पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थक सड़कों पर उतर आए हैं। केवल पाकिस्तान ही नहीं बल्कि ब्रिटेन समेत कई देशों में विरोध प्रदर्शन की तैयारी चल रही है। आज कर्नाटक में 224 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। आज एक लोकसभा और चार विधानसभा सीटों पर उपचुनाव भी है। उधर, हिंसाग्रस्त मणिपुर से दूसरे राज्यों को छात्रों को निकाला जा रहा है। IPL में आज दिल्ली कैपिटल्स और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच मुकाबला होगा।
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद PTI समर्थकों ने मुल्क के कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन किए। समर्थकों ने रावलपिंडी में आर्मी हेडक्वार्टर और लाहौर में आर्मी कमांडर्स के घरों पर हमला किया। लाहौर में फौज के एक कमांडर के घर को तहस-नहस करने के बाद आग के हवाले कर दिया गया। कुछ और फौजी अफसरों के घर पर हमले हुए हैं।
इस्लामाबाद, कराची, गुजरांवाला, फैसलाबाद, मुल्तान, पेशावर और मर्दन में भी हिंसा हुई है। इस्लामाबाद और पेशावर में धारा 144 लगा दी गई है। इमरान को पाकिस्तानी रेंजर्स ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट से गिरफ्तार किया। उन पर 100 से ज्यादा मामले दर्ज है। वे 2 मामलों में जमानत के लिए हाईकोर्ट पहुंचे थे। उन्हें 50 अरब रुपए से ज्यादा के अल-कादिर ट्रस्ट स्कैम केस में गिरफ्तार किया गया है।
राजस्थान के पूर्व डिप्टी CM सचिन पायलट अपनी ही सरकार के खिलाफ कल (11 मई) अजमेर से पदयात्रा निकालेंगे। करीब 125 किलोमीटर की यह यात्रा 5 दिन बाद जयपुर में खत्म होगी। पायलट ने बताया कि ये यात्रा सरकार के खिलाफ नहीं, करप्शन के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि अजमेर के RPSC (राजस्थान पब्लिक सर्विस कमीशन) से पेपर लीक हुए, इसलिए वहीं से यात्रा की शुरुआत होगी।
फौज को धमकी के 4 घंटे बाद इमरान की गिरफ्तारी, कहा था- सुन लो, मैं डरने वाला नहीं हूं
मंगलवार को लाहौर से पेशी के लिए इस्लामाबाद रवाना होने से पहले इमरान ने कार से वीडियो मैसेज जारी किया। कहा- फौज कान खोलकर सुन ले। मैं डरने वाला नहीं हूं और न पाकिस्तान छोड़कर जाऊंगा। इसके करीब 4 घंटे बाद ही उन्हें इस्लामाबाद हाईकोर्ट के बायोमेट्रिक रूम से शीशे तोड़कर गिरफ्तार कर लिया गया। इंडियन आर्मी भी पाकिस्तान के हालात पैनी नजर रख रही है।
हिंसा को देखते हुए आज मुल्क भर में प्राइवेट स्कूल बंद रहेंगे। PTI समर्थकों ने लंदन में पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया। वहीं, इस्लामाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस आमेर फारूक ने कहा कि गिरफ्तारी सही है, लेकिन तरीका गलत है। PTI ने पार्टी के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को आज सुबह इस्लामाबाद जूडिशियस काम्प्लेक्स में इकट्ठा होने को कहा है। साथ ही कहा कि जब तक इमरान की रिहाई नहीं हो जाती, तब तक देश भर में चल रहे धरने और विरोध प्रदर्शन जारी रहेंगे।
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को गिरफ्तार कर लिया गया है। खान को अल कादिर यूनिवर्सिटी स्कैम केस में मंगलवार को इस्लामाबाद हाईकोर्ट से गिरफ्तार किया गया। इमरान यहां 2 मामलों में जमानत के लिए पहुंचे थे।
खान की गिरफ्तारी के बाद उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के कार्यकर्ताओं ने रावलपिंडी में आर्मी हेडक्वॉर्टर पर हमला कर दिया। लाहौर में फौज के एक कमांडर के घर को आग के हवाले कर दिया गया। कई और फौजी अफसरों के घर हमले किए गए हैं।
पाकिस्तान से जुड़े लेटेस्ट अपडेट्स…
- हिंसा को देखते हुए आज देश भर में प्राइवेट स्कूल बंद रहेंगे।
- PTI ने अपने नेताओं और वर्कर्स को सुबह 8 बजे इस्लामाबाद ज्यूडिशियल कॉम्प्लेक्स में इकट्ठा होने के लिए कहा है।
- PTI नेता फवाद चौधरी ने कहा है कि पार्टी इस्लामाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी।
- पंजाब प्रांत में दो दिन के लिए धारा 144 लागू की गई है। पेशावर में 30 दिनों के लिए धारा 144 लगाई गई है।
- PTI नेता कासिम सूरी ने दावा किया है कि क्वेटा में प्रदर्शन के दौरान एक पार्टी कार्यकर्ता की मौत हो गई।
- इस्लामाबाद पुलिस ने बताया कि 5 अफसर घायल हुए हैं, जबकि 43 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है।
पाकिस्तान के कई शहरों में इमरान के समर्थक हिंसक प्रदर्शन कर रहे हैं।
केस बहाना, असली वजह कुछ और
- इमरान को अल-कादिर ट्रस्ट स्कैम केस में गिरफ्तार किया गया है। पाकिस्तान के अखबार ‘द डॉन’ के मुताबिक- अल कादिर ट्रस्ट घोटाला 50 अरब रुपए से ज्यादा का है और इसका फायदा इमरान, पत्नी बुशरा बीबी और बुशरा की दोस्त फराह गोगी ने उठाया।
- रविवार को एक रैली में इमरान ने खुफिया एजेंसी ISI की पॉलिटिकल विंग के चीफ फैसल नसीर पर बेहद संगीन आरोप लगाए थे। खान ने कहा था- फैसल मुझे कत्ल करना चाहते हैं। इसमें कुछ अफसर उनका साथ दे रहे हैं। फौज को मजबूरन सामने आकर इन आरोपों को खारिज करना पड़ा।
- इसके बाद, मंगलवार को लाहौर से पेशी के लिए इस्लामाबाद रवाना होने से पहले इमरान ने कहा- फौज कान खोलकर सुन ले। मैं डरने वाला नहीं हूं। इसके करीब 4 घंटे बाद ही उन्हें इस्लामाबाद हाईकोर्ट के बायोमेट्रिक रूम से शीशे तोड़कर गिरफ्तार कर लिया गया। माना जा रहा है कि फौज को चैलेंज करने के बाद ही खान की गिरफ्तारी तय हो गई थी।
भारत भी सतर्क
न्यूज एजेंसी एएनआई ने भारतीय रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से कहा- हमारी सेना पाकिस्तान के हालात पर पैनी नजर रख रही है। एलओसी और इंटरनेशनल बॉर्डर पर की निगरानी बढ़ा दी गई है।
इमरान खान को मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे गिरफ्तार किया गया।
हाईकोर्ट में कैसे हुई गिरफ्तारी
- एक चश्मदीद ने बताया- मंगलवार दोपहर जैसे ही इमरान खान हाईकोर्ट में दाखिल हुए, वैसे ही पैरामिलिट्री फोर्स (पाकिस्तान रेंजर्स) भी हाईकोर्ट में दाखिल हो गई। बख्तरबंद गाड़ियों से गेट ब्लॉक कर दिए गए। थोड़ी ही देर बाद इमरान को पकड़कर बाहर लाया गया। उन्हें जबरन गाड़ी में डाल दिया गया। इसके बाद ये गाड़ी पिछले दरवाजे से किसी अज्ञात जगह के लिए रवाना हो गई।
- होम मिनिस्टर ने क्या कहाखान की गिरफ्तारी के बाद होम मिनिस्टर राणा सनाउल्लाह ने कहा- इमरान और बुशरा बीबी को पिछले साल मई से ही नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (NAB) की तरफ से बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किए जा रहे थे। वो जांच में शामिल नहीं हो रहे थे। ये 50 से 60 अरब रुपए का घोटाला है। इस्लामाबाद से रावलपिंडी की दूरी करीब 23 किलोमीटर है। उन्हें वहां स्पेशल सिक्योरिटी में रखा गया है। बुधवार को उन्हें स्पेशल कोर्ट में पेश किया जाएगा।
इमरान की पार्टी PTI का आरोप है कि इमरान और उनके वकील को कोर्ट के बाहर पीटा गया।
आर्मी कमांडर के घर हमला
- इमरान की गिरफ्तारी के बाद लाहौर में एक आर्मी कमांडर के घर खान की पार्टी PTI के कार्यकर्ताओं ने हमला कर दिया। उनके घर में रखे बेशकीमती सामान तोड़ दिए और कुछ लूटकर ले गए। बाद में उनके घर को आग के हवाले कर दिया गया। कई दूसरे आर्मी अफसरों के घर भी हमले हुए हैं।
- पेशावर और कराची समेत देश के कई शहरों में पुलिस और PTI कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़पें हुईं हैं। कुछ लोगों के मारे जाने की खबर है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई।
- इमरान की पार्टी PTI की नेता मुसर्रत चीमा ने एक वीडियो मैसेज में कहा- खान को टॉर्चर किया जा रहा है। वो खान साहब को मार रहे हैं। पार्टी के ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट पर इमरान के वकील का भी वीडियो शेयर किया गया है।
चीफ जस्टिस ने पूछा- गिरफ्तार क्यों किया और किस केस में?
- इस्लामाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस आमेर फारूक ने गिरफ्तारी के बाद होम सेक्रेटरी और इस्लामाबाद के पुलिस चीफ को 15 मिनट के भीतर कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया। जस्टिस फारूक ने कहा- अगर पुलिस चीफ कोर्ट में पेश नहीं हुए तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को यहां बुलाएंगे। ये लोग कोर्ट में आएं और बताएं कि इमरान को किस मामले में और क्यों गिरफ्तार किया गया? हालांकि, रात करीब 11 बजे जस्टिस फारूक ने कहा- गिरफ्तारी सही है, लेकिन तरीका गलत।
- इमरान को अल कादिर ट्रस्ट केस में गिरफ्तार किया गया है। ये एक यूनिवर्सिटी से जुड़ा मामला है। इमरान ने बतौर प्रधानमंत्री इस यूनिवर्सिटी के लिए गैरकानूनी तौर पर अरबों रुपए की जमीन हासिल की। इस मामले का खुलासा पाकिस्तान की सबसे अमीर शख्सियत मलिक रियाज ने किया था। इमरान ने यह जमीन मलिक रियाज से ही ली थी।
- रिजाय ने आरोप लगाया था कि इमरान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी ने उन्हें गिरफ्तारी का डर दिखाकर अरबों रुपए की जमीन अपने नाम करा ली। बाद में रियाज और उनकी बेटी की बातचीत का एक ऑडियो लीक हुआ था। इसमें रियाज की बेटी कहती हैं कि बुशरा बीबी लगातार उनसे पांच कैरेट के हीरे की अंगूठी मांग रही हैं।
- खास बात यह है कि अल कादिर यूनिवर्सिटी में तीन ही ट्रस्टी हैं। इमरान, बुशरा और बुशरा की दोस्त फराह गोगी। इस यूनिवर्सिटी में सिर्फ 32 स्टूडेंट्स ही हैं। खान के ऊपर कुल मिलाकर 108 केस हैं। इनमें से 4 ऐसे हैं, जिनमें उनकी गिरफ्तारी तय है। यही वजह है कि खान इनमें से किसी भी मामले में अदालत के सामने पेश नहीं होते
इस्लामाबाद हाईकोर्ट से इमरान की गिरफ्तारी के बाद वहां भगदड़ की स्थिति बन गई थी।
इमरान को फौज से दुश्मनी भारी पड़ी
2018 में इमरान खान को प्रधानमंत्री फौज ने ही बनवाया था। बाद में ISI चीफ लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद के ट्रांसफर के मुद्दे पर उनका उस वक्त के आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा से विवाद हो गया।इसके बाद फौज ने शाहबाज शरीफ का दामन थाम लिया और इमरान की सरकार पिछले साल अप्रैल में गिरा दी।
इसके बाद से खान फौज के खिलाफ बयानबाजी करने लगे। उन्होंने बाजवा को गद्दार तक कहा। रविवार को खान ने एक रैली में फौज के एक बड़े अफसर फैसल नसीर पर कत्ल की साजिश रचने का आरोप लगाया।
सोमवार को फौज के मीडिया विंग (ISPR) ने एक वीडियो जारी किया। कहा- खान गलत इल्जाम लगा रहे हैं। उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इसके बाद इमरान ने मंगलवार को इस्लामाबाद हाईकोर्ट निकलने से पहले फिर एक वीडियो जारी किया। कहा- पाकिस्तान सिर्फ फौज का नहीं है। मैंने सच बोला है। एक फौजी अफसर दो बार मेरे कत्ल की साजिश रच चुका है। मैं मौत से नहीं घबराता। इसके बाद जैसे ही वो हाईकोर्ट पहुंचे, पाकिस्तानी रेंजर्स ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
2. दिल्ली यूनिवर्सिटी का राहुल गांधी को नोटिस, कहा- बिना परमिशन कैंपस में न आएं
दिल्ली यूनिवर्सिटी ने राहुल गांधी को नोटिस जारी कर कहा है कि वे भविष्य में यूनिवर्सिटी कैंपस में बिना अनुमति के न आएं। राहुल 5 मई को दिल्ली यूनिवर्सिटी के PG मेन्स हॉस्टल पहुंचे थे। उन्होंने यहां स्टूडेंट्स से बात की और उनके साथ लंच भी किया था। यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि इस तरह के दौरे से छात्रों की सुरक्षा को खतरा हुआ। उन्हें आने से पहले हमें जानकारी देनी चाहिए थी।
इससे पहले यूनिवर्सिटी के प्रॉक्टर ने कहा था राहुल के पास Z+ सुरक्षा है। अगर गलती से कुछ हो जाता है तो कौन जिम्मेदार होगा? इस बीच, कांग्रेस की छात्र शाखा नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए प्रशासन पर दबाव था। वहीं, रजिस्ट्रार ने कहा, ऐसा कोई दबाव नहीं है। यह अनुशासन का मामला है।
पायलट का गहलोत पर तंज- जिसका राजनीतिक-जीवन पैसे पर है, उसे सिर्फ पैसा दिखता है
सचिन पायलट ने गहलोत के आरोपों का जवाब देते हुए कहा, ‘पहली बार देख रहा हूं कि कोई अपनी ही पार्टी के सांसदों और विधायकों की आलोचना कर रहा है। भाजपा नेताओं की तारीफ और कांग्रेस नेताओं का अपमान मेरी समझ से बाहर है। यह पूरी तरह गलत है। मुख्यमंत्री की बातों से लगता है कि उनकी नेता वसुंधरा राजे हैं, सोनिया गांधी नहीं। जिनके दम पर CM बने, उन्हीं को बदनाम कर रहे हैं।’
शाह से पैसे लेने के गहलोत के आरोपों पर पायलट ने कहा, ‘किसी पर भी आरोप लगा दो कि हजार करोड़ खा गया, एक लाख करोड़ खा गया, इसका कोई मतलब नहीं है। अगर पब्लिक लाइफ में किसी के पास कोई तथ्य, प्रमाण है तो कार्रवाई कर देनी चाहिए थी। अब तक वह क्यों नहीं की गई। जिनका पूरा राजनीतिक जीवन सिर्फ पैसे के दम पर पनपा हो, शायद उनको हर चीज में पैसा दिखाई देता है।’
बिलकिस केस…SC ने कहा- तो अखबार में छपवा दीजिए, ताकि फिर सुनवाई न टालनी पड़े
बिलकिस बानो गैंगरेप केस के 11 दोषियों की रिहाई के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। एक दोषी के वकील ने कहा की मुवक्किल को कोर्ट का नोटिस नहीं मिला है, क्योंकि वह घर पर नहीं है। इस पर अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता एक बार फिर दोषी को नोटिस सर्व करने की कोशिश करें। अगर फिर भी दोषी को नोटिस न दिया जा सके, तो इसे अखबार में छपवा दीजिए।
अदालत ने कहा कि दोषी को नोटिस न मिलने की वजह से बार-बार मामले की सुनवाई टल नहीं सकती। अगली सुनवाई के लिए 11 जुलाई की तारीख तय की गई है। पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र और गुजरात सरकार को फटकार लगाई थी। जस्टिस केएम जोसेफ ने कहा कि आप चाहते ही नहीं कि बेंच इस मामले पर सुनवाई करे। आप केस जीत या हार हार सकते हैं, लेकिन अपने कर्तव्य को मत भूलना।
बिलकिस बानो गैंगरेप केस के 11 दोषियों की रिहाई के खिलाफ दाखिल याचिका पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान एक दोषी कोर्ट नहीं पहुंचा था। उसके वकील ने सुनवाई शुरू होते ही अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल को अभी तक कोर्ट का औपचारिक नोटिस नहीं मिला है, क्योंकि वह घर पर नहीं है। इस पर कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता एक बार फिर दोषी को नोटिस सर्व करने की कोशिश करें।
अगर फिर भी दोषी को नोटिस न दिया जा सके, तो नोटिस एक अंग्रेजी और एक गुजराती अखबार में छपवा दिया जाए। कोर्ट दोषी को नोटिस न मिलने की वजह से बार-बार मामले की सुनवाई टाल नहीं सकती। अब अगली सुनवाई 11 जुलाई को होगी।
इससे पहले 2 मई को भी दोषियों के वकील ने कोर्ट में एक दोषी को नोटिस न मिलने की बात कही थी। इसके बाद कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए 9 मई की तारीख तय की थी।
आज कोर्ट में दी गईं बड़ी दलीलें…
दोषियों के वकील- अभी एक शख्स को नोटिस नहीं दिया गया है, वो घर पर नहीं है।
बिलकिस की वकील शोभा गुप्ता- गुजरात पुलिस की मदद से उसे नोटिस देना का प्रयास किया गया, लेकिन हम सफल नहीं हुए। दोषी घर पर नहीं मिला, उसका फोन भी बंद था। परिवार के लोगों ने कहा कि हमें नहीं पता वो कहां है।
शोभा गुप्ता- दोषियों को हर हफ्ते पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट करने दें। कृपया आदेश 53 लागू करें, गिरफ्तारी के वारंट जारी किए जाएं।
सुप्रीम कोर्ट- SC रजिस्ट्री क्या कहती है? वह पूरी कार्यवाही को रोके हुए है। वह स्पष्ट रूप से जागरूक है, उनके वकील दूसरे मामले में पेश हो रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट- क्या दोषी के वकील नोटिस लेने के लिए तैयार हैं?
दोषियों के वकील- मेरे पास कोई जानकारी नहीं है कि वे कहां हैं।
सुप्रीम कोर्ट- सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ लूथरा, आप अदालत के एक अधिकारी के रूप में आप क्या सोचते हैं?
लूथरा- शायद नोटिस को अखबार में प्रकाशित किया जा सकता है। फिर इस मामले की सुनवाई छुट्टी के बाद जुलाई में होनी चाहिए।
भारत में पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर भी चर्चा हुई
मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एम जोसेफ ने “रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स” की ओर से प्रकाशित विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक का हवाला देते हुए कहा कि भारत पत्रकारिता स्वतंत्रता के मामले में 161वें स्थान पर है।
इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने रिपोर्ट की विश्वसनीयता और रैंकिंग पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह सब इस बात पर निर्भर करता है कि रैंकिंग कौन देता है। मैं भी किसी मामले में भारत को नंबर एक रैंकिंग दे सकता हूं।
कोर्ट ने कहा था- आप नहीं चाहते बेंच केस सुने
पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र और गुजरात सरकार को फटकार लगाई थी। जस्टिस केएम जोसेफ ने कहा कि आप चाहते ही नहीं कि बेंच इस मामले पर सुनवाई करे। जस्टिस जोसेफ ने कहा कि 16 जून को मैं रिटायर हो जाऊंगा। उस दौरान मैं छुट्टी पर रहूंगा, इसलिए मेरा लास्ट वर्किंग-डे 19 मई है। हमने यह साफ कर दिया था कि मामले को निपटारे के लिए सुना जाएगा।
आप केस जीत सकते हैं या हार हार सकते हैं, लेकिन कोर्ट के प्रति अपने कर्तव्य को मत भूलना। इसके बाद केंद्र-गुजरात सरकार ने 11 दोषियों की रिहाई से जुड़ी फाइलें कोर्ट में पेश करने पर सहमति जताई।
सरकार का आरोप- बिलकिस ने कोर्ट में झूठ बोला
उधर, केंद्र और गुजरात सरकार की ओर से कोर्ट में पेश हुए वकील ने बिलकिस की याचिका को फर्जी बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने हलफनामे में झूठ बोला है। सरकार के वकील ने कहा कि रिहा हुए 11 दोषियों में से कुछ को बिलकिस की ओर से नोटिस नहीं दिया गया।
इसके बाद भी बिलकिस ने कोर्ट में दाखिल हलफनामे में बताया कि सभी दोषियों को नोटिस दे दिया गया है। इसके लिए बिलकिस बानो के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। बानो की ओर से कोर्ट में पेश एडवोकेट शोभा गुप्ता ने इसका जवाब दिया। मैंने सभी दोषियों को मेल पर नोटिस भेज दिया था।
गुजरात सरकार को बिलकिस की याचिका पर आपत्ति
गुजरात सरकार ने 11 दोषियों की रिहाई के मामले में सुभाषिनी अली और महुआ मोइत्रा की ओर से दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई का भी विरोध किया। वकीलों ने कहा- उनकी याचिकाओं का केस से कोई संबंध नहीं है। साथ ही हमें बानो की याचिका पर आपत्ति है। इस पर सुनवाई की तो यह भानुमती का पिटारा खोलने जैसा होगा।
बिलकिस ने अपनी याचिका में गुजरात सरकार पर अपने मामले के दोषियों को समय से पहले रिहा करने का आरोप लगाया है। उन्होंने 11 दोषियों को रिहा किए जाने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
बिलकिस बानो ने 30 नवंबर 2022 को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
कोर्ट ने सरकार से दोषियों को रिहाई देने से जुड़ी फाइलें मांगी थीं
इस मामले में पिछली सुनवाई 18 अप्रैल को हुई थी। बेंच ने सरकार से दोषियों की रिहाई की वजह पूछी थी। कोर्ट ने कहा था- आज यह बिलकिस के साथ हुआ, कल किसी के साथ भी हो सकता है।
याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने केंद्र और गुजरात सरकार से दोषियों को समय से पहले रिहाई देने से जुड़ी फाइलें पेश करने के लिए कहा था। कोर्ट ने कहा था कि अगर आप दोषियों को रिहा करने की वजह नहीं बताते हैं तो हम अपना निष्कर्ष निकालेंगे।
SC ने पूछा- दोषियों को रिहा करके आप क्या संदेश दे रहे हैं?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह एक ऐसा मामला है, जहां एक गर्भवती महिला के साथ गैंगरेप किया गया और उसके सात रिश्तेदारों की हत्या कर दी गई। आप सेब की तुलना संतरे से कैसे कर सकते हैं? आप एक व्यक्ति की हत्या की तुलना सामूहिक हत्या से कैसे कर सकते हैं? यह एक समुदाय और समाज के खिलाफ अपराध है। हमारा मानना है कि आप अपनी शक्ति और विवेक का इस्तेमाल जनता की भलाई के लिए करें। दोषियों को रिहा करके आप क्या संदेश दे रहे हैं?
15 अगस्त को रिहा हुए थे दोषी
2002 में हुए गोधरा कांड के दौरान बिलकिस बानो से रेप किया गया था और उनके परिवार के लोगों की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 11 लोगों को दोषी ठहराया गया था। पिछले साल 15 अगस्त को गुजरात सरकार ने सभी दोषियों को जेल से रिहा कर दिया।
इसके बाद बिलकिस बानो ने 30 नवंबर 2022 को इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए याचिका दायर की थी। इसके अलावा सामाजिक कार्यकर्ता सुभाषिनी अली और TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने मामले के 11 दोषियों को रिहा करने के गुजरात सरकार के आदेश को रद्द करने की मांग की थी।
पति याकूब रसूल के साथ बिलकिस बानो।
बिलकिस ने दाखिल की थीं दो याचिकाएं
बिलकिस बानो ने 30 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में दो याचिकाएं दाखिल की थीं। पहली याचिका में 11 दोषियों की रिहाई को चुनौती देते हुए उन्हें तुरंत वापस जेल भेजने की मांग की थी। वहीं, दूसरी याचिका में कोर्ट के मई में दिए आदेश पर फिर से विचार करने की मांग की थी, जिसमें कोर्ट ने कहा था कि दोषियों की रिहाई पर फैसला गुजरात सरकार करेगी। इस पर बिलकिस ने कहा कि जब केस का ट्रायल महाराष्ट्र में चला था, फिर गुजरात सरकार फैसला कैसे ले सकती है?
गोधरा कांड के बाद भड़के दंगों में बिलकिस का गैंगरेप हुआ
गुजरात में गोधरा कांड के बाद 3 मार्च 2002 को दंगे भड़के थे। दंगों के दौरान दाहोद जिले के लिमखेड़ा तालुका में रंधिकपुर गांव में उग्र भीड़ बिलकिस बानो के घर में घुस गई। दंगाइयों से बचने के लिए बिलकिस अपने परिवार के साथ एक खेत में छिपी थीं। तब बिलकिस की उम्र 21 साल थी और वे 5 महीने की गर्भवती थीं।
दंगाइयों ने बिलकिस का गैंगरेप किया। उनकी मां और तीन और महिलाओं का भी रेप किया गया। इस दौरान हमलावरों ने बिलकिस के परिवार के 17 सदस्यों में से 7 लोगों की हत्या कर दी। वहीं, 6 लोग लापता हो गए, जो कभी नहीं मिले। हमले में सिर्फ बिलकिस, एक शख्स और तीन साल का बच्चा ही बचे थे।
5. द केरल स्टोरी उत्तराखंड में भी टैक्स फ्री, सुप्रीम कोर्ट फिल्म पर रोक की पिटीशन सुनेगा
यह तस्वीर महाराष्ट्र के ठाणे की है। यहां एक थिएटर के बाहर BJP कार्यकर्ताओं ने फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ देखने के लिए महिलाओं को फ्री मूवी टिकट दिए।
मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बाद अब उत्तराखंड सरकार ने भी द केरल स्टोरी को टैक्स फ्री कर दिया है। फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 15 मई को सुनवाई होनी है। हालांकि केरल हाईकोर्ट फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार कर चुका है। फिल्म अब पश्चिम बंगाल में बैन है। वहीं तमिलनाडु में कुछ थियेटर मालिक फिल्म चलाने से इनकार कर चुके हैं।
फिल्म द केरल स्टोरी की रिलीज पर रोक की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई को राजी हो गया है। कांग्रेस नेता और सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने मंगलवार को चीफ जस्टिस से याचिका पर जल्द सुनवाई की अपील की। इसके बाद अदालत ने सुनवाई के लिए 15 मई की तारीख तय कर दी है। पहले सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- फिल्म अच्छी है या नहीं, ये बजार तय करेगा।
फिल्म 5 मई को रिलीज हुई है और इसी दिन केरल हाईकोर्ट ने फिल्म का ट्रेलर देखा था। इसके बाद अदालत ने फिल्म की रिलीज पर रोक से इनकार कर दिया था। इस फिल्म की रिलीज बंगाल और तमिलनाडु में बैन कर दी गई है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में फिल्म को टैक्स फ्री कर दिया गया है।
फिल्म केरल के हालात पर आधारित है। केरल में कांग्रेस और दूसरी राजनीतिक पार्टियों का कहना है कि फिल्म एक समुदाय विशेष को टारगेट कर रही है।
हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट द केरल स्टोरी पर क्या कह चुके हैं…
सुप्रीम कोर्ट: पहले जब इस याचिका पर जल्द सुनवाई की अपील की गई, तब चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की बेंच ने कहा था- फिल्म बनाने के लिए एक्टर्स और प्रोड्यूसर ने मेहनत की है। आपको यह जरूर सोचना चाहिए। आपको फिल्म पर रोक लगाने के मामले में बहुत सावधान रहना चाहिए। अगर यह फिल्म अच्छी नहीं है तो ये बाजार तय कर देगा।
केरल हाईकोर्ट: 5 मई को जस्टिस एन नागरेश और जस्टिस सोफी थॉमस ने फिल्म पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा था- फिल्म केवल सत्य घटनाओं से प्रेरित है। फिल्म सर्टिफिकेशन बोर्ड ने इसे देखने के बाद रिलीज की इजाजत दी है। किसी समुदाय के लिए इसमें कुछ आपत्तिजनक नहीं दिख रहा है। किसी भी याचिकाकर्ता ने फिल्म देखी? प्रोड्यूसर कह रहा है कि फिल्म कुछ घटनाओं का काल्पनिक वर्जन है। वो उस टीजर को भी सोशल मीडिया से हटाने को राजी हैं, जिसमें 30 हजार महिलाओं के ISIS में शामिल होने की बात है।
यूपी के CM योगी आदित्यनाथ कैबिनेट के साथ देख सकते हैं फिल्म
द केरल स्टोरी को मध्य प्रदेश के बाद अब उत्तर प्रदेश में भी टैक्स फ्री कर दिया गया है। UP के CM योगी आदित्यानाथ ने सोशल मीडिया पर इस बात की जानकारी दी है। सूत्रों के मुताबिक, वे अपने कैबिनेट के साथ फिल्म भी देख सकते हैं।
डायरेक्टर बोले- फिल्म पर बैन राजनीति से प्रेरित
फिल्म के डायरेक्टर सुदीप्तो सेन ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि ममता बनर्जी ने बिना देखे फिल्म को बैन कर दिया है। इस फिल्म की वजह से राज्य में कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है। यह बैन पूरी तरह राजनीति से प्रेरित है। मैं उनसे अपील करता हूं कि वे फिल्म को देखें, फिर कोई फैसला लें। फिल्म मेकर अशोक पंडित ने कहा कि यह बैन अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला है।
फिल्म के डायरेक्टर सुदीप्तो सेन ने कहा- ममता पहले फिल्म देखें। फिर कोई फैसला लें।
फिल्म के क्रू मेंबर को धमकी, मैसेज भेजा- अकेले घर से बाहर मत निकलना
फिल्म के एक क्रू मेंबर को अनजान नंबर से धमकी भरा मैसेज आया है। इस मैसेज में लिखा है, ‘अकेले घर से बाहर मत निकलना। तुमने फिल्म में ये कहानी दिखाकर अच्छा नहीं किया।’ मुंबई पुलिस के मुताबिक, फिल्म के डायरेक्टर सुदीप्तो सेन ने ही इस बात की जानकारी पुलिस को दी थी।
पुलिस ने बताया कि उन्होंने धमकी पाने वाले क्रू मेंबर को सिक्योरिटी दे दी है। हालांकि अब तक इस मामले में कोई FIR दर्ज नहीं कराई गई है, क्योंकि उन्हें लिखित में शिकायत मिलनी बाकी है।
यह फिल्म आतंक और आतंकवाद के खिलाफ है- स्मृति ईरानी
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी मंगलवार को दिल्ली के चाणक्यपुरी में एक सिनेमा हॉल में फिल्म द केरल स्टोरी देखने पहुंचीं।
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति भी दिल्ली के चाणक्यपुरी में एक सिनेमा हॉल में फिल्म देखने पहुंचीं। फिल्म देखकर बाहर आने पर स्मृति ने कहा कि कुछ लोगों के लिए यह फिल्म कल्पना है लेकिन बहुत सारे केरल प्रदेश के लोगों के लिए यह हकीकत है। वह राजनीतिक दल जो लड़कियों को फंसाए जाने, जबरन धर्मांतरण और ISIS ब्राइड्स को झुटलाते हैं, मैं उनसे अपील करती हूं कि यह फिल्म आतंक और आतंकवाद के ख़िलाफ़ है।
अगर आपने इस फिल्म को अपने प्रदेश में रोका है तो आप देश को संकेत और संदेश दे रहें हैं कि आप आतंक के समर्थक हैं महिला सुरक्षा के नहीं। मैं ममता बनर्जी से पूछती हूं कि जिस फिल्म में आतंकवादी संगठनों का पर्दाफाश हुआ, जिस फिल्म में असल पीड़ित परिवार समाज, राष्ट्र, राजनीतिक दल से मदद की गुहार लगा रहीं, ऐसे में ममता बनर्जी पीड़ित महिलाओं का समर्थन करने के बजाए आतंकवादी संगठनों का समर्थन क्यों कर रहीं हैं? वोट बैंक की राजनीति समझ आती है, टेरर बैंक की राजनीति समझ के परे है।
इमरान खान की गिरफ्तारी को इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने बताया वैध
इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने इमरान खान की गिरफ्तारी को वैध करार दिया है। कोर्ट ने कहा कि गिरफ्तारी पाकिस्तान के कानूनों के अनुसार है। इस मामले में इस्लामाबाद आईजी के खिलाफ अदालत की अवमानना की कार्रवाई शुरू करने को भी कहा गया है। हाईकोर्ट के राजिस्ट्रार को कोर्ट परिसर में हुई तोड़फोड़ को लेकर केस दर्ज कराने को कहा गया है। राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो के डायरेक्टर जनरल और सरकारी वकील को सुनने के बाद यह फैसला सुनाया है।
ये जंग दूर तलक जाएगी! इमरान की गिरफ्तारी के बाद आर्मी हेडक्वॉर्टर और एयरबेस पर हमला
इस्लामाबाद: पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद से बवाल मचा हुआ है। राजधानी इस्लामाबाद सहित कई शहरों में इमरान खान की पार्टी पीटीआई के समर्थकों ने जमकर हंगामा और तोड़फोड़ की है। क्वेटा में प्रदर्शनकारियों के साथ झड़प में एक बच्चे की गोली लगने के मौत की रिपोर्ट है। रावलपिंडी में तो पाकिस्तानी सेना के मुख्यालय पर भी हमला किया गया है। इसके अलावा लाहौर कैंट में सैन्य कमांडरों के घरों में आगजनी की गई है। मियांवाली एयरबेस के बाहर एक जहाज के ढांचे को भी प्रदर्शनकारियों ने आग के हवाले कर दिया है। यह पहला मौका है, जब किसी विपक्षी नेता की गिरफ्तारी पर समर्थकों ने सीधे तौर पर पाकिस्तानी सेना को निशाना बनाया है। रेडियो पाकिस्तान की इमारत में भी आग लगा दी गई है।
संविधान खुद तोड़ता है परंपरा- सुप्रीम कोर्ट
समलैंगिक विवाह पर सुनवाई करते हुए देश की सर्वोच्च अदालत ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि क्या किसी को शादी करने का मौलिक अधिकार है, या क्या शादी करने का कोई मौलिक अधिकार नहीं है और इस बात पर जोर दिया कि संविधान खुद परंपरा तोड़ता है। भारत के चीफ जस्टिल डी.वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच-न्यायाधीशों की पीठ ने मध्य प्रदेश सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी से पूछा, समान लिंग के मुद्दे को भूल जाइए, क्या किसी को शादी करने का मौलिक अधिकार है?
बुधवार को राजस्थान दौरे पर जाएंगे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को राजस्थान का दौरा करेंगे, जहां वह 5,500 करोड़ रुपये से अधिक की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, सुबह करीब 11 बजे मोदी नाथद्वारा स्थित श्रीनाथजी मंदिर जाएंगे। इसके बाद वह नाथद्वारा में विभिन्न विकास पहलों का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। दोपहर लगभग 3.15 बजे, प्रधानमंत्री आबू रोड में ब्रह्मा कुमारियों के शांतिवन परिसर का दौरा करेंगे और एक सुपर स्पेशियलिटी चैरिटेबल ग्लोबल अस्पताल की आधारशिला रखेंगे। वे उदयपुर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की आधारशिला भी रखेंगे। (IANS)

