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ब्रेकिंग न्यूज़ :तिहाड़ में गैंगवार, लॉरेंस के गुर्गे की हत्या,पीएम मोदी को भ्रष्टाचार से बहुत नफरत नहीं-सत्यपाल मलिक

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तिहाड़ की सुरक्षा पर गंभीर सवाल

दिल्ली का तिहाड़ जेल एशिया का सबसे सुरक्षित जेल माना जाता है। लेकिन यहां भी वर्चस्व की लड़ाई लड़ी जाती है। इसका उदाहरण है लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य प्रिंस तेवतिया जेल परिसर के अंदर चाकू से की गई हत्या। मर्डर की यह घटना ऐसे वक्त में हुई है जब वहां दिल्ली सरकार के दो मंत्री मनीष सिसोदिया और सत्येंद जैन अलग-अलग आरोपों के चलते तिहाड़ जेल में ही बंद हैं। प्रिंस तेवतिया की हत्या ने तिहाड़ की सुरक्षा पर ही गंभीर सवाल पैदा कर दिए हैं। दिल्ली पुलिस ने बताया कि प्रिंस की हतया के पीछे मुख्य आरोपी अत्तातुर रहमान भी शामिल है। सूत्रों ने बताया कि प्रिंस तेवातिया गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और हाशिम बाबा का करीबी माना जाता था। शुक्रवार को प्रिंस और अत्तातुर रहमान के बीच किसी बात को लेकर झड़प ही प्रिंस की मौत की वजह बनी है।

तिहाड़ की जेल नंबर 3 में बंद था प्रिंस
तिहाड़ के अधिकारी ने बताया प्रिंस तेवातिया (30) तिहाड़ स्थित जेल नंबर तीन में बंद था। उसे दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने दिल्ली कैंट इलाके में पिस्तौल दिखाकर एक लग्जरी गाड़ी लूटने के आरोप में गत वर्ष दिसम्बर में गिरफ्तार किया था। इसी जेल में अब्दुल रहमान बंद है। आज शाम अत्तातुर रहमान और प्रिंस के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर प्रिंस ने अत्तातुर रहमान पर हमला कर दिया। जिसके बाद दोनों के समर्थक आपस में भिड़ गए। अत्तातुर रहमान के समर्थकों ने प्रिंस के साथ मौजूद विनय और बॉबी को पकड़ लिया। उसके बाद आरोपियों ने मिलकर प्रिंस पर चाकू और सुआ से हमला कर दिया। आरोपियों ने करीब डेढ़ दर्जन से ज्यादा वार किए।

जेल में झगड़े की सूचना पर पहुंचे जेल अधिकारियों ने सभी को अलग किया और घायलों को तिहाड़ के सेंटर अस्पताल पहुंचाया, जहां से प्रिंस को डीडीयू अस्पताल रैफर कर दिया गया। डीडीयू में उपचार के दौरान प्रिंस की मौत हो गई। जबकि विनय, बॉबी, अब्दुल रहमान और उसके साथी घायल है।जेल प्रशासन की ओर से स्थानीय एसडीएम और हरिनगर थाना पुलिस ने गैंगवार की सूचना दी। जिसके बाद हरिनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

वर्चस्व को लेकर हुआ झगड़ा
जेल कर्मियों ने बताया कि अत्तातुर और प्रिंस के बीच तिहाड़ की जेल नम्बर तीन में वर्चस्व कायम करने को लेकर झगड़ा हुआ था। प्रिंस अक्सर जेल कर्मियों और अन्य कैदियों पर अपना वर्चास्व बनाए रखने के लिए रौब जमाता था। जिसे लेकर जेल में बंद अन्य कैदी अक्सर उसके गैंग के सदस्यों से झगड़ा करते थे। शुक्रवार को प्रिंस ने अत्तातुर रहमान के साथियों से काम के लिए बोल रहा था, जिसका उन्होंने विरोध किया। विरोध करने पर प्रिंस ने रहमान पर हमला कर दिया। दोनों के बीच झगड़ा बढ़ गया और दोनों के समर्थक आपस में भीड़ गए

आम आदमी पार्टी के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को CBI ने नोटिस भेजा है। उन्हें शराब नीति केस में पूछताछ के लिए रविवार को बुलाया गया है। इसी केस में मनीष सिसोदिया जेल में हैं। AAP नेता और दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन भी जेल में हैं। CBI के नोटिस पर AAP हमलावर है। पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह का कहना है कि दिल्ली विधानसभा में केजरीवाल के बयान के बाद उन पर दबाव बनाने के लिए नोटिस भेजा गया है। केजरीवाल ने विधानसभा में अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी की डिग्री और अडाणी से उनके रिश्तों पर सवाल उठाए थे।

असम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ गुवाहाटी में मेगा बिहू कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान का नजारा देखने लायक था। कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी और सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने दर्शकों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया है।

शराब घोटाले में केजरीवाल को सीबीआई का समन, बीजेपी पर भड़के आप नेता संजय सिंह

केजरीवाल को सीबीआई के समन पर आम आदमी पार्टी नेता संजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। संजय सिंह ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि केजरीवाल के खिलाफ साजिश रची गई है। संजय सिंह ने कहा कि अत्याचार का अंत जरूर होगा। केजरीवाल को इसलिए बुलाया गया है क्योंकि उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उछाई थी। केजरीवाल की लड़ाई रुकने वाली नहीं है। सिंह ने कहा कि नोटिस मिला है और 16 अप्रैल को केजरीवाल सीबीआई ऑफिस जाएंगे। केजरीवाल ने दिन रात काम किया, देश को शिक्षा, स्वास्थ्य का मॉडल दिया।

पीएम मोदी को भ्रष्टाचार से बहुत नफरत नहीं, J&K के बारे में कुछ नहीं जानते, पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने राम माधव पर भी लगाया बड़ा आरोप

बिहार, जम्मू-कश्मीर, गोवा और मेघालय के राज्यपाल रहे सत्यपाल मलिक यूं तो पद पर रहते हुए ही केंद्र सरकार पर हमलावर हो चुके थे, लेकिन अब रिटायरमेंट के बाद उन्होंने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर ले लिया है। उन्होंने एक अंग्रेजी न्यूज वेबसाइट द वायर को दिए इंटरव्यू में ऐसे-ऐसे दावे किए हैं जिससे बड़ा राजनीतिक बवंडर खड़ा हो सकता है। मलिक का दावा है कि प्रधानमंत्री मोदी को भ्रष्टाचार से कोई खास नफरत नहीं है। इतना ही नहीं, मलिक का दावा है कि पीएम मोदी को कश्मीर के बारे में कुछ भी नहीं पता है। उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री कश्मीर को लेकर गफलत में हैं और उन्हें कश्मीर के बारे में कोई ज्ञान नहीं है।’

मलिक ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से राज्य का दर्जा छीनकर उसे केंद्रशासित प्रदेश बना देना गलत है और उसे तुरंत राज्य का दर्जा लौटाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘पीएम मस्त हैं, बाकी भाड़ में जाए।’ उन्होंने दावा किया कि अगस्त 2020 में उन्हें गोवा से हटाकर मेघालय भेजा ही इसीलिए गया था क्योंकि उन्होंने पीएम मोदी को भ्रष्टाचार के कई मामलों को प्रदेश सरकार की तरफ से नजरअंदाज किए जाने की बातें बताई थीं। मलिक का दावा है कि पीएम के ईर्द-गिर्द के लोग ही भ्रष्टाचार में लिप्त हैं और वो अक्सर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का नाम लेकर करप्शन करते हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं सेफली (बिल्कुल बचते हुए) कह रहा हूं कि प्राइम मिनिस्टर को करप्शन से बहुत नफरत नहीं है।’

‘मोदी और डोभाल ने पुलवामा हमले पर चुप रहने को कहा था’

मलिक ने यह सनसनीखेज दावा भी किया कि फरवरी 2019 में पुलवामा में जो आतंकी हमला हुआ था, उसमें केंद्रीय गृह मंत्रालय की बहुत बड़ी गलती थी। सत्यपाल मलिक इस हमले के दौरान जम्मू-कश्मीर के ही राज्यपाल थे। इस घटना में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। पूर्व राज्यपाल का आरोप है कि पुलवामा हमला खासकर सीआरपीएफ और गृह मंत्रालय की अक्षमता और लापरवाही का नतीजा था। ध्यान रहे कि पुलवामा हमले के वक्त राजनाथ सिंह केंद्र सरकार के गृह मंत्री थे। मलिक ने दावा किया कि सीआरपीएफ ने अपने जवानों के लिए विमान मांगा था, लेकिन गृह मंत्रालय ने देने से इनकार कर दिया। उसके बाद सीआरपीएफ ने जिस जिस सड़क से जवानों को भेजा, पहले वहां की अच्छे से पड़ताल नहीं की।

जम्मू-कश्मीर के तत्कालीन राज्यपाल सत्यपाल मलिक का दावा है कि पुलवामा हमले के तुरंत बाद प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे फोन पर बात की थी और इस मामले पर किसी से ज्यादा नहीं बोलने की हिदायत दी थी। द वायर को दिए इंटरव्यू में मलिक ने यह भी कहा कि उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल ने भी उनसे पुलवामा हमले पर चुपचाप रहने को कहा था। मलिक का आरोप है कि इसका मकसद चुनावों में सरकार और बीजेपी को फायदा पहुंचाने के लिए पुलवामा हमले का सारा ठीकरा पाकिस्तान पर फोड़ना था, मुझे बाद में यह अहसास हुआ। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से 300 किलो आरडीएक्स लेकर गाड़ी जम्मू-कश्मीर के गांवों में 10-15 दिन घूमती रही और किसी को पता ही नहीं चला। यह खुफिया विभाग की बड़ी नाकामयाबी है।

महबूबा का प्रस्ताव क्यों ठुकराया था, मलिक ने बताया

मलिक ने महबूबा मुफ्ती पर भी झूठ बोलने का आरोप लगाया। महबूबा ने बीजेपी से गठबंधन टूटने पर नवंबर 2018 में नई सरकार गठन के गठन का दावा किया था। लेकिन बतौर राज्यापल ने उनका प्रस्ताव ठुकरा दिया था। उन्होंने ऐसा क्यों किया? इस सवाल पर मलिक ने कहा कि एक तरफ महबूबा ने नैशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के समर्थन का दावा किया था तो दूसरी तरफ एनसी ने उनसे (राज्यपाल से) विधानसभा भंग करने की मांग कर डाली क्योंकि पार्टी को विधायकों की खरीद-फरोख्त का डर था।

राम माधव पर गंभीर आरोप

मलिक ने बीजेपी नेता राम माधव पर भी गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि माधव ने एक पनबिजली योजना और रिलायंस इंश्योरेंस स्कीम की मंजूरी के लिए उनसे संपर्क किया था, लेकिन उन्होंने (मलिक ने) साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, ‘मैं गलत काम नहीं करूंगा।’ राम माधव ने मलिक के इस दावे को झूठा बताते हुए मानहानि का मुकदमा दर्ज करने की बात कही है।

1. मोदी की मौजूदगी में असम में बिहू डांस का बना वर्ल्ड रिकॉर्ड

असम के प्रसिद्ध बिहू फेस्टिवल में बिहू डांस का वर्ल्ड रिकॉर्ड बना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में गुवाहाटी के सुरसजाई स्टेडियम में 11304 कलाकारों ने डांस किया। इस दौरान 2548 कलाकार ढोल बजा रहे थे। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम ने प्रमाण पत्र दिया। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुवाहाटी में AIIMS का उद्घाटन किया। इसके अलावा नलबाड़ी, नागांव और कोकराझार में तीन मेडिकल कॉलेजों का वर्चुअली उद्घाटन किया।

PM मोदी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा- आजकल एक नई बीमारी देखने को मिल रही है। वो शिकायत करते हैं कि दशकों तक उन्होंने भी देश पर राज किया है, लेकिन उन्हें क्रेडिट क्यों नहीं मिला। क्रेडिट के भूखे लोगों और जनता पर राज करने की भावना ने देश का बहुत अहित किया है। वे क्रेडिट के भूखे थे और इसलिए पूर्वोत्तर उनके लिए बहुत दूर था। 

2. बेटे के जनाजे में जाने की मिन्नतें करता रहा अतीक, बोरे पर बैठे-बैठे कटी रात
अतीक अहमद और उसके छोटे भाई अशरफ से गुरुवार देर रात पुलिस ने पूछताछ शुरू की। रात 10.30 बजे के बाद दोनों को प्रयागराज के धूमनगंज थाने लाया गया। यहां दोनों को आमने-सामने बोरे पर बैठाकर पूछताछ की गई। दोनों को अभी धूमनगंज पुलिस थाने में ही रखा गया है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक इंटेरोगेशन के दौरान अतीक बार-बार एनकाउंटर में मारे गए बेटे असद के जनाजे में शामिल होने की मिन्नतें करता रहा। अतीक ने पुलिस अफसरों से बेटे की तस्वीर भी दिखाने को कहा। हालांकि पुलिस पूरी तरह पूछताछ पर फोकस रही क्योंकि माफिया की सिर्फ 4 दिन की रिमांड ही पुलिस को मिली है।

पुलिस के 200 सवालों के सामने माफिया कभी असहज और कभी उग्र नजर आया। ज्यादातर सवालों का जवाब देने से कतराता रहा। केवल हां, हूं में जवाब देता रहा। हालांकि बार-बार सवाल पूछने पर उसने कई बार जांच अधिकारियों को आंखें भी दिखाईं। 

3. केजरीवाल को CBI का नोटिस, शराब नीति केस में 16 अप्रैल को पूछताछ के लिए बुलाया

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को शराब नीति केस में CBI ने पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है। एजेंसी ने उन्हें 16 अप्रैल को सुबह 11 बजे CBI दफ्तर बुलाया है। नोटिस मिलने के बाद आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा- केंद्र सरकार अरविंद केजरीवाल को जेल में डालने की साजिश कर रही है, लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं। बता दें कि दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया इसी मामले में हिरासत में हैं। उन्हें 26 फरवरी को सीबीआई ने 8 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था। 

4. तिहाड़ जेल में गैंगवार, लॉरेंस के साथी प्रिंस तेवतिया का कत्ल
लॉरेंस गैंग से जुड़े कुख्यात बदमाश प्रिंस तेवतिया की तिहाड़ तेल में हत्या कर दी गई है। तिहाड़ के जेल नंबर तीन में हुई गैंगवार में प्रिंस को चाकू से गोदकर मार डाला गया। प्रिंस 16 केसों में नामजद था। दिल्ली क्राइम ब्रांच ने उसको गिरफ्तार कर तिहाड़ जेल भेजा था। प्रिंस ने दसवीं में ही पढ़ाई छोड़ दी थी। 2008 में वह पहली बार लड़ाई के मामले में अरेस्ट हुआ था। 2010 में पुलिस ने उसे दिल्ली में हत्या के मामले में गिरफ्तार किया। 5. अफ्रीकी देश मोजाम्बिक में मेड इन इंडिया ट्रेन में बैठे विदेश मंत्री जयशंकर

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर गुरुवार को ईस्ट अफ्रीकी देश मोजाम्बिक पहुंचे। यहां उन्होंने मेड इन इंडिया ट्रेन में सफर किया। इस दौरान उनके साथ मोजाम्बिक के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर माटेउस मागला और रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस के मालिक राहुल मित्तल भी थे। जयशंकर मोजाम्बिक की यात्रा करने वाले भारत के पहले विदेश मंत्री हैं।

यात्रा के दौरान जयशंकर ने मोजाम्बिक में भारत द्वारा बनाए गए बुजी ब्रिज का वर्चुअली उद्घाटन किया। उन्होंने कहा- ये द्विपक्षीय एकजुटता और दोस्ती का सबसे बड़ा उदाहरण है। ये पुल 670 मीटर लंबा है जो बुजी नदी पर बना है। ये 132 किलोमीटर लंबी टिका-बुजी-नोवा-सोफाला रोड परियोजना का हिस्सा है। साल 2018 से इस परियोजना पर काम जारी है। इसकी लागत 118 मिलियन अमेरिकी डॉलर, यानी करीब 962 करोड़ रुपए है। इसे एक्जिम-बैंक ऑफ इंडिया फाइनेंस कर रहा है।

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