की काफी मदद कर सकता है।’ उन्होंने कहा कि ‘सीएम दी योगशाला’ पहल के तहत योग सिखाने के लिए गुरु रविदास विश्वविद्यालय में 60 लोगों को प्रशिक्षित किया गया है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “‘सीएम दी योगशाला’ से लोग स्वस्थ जीवन जीएंगे, उन्हें आसानी से योग प्रशिक्षक और उचित मार्गदर्शन मिल सकेगा।’ गौरतलब है कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार ने 2021 में ‘दिल्ली की योगशाला’ कार्यक्रम की शुरुआत की थी। हालांकि, दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल वीके सक्सेना के बीच तकरार के मद्देनजर पिछले साल इस कार्यक्रम को रोक दिया गया था।
- नौकरी पाने के इच्छुक युवा शुरू करेंगे आंदोलन‘
- जॉब एस्पाइरेंट्स कलेक्टिव’ (जेएसी) समेत सौ से अधिक संगठनों ने रोजगार के वास्ते ‘राष्ट्रव्यापी युवा आंदोलन’ छेड़ने के लक्ष्य को लेकर ‘संयुक्त युवा मोर्चा’ बनाने के लिए आपस में हाथ मिलाया है। जेएसी के एक सदस्य ने मंगलवार को यह जानकारी दी।इस संगठन ने कहा कि वह हर बालिग के वास्ते ‘रोजगार के अधिकार’ को कानूनी गारंटी दिलाने के लिए अभियान शुरू करेगा और मूलभूत न्यूनतम वेतन के लिए भी लड़ाई लड़ेगा। उसने कहा कि वह सार्वजनिक क्षेत्र में सभी रिक्त पदों को ‘निष्पक्ष तरीके से एवं निश्चित समयसीमा के अंदर’ भरने की भी मांग करेगा। उसके एक बयान के अनुसार, बिहार एवं मध्यप्रदेश के शिक्षक अभ्यर्थी, उत्तर प्रदेश के पुलिस उम्मीदवार, सेना एवं रेलवे के अभ्यर्थी, आशाकर्मी, तथा पंजाब, तमिलनाडु, केरल, जम्मू कश्मीर समेत 22 राज्यों/ केंद्रशासित प्रदेशों के कई ऐसे अन्य संगठन इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए साथ आये हैं। इस अभियान को समर्थन दे रहे वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि इस संगठन में ‘लोकपाल से भी बड़ा एक आंदोलन बनने की क्षमता है।’सेवानिवृत आईपीएस अधिकारी यशोवर्धन आजाद ने कहा, ‘बेरोजगार युवाओं के बीच बहुत असंतोष है। युवा आंदोलन में इस निराशा को आशा में तब्दील कर देने की क्षमता है।’

