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ब्रेकिंग न्यूज:बृजभूषण केस…पुलिस ने 3 देशों से मदद मांगी,ऑनलाइन धर्मांतरण केस के बाद गेमिंग ऐप्स का रिव्यू होगा, CoWIN से लोगों का डेटा लीक

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TMC नेता ने दावा किया कि केंद्र सरकार के वेब पोर्टल CoWIN का डेटा लीक हुआ है। वहीं, बृजभूषण केस में दिल्ली पुलिस ने 3 देशों से मदद मांगी है। हम आपको आगे बताएंगे कि आखिर राजधानी पुलिस को विदेशों से क्या मदद चाहिए…

आज का प्रमुख इवेंट्स

  1. आज मोदी सरकार के छठवें रोजगार मेले का देश के 43 स्थानों पर आयोजन किया जाएगा। PM मोदी करीब 70 हजार लोगों को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे। ये नियुक्तियां केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के विभागों में की जा रही हैं। इससे पहले 16 मई को PM ने 71 हजार लोगों को नियुक्ति पत्र दिया था।
  2. बिपरजॉय तूफान को लेकर गृहमंत्री अमित शाह राज्यों के आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्रियों के साथ मीटिंग करेंगे। यह तूफान 14-15 जून को गुजरात के तटीय इलाकों से टकरा सकता है। फिलहाल तूफान गुजरात के पोरबंदर से 310 किलोमीटर दूर है।

WFI के चुनाव 4 जुलाई को होंगे, बृजभूषण केस में दिल्ली पुलिस ने 3 देशों से मांगी मदद

ये तस्वीर पहलवान विनेश फोगाट, बजरंग पूनिया और साक्षी मलिक की है। तीनों बृजभूषण के खिलाफ प्रदर्शन की अगुआई कर रहे हैं।

भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के चुनाव 4 जुलाई को होंगे। इसके लिए जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस महेश मित्तल कुमार को रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किया गया है। बृजभूषण शरण सिंह यह चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। वे लगातार तीन बार अध्यक्ष रहे। फेडरेशन के नियमों के मुताबिक, किसी पद पर एक व्यक्ति लगातार तीन बार से ज्यादा नहीं रह सकता।

उधर, दिल्ली पुलिस ने महिला पहलवानों के यौन शोषण केस में 3 देशों से मदद मांगी है। इनमें कजाकिस्तान, मंगोलिया और इंडोनेशिया शामिल हैं। पुलिस ने इन देशों के कुश्ती संघों को उन जगहों की CCTV फुटेज और फोटो देने को कहा है, जहां महिला पहलवानों ने बृजभूषण पर यौन शोषण के आरोप लगाए हैं।

TMC का दावा- वैक्सीन लगवाने वालों का डेटा लीक, सरकार ने जांच की बात कही

तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने दावा किया है कि कोरोना वैक्सीन लगवाने वालों का डेटा लीक हुआ है। यह डेटा केंद्र सरकार के वेब पोर्टल CoWIN के जरिए लीक हुआ। इनमें आम लोगों के अलावा बड़े नेताओं, अफसरों और पत्रकारों के नाम शामिल हैं।

गोखले ने दावे को साबित करने के लिए ट्विटर पर कई स्क्रीनशॉट शेयर किए। इनमें लोगों की सारी डिटेल दिख रही हैं। मामले पर सरकार ने कहा कि यह पुराना डेटा है। फिर भी हम इसकी जांच करवा रहे हैं। ताकि पता चल सके कि यह डेटा CoWIN पोर्टल का है या नहीं।

हालांकि गोखले के दावे पर सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय का कहना है कि यह पुराना डेटा है। फिर भी हमने इसे संज्ञान में लिया है। फिलहाल हम इसकी जांच करवा रहे हैं कि यह डेटा CoWIN पोर्टल का है या किसी और सोर्स के जरिए आ रहा है। हमने इस बारे में पोर्टल के अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है।

टीएमसी प्रवक्ता साकेत गोखले के सोमवार सुबह किए गए ट्वीट का स्क्रीन शॉट।

राजनीतिक हस्तियों समेत पत्रकारों का भी डेटा लीक
ट्विटर थ्रेड में गोखले ने यह भी दावा किया कि CoWIN पोर्टल के जरिए जिन लोगों का डेटा लीक हुआ है, उनमें राज्यसभा सांसद और टीएमसी नेता डेरेक ओ ब्रायन, पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम, कांग्रेस नेता जयराम रमेश और केसी वेणुगोपाल का भी नाम शामिल है।

वहीं गोखले ने जो दूसरा स्क्रीनशॉट शेयर किया है उनमें हेल्थ सेक्रेटरी राजेश भूषण, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव, अभिषेक मनु सिंघवी और संजय राउत का नाम है। इसके अलावा राजदीप सरदेसाई, बरखा दत्त, राहुल शिवशंकर जैसे पत्रकारों का भी डेटा लीक किया गया है।

गोखले ने राजनीतिक हस्तियों के अलावा कई वरिष्ठ पत्रकारों के लीक डेटा का स्क्रीन शॉट भी शेयर किया है।

पहले भी डेटा लीक होने के किए गए थे दावे
इससे पहले 2021 और 2022 में भी CoWIN पोर्टल में दर्ज लोगों का निजी डेटा लीक होने के दावे किए गए थे। उस समय भी सोशल मीडिया में वैक्सीन लगवाने वालों के आधार, वोटर आईडी कार्ड, पैन कार्ड और मोबाइल नंबर समेत कई जानकारियों के ढेरों स्क्रीन शॉट शेयर हुए थे। हालांकि भारत सरकार ने उन दावों को खारिज कर दिया था।

ISIS के 5 आतंकवादी करने वाले थे 26/11 जैसा हमला, गुजरात ATS ने गिरफ्तार किया

गुजरात ATS ने 10 जून को पोरबंदर से 5 लोगों को गिरफ्तार किया था। सभी आतंकवादी संगठन ISIS खुरासान के मेंबर हैं।

गुजरात ATS ने आतंकवादी संगठन ISIS के 5 आतंकवादियों को गिरफ्तार किया। ये आतंकवादी गुजरात में 26/11 (मुंबई) जैसा हमला करने की तैयारी में थे। इनमें से 4 आतंकवादी श्रीनगर के हैं और केवल 10वीं-12वीं कक्षा तक ही पढ़े हैं।

एक महिला आतंकवादी भी शामिल है, जो सूरत से अरेस्ट की गई। उसने कहा कि मैंने सूरत कोर्ट में हमले का प्लान बनाया था। इसको लेकर मुझे ट्रेनिंग दी गई थी। मैंने अदालत की रेकी भी कर ली थी। बस कमांडर के आदेश का इंतजार था।

महिला आतंकवादी सुमेराबानू ने बताया कि उसे सूरत कोर्ट में आत्मघाती हमला करने का फरमान मिला था। उसने कहा- मैंने सूरत की अदालत में हमले की तैयारी शुरू की थी, रेकी भी कर ली थी। बस कमांडर के आदेश का इंतजार था।

यह तस्वीर पोरबंदर की है, जहां, शनिवार को ATS टीम छापेमारी करने पहुंची थी।

छठवे आतंकवादी को गुजरात ATS ने कश्मीर से गिरफ्तार किया
पोरबंदर-सूरत से पकड़े गए आतंकियों के साथी जुबेर अहमद मुंशी नाम के छठे आतंकी काे गुजरात ATS ने कश्मीर से गिरफ्तार किया है। उसे ट्रांजिट रिमांड पर गुजरात लाया जा रहा है। जांच एजेंसियां इन आतंकवादियों को पनाह देने और मदद करने वालों की पहचान करने और तलाश में जुटी हैं।

आतंकवादियों से मिली डिजिटल डिवाइस, सभी भागने वाले थे
ATS सूत्रों के मुताबिक, इन सभी का अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन ISIS (K) से लिंक था। महिला के पास से चार मोबाइल और अन्य डिजिटल डिवाइसेज भी बरामद किए गए थे। गुजरात ATS के IG दीपेन भद्रन ने बताया था कि गिरफ्तार पांचों शख्स आतंकी संगठन ISIS खुरासान के मॉड्यूल का हिस्सा हैं। ये पिछले एक साल से एक-दूसरे के संपर्क में थे और ISIS में शामिल होने के लिए देश से भागने की योजना बना रहे थे।

ये सभी ISIS के मॉड्यूल पर काम करते हुए सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को कट्टरपंथी बनाने का काम कर रहे थे। साथ ही गुजरात से जुड़ी सीक्रेट इन्फॉर्मेशन विदेश भेज रहे थे। ATS पिछले कई दिनों से पोरबंदर और आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन चला रही थी। इसी ऑपरेशन के तहत इन पांचों की गिरफ्तारी की गई है।

दो साल के सबसे निचले स्तर पर महंगाई दर पहुंची, खाने-पीने का सामान सस्ता हुआ

देश में फुटकर महंगाई दर मई में घटकर 4.25% पर आ गई। यह 25 महीनों में महंगाई का सबसे निचला स्तर है। अप्रैल 2021 में महंगाई 4.23% थी। खाने-पीने की चीजों के दाम में गिरावट की वजह से महंगाई में कमी आई है।

ग्रामीण महंगाई दर 4.68% से घटकर 4.17% पर आ गई है। वहीं, शहरी महंगाई दर 4.85% से घटकर 4.27% पर आ गई है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह इकोनॉमी के लिए अच्छा संकेत है। अगर मानसून अच्छा रहता है तो महंगाई को कंट्रोल रखने में काफी मदद मिलेगी।

केंद्र सरकार ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स का रिव्यू करेगी, 3 तरह के ऐप बैन किए जाएंगे

ये वीडियो ऑनलाइन धर्मांतरण केस के मुख्य आरोपी खान शाहनवाज का है, जिसे रविवार को महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया गया।

ऑनलाइन गेमिंग के खिलाफ केंद्र सरकार सख्त कदम उठाने वाली है। केंद्रीय IT राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि हम 3 तरह के गेम बैन करेंगे। इसमें सट्टेबाजी करने वाले, देश की सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने वाले और लोगों की लत लगाने वाले ऐप शामिल हैं।

हाल ही में ऑनलाइन गेम के जरिए धर्म परिवर्तन का भी मामला सामने आया है। यूपी पुलिस ने महाराष्ट्र से शाहनवाज को गिरफ्तार किया है, जो ऑनलाइन गेमिंग ऐप से धर्म परिवर्तन करवाने का रैकेट चला रहा था।

गाजियाबाद में ऑनलाइन गेमिंग के जरिए धर्म परिवर्तन का मामला सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने सभी गेमिंग ऐप का रिव्यू करने का फैसला लिया है। केंद्रीय IT राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा- भारत में तीन टाइप के गेम्स पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। ऑनलाइन सट्‌टा खिलाने वाले ऐप भी बंद होंगे। इसके लिए नियमों का ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया है।

हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि गेम्स का क्लासिफिकेशन कैसे होगा।

गाजियाबाद पुलिस ने पकड़ा था धर्मांतरण सिंडिकेट
ऑनलाइन गेम खिलाने की आड़ में चल रहे धर्मांतरण सिंडिकेट में गाजियाबाद पुलिस ने हाल ही में कार्रवाई की थी। इस सिंडिकेट के मुख्य आरोपी माने जा रहे खान शहनवाज मकसूद उर्फ बद्दो को गाजियाबाद पुलिस ने रविवार को महाराष्ट्र के ठाणे जिले से गिरफ्तार किया था। बद्दो के खिलाफ 30 मई को गाजियाबाद के कविनगर थाने में FIR हुई थी।

ये खान शहनवाज मकसूद उर्फ बद्दो है, जिसे आज गाजियाबाद पुलिस ने महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया है।

धर्मांतरण के थे तीन स्टेप, पूरा गेम समझिए…
DCP निपुण अग्रवाल ने बताया- पुलिस ने इस केस में तीन पीड़ित बच्चों से पूछताछ की है। इसमें पता चला है कि धर्मांतरण के तीन स्टेप थे।

मंत्री ने कहा- तीन प्रकार के गेम्स होंगे बैन

पहली बार तैयार किया ऑनलाइन गेमिंग फ्रेमवर्क
मंत्री ने कहा, पहली बार हमने ऑनलाइन गेमिंग को लेकर एक फ्रेमवर्क तैयार किया है, जिसमें हम देश में 3 प्रकार के गेम्स की अनुमति नहीं देंगे। वर्तमान में गूगल का प्ले स्टोर और एपल का ऐप स्टोर दो प्रमुख एप्लिकेशन स्टोर हैं जो नई घोषणा से प्रभावित होंगे।

यूजर को बांधे रखने के लिए डिजाइन किए जाते हैं गेम्स
ज्यादातर गेम्स को साइकोलॉजी का इस्तेमाल करके आपको बांधे रखने के लिए ही डिजाइन किया जाता है। मनोवैज्ञानिक बताते हैं कि इन गेम्स की लत इसलिए लग जाती है क्योंकि इनका एक्सेस यूजर के हाथों में होता है। वह खाते-पीते हुए यहां तक कि बाथरूम में बैठकर भी खेल को जारी रखता है। कई उदाहरण ऐसे भी सामने आए हैं कि लोग काम के दौरान भी ऐसे गेम खेलते हैं और अपनी नौकरी गंवा देते हैं।

2 मामलों से समझते हैं कि कितनी खतरनाक है ऑनलाइन गैम्बलिंग…
केस-1 –
 भोपाल का 37 साल का युवक अमेरिका में इंजीनियर था। किसी कारण कुछ समय पहले वह भोपाल आ गया। कोविड में लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन गैम्बलिंग की लत लग गई। वह मोबाइल पर तीन पत्ती खेलने लगा। शुरुआत में तो फायदा हुआ। इससे उसका लालच बढ़ता गया। फिर धीरे-धीरे जाल में फंसता चला गया। वह परेशानियों में घिरने लगा।

नींद में बदलाव आने लगा। स्वभाव चिड़चिड़ा हो गया। घरवालों ने डेली रुटीन में बदलाव महसूस किया। करीब डेढ़ महीने से उसकी काउंसिलिंग हो रही है। उसने 6-7 साल में करीब 40 लाख रुपए गंवा दिए हैं। इसके अलावा एक 23 साल का युवा भी गेम की लत में पड़ गया। उसकी भी काउंसिलिंग की जा रही है।

केस-2 – सिंगरौली का सनत अपने नाना का लाडला था। नाना ने बुढ़ापे के लिए पाई-पाई जोड़कर बैंक में कुछ लाख रुपए जमा किए थे। एक दिन उन्हें पता चला कि बैंक से साढ़े आठ लाख रुपए किसी ने उनके नाम पर निकाल लिए हैं। जांच की तो पता चला कि ऑनलाइन जुए (गैम्बलिंग) की लत के चलते सनत ने ही फर्जी तरीके से खाते से पैसे निकाले थे। सारे पैसे वो ऑनलाइन गेम में हार गया फिर जेल जाना पड़ा।

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